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फोटो को लेकर कार्यकर्ताओं पर भड़के वरुण गांधी, फिर महिला से कही ये बात, VIDEO वायरल

कार्यालय में फोटो को लेकर नाराज हुए सांसद. (फोटो- पीटीआई)

कार्यालय में फोटो को लेकर नाराज हुए सांसद. (फोटो- पीटीआई)

सांसद वरुण गांधी पीलीभीत दौरे के दूसरे दिन पूरनपुर इलाके के लगभग 20 गांवों में ताबड़तोड़ जनसभाएं करने के बाद दिल्‍ली लौट गए हैं.

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उत्‍तर प्रदेश के पीलीभीत के सांसद फिरोज वरुण गांधी दो दिवसीय दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र पहुंचे. इस दौरा उन्‍होंने शहर में स्थित नेहरू ऊर्जा उद्यान के पास ही संसदीय कार्यालय का उद्घाटन किया. इस दौरान सांसद वरुण गांधी की नजर कार्यालय में लगे अपने ही फोटो पर पड़ी, जिसे देखकर वह भड़क गए. इस फोटो के बाबत उन्‍होंने कार्यालय प्रभारी दीपक पांडेय को जमकर फटकार लगाई, तो वहां मौजूद लोग भी चौंक गए.

वरुण गांधी ने कहा, 'मेरा इतना गंदा फोटो किसने लगाया है. इसे तुरंत हटवाया जाए. इसके लिए पूछा क्‍यों नहीं गया.'

सांसद के आदेश के बाद हटा फोटो 
सांसद वरुण गांधी के आदेश के बाद आनन-फानन में कार्यालय से फोटो हटाकर साफ किया गया. हालांकि फोटो को लेकर कार्यकर्ता उन्‍हें सफाई देने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन वह किसी की सुनने को तैयार ही नहीं थे.

फिर हुई ये घटना....
कुछ देर बाद वरुण गांधी ने महिला को भी फटकारा दिया. दरअसल, कार्यालय उद्धघाटन के बाद वरुण गांधी जैसे जूते पहनने लगे, वहीं पास में खड़ी महिला उनको जूते पहनाने का प्रयास करने लगी तो सांसद ने नाराजगी दिखाते हुए कहा' क्या आप मेरी गोद में बैठेंगी.'

ताबड़तोड़ जनसभाएं करने के बाद दिल्‍ली लौटे सांसद
सांसद वरुण गांधी को अपने ही संसदीय कार्यालय में कार्यकर्ताओं की वजह से परेशानी हुई. हालांकि वह पीलीभीत दौरे के दूसरे दिन पूरनपुर इलाके के लगभग 20 गांवों में ताबड़तोड़ जनसभाएं करने के बाद दिल्‍ली लौट गए हैं. जबकि जनसभाओं के दौरान वरुण गांधी ने भाजपा के सदस्यता अभियान पर जोर देते हुए सरकार की योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी. इसके अलावा उन्‍होंने जिले के भाजपा अधिकारियों से भी सदस्‍यता अभियान पर फोकस रखने का आग्रह किया है.

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अलग रहने वाली पत्नी अगर आत्महत्या कर ले, तो पति पर उकसाने का मामला नहीं बनता: इलाहाबाद HC

UP: हाईकोर्ट ने पति के खिलाफ पारित दोषसिद्धि के आदेश को किया रद्द

Allahabad High Court order: न्यायमूर्ति अजय त्यागी की पीठ के समक्ष जगवीर सिंह उर्फ​ बंटू ने एक अपील दायर कर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, पीलीभीत के उस आदेश को चुनौती दी थी.

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प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने एक पति‍ काे पत्‍नी की आत्‍महत्‍या के मामले में राहत देते हुए कहा क‍ि सिर्फ प्रताड़ना भर से आत्महत्या के लिए उकसाने का केस नहीं बनता है. आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में जब तक उकसावे के लिए ऐक्टिव रोल साब‍ित न हो तब तक सिर्फ प्रताड़ना के आधार पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस नहीं बनता. हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह अपनी पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में एक पति के खिलाफ न‍िचली अदालत में दोषी ठहराने के आदेश को रद्द करते हुए कहा कि पत्नी को अपने जीवन से अलग करना उकसाने की श्रेणी में आने वाला एक कारण नहीं हो सकता है.

न्यायमूर्ति अजय त्यागी की पीठ के समक्ष जगवीर सिंह उर्फ​ बंटू ने एक अपील दायर कर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, पीलीभीत के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 498-ए और 306 के तहत दोषी ठहराया गया था. 14 दिसंबर, 2008 को शिकायतकर्ता ने थाना-जहानाबाद, जिला-पीलीभीत में एक लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी, जिसमें कहा गया कि उसकी पोती की हत्या हुई है. उसने बताया कि उसकी पोती की शादी जगवीर सिंह (अपीलकर्ता) से हुई थी. यह स्पष्ट था कि उसे जहर दिया गया है.

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अभियोजन का मामला यह है कि अपीलकर्ता और उसके माता-पिता मृतक की शादी में दिए गए दहेज से संतुष्ट नहीं थे और वे अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहे थे. जिसे पूरा न करने पर मृतक को प्रताड़ित किया गया था. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आईपीसी की धारा-306 के प्रावधान के मुताबिक आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपी के खिलाफ उकसाने के मामले में ऐक्टिव रोल होना चाहिए. या फिर उसकी ऐसी हरकत होनी चाहिए जिससे कि जाहिर हो कि उसने आत्महत्या के लिए सहूलियत प्रदान की है.

OMG! गाय ने कुत्ते की शक्ल के बछड़े को दिया जन्म, फिर लोग इस वजह से चढ़ाने लगे चढ़ावा

पीलीभीत में एक गाय ने कुत्ते शक्ल के बछड़े को दिया जन्म

Pilibhit News: पीलीभीत के बीसलपुर तहसील क्षेत्र में पड़ने वाले गांव रामनगर जगतपुर में रहने वाले केदारी लाल के यहां एक गाय ने बछड़े को जन्म दिया है, लेकिन बछड़े की शक्ल और कद काठी कुत्ते जैसी होने से क्षेत्र में जमकर चर्चा हो रही है.

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पीलीभीत. संसार में कुदरत के कारनामे देखने को लगातार मिला करते हैं. ऐसा ही एक अनोखा कारनामा यूपी के पीलीभीत (Pilibhit) में देखने को मिला, जहां पर एक गाय ने कुत्ते की शक्ल के बछड़े को जन्म दिया. जैसे ही इसकी सूचना लोगों को हुई तो वहां हुजूम उमड़ पड़ा. मौके पर मौजूद हर शख्स इस अनोखे बछड़े को देखकर हतप्रभ था. देखते ही देखते कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं. फिर क्या था कुछ लोग इसे कुदरत का करिश्मा बताते हुए चढ़ावा भी चढ़ाने लगे.

पीलीभीत जिले के बीसलपुर तहसील क्षेत्र में पड़ने वाले गांव रामनगर जगतपुर में रहने वाले केदारी लाल के यहां एक गाय ने बछड़े को जन्म दिया, लेकिन बछड़े की शक्ल और कद काठी किसी कुत्ते के पिल्ले जैसी थी. बछड़े के जन्म के बाद जहां केदारी लाल के घर पर गांव वालों का तांता लगा है, वहीं इस बछड़े के जन्म पर एक अनोखी और अद्भुत बात देखने को मिली. अब लोग उसकी पूजा कर रहे हैं.

क्या कहना है गाय के मालिक का
गाय के मालिक केदारी लाल का कहना है कि उसकी गाय ने इससे पहले भी बच्चे को जन्म दिया जो गाय के शक्ल और सूरत जैसी थी. मगर इस बार एक अनोखा रूप देखने को मिला, जो कुत्ते के जैसा है. वह खुद यह सब देखकर अचंभे में है.

चढ़ने लगा चढ़ावा
इस अनोखे बच्चे के जन्म पर जहां गांव के लोगों का हुजूम लगा हुआ है, वहीं लोग इस बछड़े पर चढ़ावा भी चढ़ाने लगे हैं. लोग इसको किसी अवतार से कम नहीं समझ रहे हैं.

Pilibhit News: जिले के इतिहास में जमीन की हुई सबसे महंगी रजिस्ट्री, जानें कितने में बिकी 257 एकड़ जमीन

पीलीभीत जिले के इतिहास की सबसे बड़ी रजिस्ट्री

Pilibhit News: बैंगलोर की एक प्राइवेट कंपनी एबी मौरी प्राइवेट लिमिटेड बैंगलोर ने इस रजिस्ट्री को कंपनी के डायरेक्टर विश्वनाथ मन्ना के नाम करवाया है. जिसका हेड ऑफिस ऑस्ट्रेलिया में है और इस खमीर फैक्ट्री को लगाने के लिए ऑस्ट्रेलिया से ही करार हुआ है.

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पीलीभीत. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के पीलीभीत रजिस्ट्री ऑफिस के इतिहास में बुधवार का दिन यानी 8 सितंबर इतिहास में दर्ज हो गया. इस जिले के इतिहास की सबसे बड़ी रजिस्ट्री यानी ज़मीन की खरीद फरोख्त (Land Purchsse) 8 सितंबर को कराई गई, जिसमें स्टाम्प ड्यूटी 5 करोड़ रुपए से ज्यादा की लगाई गई थी. जबकि रजिस्ट्री फीस 72 लाख 94 हजार 820 रुपए की लगी. यह रजिस्ट्री बेंगलुरु की एक प्राइवेट कंपनी ने कराई है.

दरअसल, पीलीभीत जिले के अमरिया तहसील में पड़ने वाला गांव भरा पचपेड़ा में एक खमीर फैक्ट्री लगाने का प्रस्ताव पास हुआ है, जो राज्य सरकार की तरफ से था. इसको लेकर जिला प्रशासन ने भी कमर कसी और उसने 257 एकड़ जमीन को ढूंढ निकाला और जिसकी शुरुआत कल यानी 8 सितंबर को हो गई. यानी कि बुधवार को इस काम के लिए जमीन की रजिस्ट्री करा ली गई.

किसने कराई रजिस्ट्री
बैंगलोर की एक प्राइवेट कंपनी एबी मौरी प्राइवेट लिमिटेड बैंगलोर ने इस रजिस्ट्री को कंपनी के डायरेक्टर विश्वनाथ मन्ना के नाम करवाया है. जिसका हेड ऑफिस ऑस्ट्रेलिया में है और इस खमीर फैक्ट्री को लगाने के लिए ऑस्ट्रेलिया से ही करार हुआ है. जिसकी  257 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री हो गई है और इसमें 5 करोड़ 10 लाख 64 हजार रुपया का स्टांप लगा है, जबकि रजिस्ट्री फीस 72 लाख 94 हजार 820 रुपए की लगी.

फैक्ट्री लगने पर सैकड़ों लोगों को मिलेगा रोजगार
कोरोना काल के संकट से उभरने के लिए सरकार ने लगभग सभी जिलों में प्रवासी मजदूरों व स्थानीय लोगों के लिए रोजगार मिले, इसके लिए उसने भरपूर कदम उठाएं. जिसके तहत पीलीभीत में भी खमीर की फैक्ट्री लगाने का प्रस्ताव पारित हुआ. इस फैक्ट्री के लगने के बाद यहां के तकरीबन पंद्रह सौ लोगों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से रोजगार मिलेगा, जिससे जिले में तरक्की के रास्ते भी खुलेंगे.

UP Monsoon Update: बंगाल की खाड़ी में बन रहा चक्रवाती तूफान, 15 अगस्त को पूर्वी यूपी में भारी बारिश की संभावना

UP: मौसम विभाग ने बारिश को लेकर ताजा अनुमान जारी किया है. (सांकेतिक तस्वीर)

UP Weather: अगले 5 दिनों के मौसम का अनुमान जारी करते हुए मौसम विभाग ने बताया है कि पूर्वी यूपी के ज्यादातर जिलों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी. बारिश का ज्यादा जोर नेपाल से सटे जिलों में यानी तराई के इलाके में देखने को मिल सकता है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर फिलहाल थमने वाला नहीं है. मौसम विभाग (Meteorological Department) के ताजा अनुमान के मुताबिक पूर्वांचल और तराई के 20 से ज्यादा जिलों में अगले कुछ घंटों में बारिश (Rainfall) की संभावना है. चिंताजनक बात यह है कि इनमें से ज्यादातर जिले पहले ही बाढ़ से प्रभावित हैं. ऐसे में लगातार बनी बारिश की संभावना से हालात और बदतर होने की आशंका है.

मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, अयोध्या, बस्ती, सुल्तानपुर, आजमगढ़, अंबेडकर नगर, जौनपुर, प्रतापगढ़, गाजीपुर, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर और महाराजगंज में बारिश की संभावना बनी हुई है. इन जिलों में मध्यम से हल्की बारिश का अनुमान है. तेज बारिश की संभावना फिलहाल नहीं दिखाई दे रही है.

अगले 5 दिनों के मौसम का अनुमान जारी करते हुए मौसम विभाग ने बताया है कि पूर्वी यूपी के ज्यादातर जिलों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी. बारिश का ज्यादा जोर नेपाल से सटे यानी तराई के जिलों में देखने को मिल सकता है. पश्चिमी यूपी में बारिश की संभावना कम दिखाई दे रही है. बुंदेलखंड में भी व्यापक बारिश की संभावना फिलहाल नहीं दिखाई दे रही है. हालांकि, पूर्वी यूपी के लगभग सभी जिलों में बादल छाए रहेंगे और मौसम खुशनुमा बना रहेगा.

मौसम विभाग के आकलन के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवाती तूफान बन रहा है. अगले 48 घंटे में इसका असर देखने को मिल सकता है. अभी तक के मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 15 अगस्त को पूर्वी यूपी में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. यदि ऐसा होता है तो पूर्वी यूपी में बाढ़ के हालात और बिगड़ सकते हैं. इसके बाद बारिश की तीव्रता में थोड़ी कमी देखने को मिल सकती है.

चौबीस घंटे में गोरखपुर में सबसे ज्यादा बारिश
बारिश की बात करें तो पिछले 24 घंटे में प्रदेश के 9 जिलों में बारिश दर्ज की गई है. सबसे ज्यादा बारिश गोरखपुर में 36.1 मिलीमीटर दर्ज की गई है. बलिया और बहराइच में 9 मिलीमीटर, चुर्क में 3, अयोध्या में 4 जबकि सुल्तानपुर में 2.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई.  इसके अलावा लखीमपुर खीरी, बनारस और रायबरेली में बहुत मामूली बारिश हुई है.

ज्यादातर शहरों का अधिकतम तापमान 35 डिग्री
उत्‍तर प्रदेश के ज्यादातर शहरों में दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस या इससे नीचे ही दर्ज किया गया. रात का तापमान 24 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है. वैसे तो पश्चिमी यूपी में ज्यादा बारिश नहीं हो रही है, लेकिन फिर भी तापमान में बढ़ोतरी देखने को नहीं मिल रही है. जिन जिलों में बादल छाए हैं, लेकिन बारिश नहीं हो रही है वहां उमस की समस्या झेलनी पड़ रही है.

दुल्हनिया लाने निकले दूल्हे को बॉर्डर पर पुलिस ने रोका, जानें क्यों लौटी बारात

पीलीभीत: बारात लेकर पहुंचे दूल्हे को पुलिस ने रास्ते में रोका

UP News: पीलीभीत से बारात लेकर निकला दूल्हा जब उत्तराखंड-यूपी बॉर्डर पर पहुंचा तो वहां रैपिड टेस्ट में वह कोरोना पॉजिटिव निकला. इसके बाद पुलिस ने पूरी बारात पार्टी को वापस लौटा दिया. अब दूल्हे के घरवालों का भी होगा टेस्ट.

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पीलीभीत. उत्तर प्रदेश के पीलीभीत (Pilibhit) जिले में गुरुवार को अजीबो-गरीब मामला सामने आया. यहां दूल्हा बारात लेकर अपनी दुल्हन को लेकर निकला था. दूल्हा बारातियों संग जैसे ही उत्तराखंड-यूपी बॉर्डर पर पहुंचा तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया. पुलिस ने जांच-पड़ताल शुरू की. जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने दूल्हा समेत बारातियों को वापस लौटा दिया. इसकी जानकारी जब लड़की वालों को हुई तो वह भी मौके पर पहुंचे. हकीकत की जानकारी होते ही लड़की पक्ष भी वापस लौट गया.

बता दें कि पीलीभीत शहर के गांव चंदौली में मुमताज नाम के लड़के की बड़ी धूमधाम से बारात निकली. मुमताज सज धज कर दूल्हा बनकर कार में बैठे उनके साथ उनके 40 साथी भी थे जो खटीमा के लिए रवाना हुए और रास्ते में उत्तराखंड के बॉर्डर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम इन लोगों की कोरोना जांच की. रैपिड टेस्ट किया गया जिसमें दूल्हा कोरोना पॉजिटिव पाया गया. खबर लगते ही दुल्हन के घरवाले बॉर्डर पर पहुंच गए और बातचीत का दौर घंटों चलता रहा.

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उत्तराखंड की 17 मील चौकी के प्रभारी जगत सिंह शाही का कहना है कि दूल्हा संक्रमित निकला है. सभी को वापस भेज दिया गया है अगर 14 दिन के बाद दूल्हे की रिपोर्ट नेगेटिव आती है उसके बाद ही यहां पर उसकी एंट्री दी जाएगी. पीलीभीत में तैनात सीएमओ सीमा अग्रवाल का कहना है कि दूल्हा मुमताज के घर एक मेडिकल टीम भेजी जाएगी सब की जांच कराई जाएगी. जितने लोग भी बारात में गए थे जब सभी की जांच होगी और अगर कोई भी कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है तो उसको होम आइसोलेट कर दिया जाएगा.

Pilibhit News: गांव में घुसे विशालकाय अजगर ने बिल्ली का किया शिकार, Video देख खुली रह जाएगी आंखें

पीलीभीत में एक विशालकाय अजगर ने बिल्ली को निवाला बनाया

Pilibhit Python Video: जानकारी के मुताबिक मंगलवार को जंगल से गांव में घुसे एक विशाल अजगर ने ग्रामीण महादेव के घर के समीप घूम रही एक बिल्ली को निगल लिया. जब अजगर बिल्ली का शिकार कर रहा था, उस वक्त वहां सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई.

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पीलीभीत. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के पीलीभीत (Pilibhit) जिले में जंगल जहां अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है, वहीं यहां रहने वाले जंगली जानवर ग्रामीणों के लिए किसी आफत से कम नहीं हैं. मानव-जीव संघर्ष की घटनाएं अक्सर यहां देखने को मिलती है. लेकिन पीलीभीत में इन दिनों एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें गांव में घुसे एक विशालकाय अजगर (Python) ने बिल्ली को अपना निवाला बना लिया। वायरल वीडियो पूरनपुर थाना क्षेत्र के चंदिया हजारा गांव का बताया जा रहा है.

जानकारी के मुताबिक मंगलवार को जंगल से गांव में घुसे एक विशाल अजगर ने ग्रामीण महादेव के घर के समीप घूम रही एक बिल्ली को निगल लिया. जब अजगर बिल्ली का शिकार कर रहा था, उस वक्त वहां सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई. तभी किसी ने अजगर द्वारा बिल्ली के शिकार का वीडियो मोबाइल से बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया.



33 सेकेंड के वीडियो में पूरी बिल्ली को निगलने के बाद अजगर वहां खड़े लोगों ने शोर-शराबा शुरू दिया. तब अजगर बिल्ली को अपने पेट से बाहर निकालकर खेतों की ओर जाने लगा. लेकिन तब तक बिल्ली की मौत हो चुकी थी. इस बीच वहां मौजूद लोगों ने भारी शोर-शराबा कर अजगर को जंगल की सीमा तक खदेड़ दिया. ग्रामीणों का कहना है कि अक्सर बारिश के मौसम में अजगर व अन्य जहरीले सांप गांव में घुस आते हैं. जिसकी वजह से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना रहता है.

पीलीभीत: होटल के कमरा नंबर 117 में मिली महिला की लाश, रेप के बाद हत्या की आशंका

पीलीभीत: होटल के कमरा नंबर 117 में मिली महिला की लाश

अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) पवित्र मोहन त्रिपाठी ने बताया कि, शहर के सुनगढी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कुमार होटल में बंद कमरे में एक महिला की हत्या का मामला संज्ञान में आया है, जिसको एक युवक द्वारा होटल में लाया गया था.

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पीलीभीत. उत्तर प्रदेश के पीलीभीत (Pilibhit) जिले में शुक्रवार देर शाम होटल में महिला (35) की संदिग्ध हत्या (Murder) से इलाके में सनसनी फैल गई. सूचना पर एएसपी सहित भारी पुलिस फोर्स, फॉरेंसिक टीम व डॉग स्क्वायड ने घटना स्थल का मौका मुआयाना कर शव को कब्ज़े में लेकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है. घटना थाना सुनगढ़ी क्षेत्र के चर्चित कुमार होटल की है.

बता दें कि थाना सुनगढ़ी क्षेत्र के मेन छतरी चौराहे पर स्थित कुमार होटल में दोपहर के वक्त एक युवक महिला के साथ आकर होटल के कमरा नंबर 117 में रुका. कुछ देर बाद युवक होटल से कहीं बाहर घूमने चला जाता है. देर शाम युवक (22) के होटल न लौटने पर होटल कर्मचारी कमरा देखने गया. कमरा बाहर से लॉक था, जिसके बाद खिड़की से देखने पर पता चला कि, बंद कमरे में महिला की लाश पड़ी है. जिसकी होटल कर्मचारी ने इसकी सूचना पुलिस को दी.

सैफई महोत्सव के प्रबंधक साइबर फ्राड का शिकार, SBI कार्ड बन्द कराने को Google से जो नम्बर लिया...

पुलिस ने आईडी देखी जिस नाम से कमरा बुक है तो पता चला कि कमरा बरेली के विकास के नाम से बुक था और विकास ही महिला को लेकर आया था. मौके पर फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वायड व एसएसपी सहित पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच कर घटना स्थल का मौका मुआयना कर रही है, और होटल मालिक व मैनेजर दीपक से पूछताछ कर रही है.

जल्द होगा हत्या का खुलासा- ASP
मामला सामने आने के बाद अपर पुलिस अधीक्षक पवित्र मोहन त्रिपाठी ने बताया कि, शहर के सुनगढी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कुमार होटल में बंद कमरे में एक महिला की हत्या का मामला संज्ञान में आया है, जिसको एक युवक द्वारा होटल में लाया गया था. उसका शव कमरे में पड़ा मिला मामले की जांच पड़ताल की जा रही है. जल्द ही हत्या का खुलासा कर दिया जाएगा. बताया जा रहा है कि होटल में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हुए थे.

बाघों के बढ़ते हमलों के बीच योगी सरकार ने उठाया बड़ा कदम, यूपी के इन जिलों में बनेंगे एक रिवाइल्डिंग और 4 रेस्क्यू सेंटर्स

टाइगर रेस्क्यू सेंटर्स और रिवाइल्डिंग सेंटर घायल वन्‍यजीवों के लिए फाफी उपयोगी रहेंगे.

Tiger Rescue Centres in UP: उत्‍तर प्रदेश में लोगों को पर बढ़ते बाघों के हमले से परेशान योगी सरकार (Yogi Government) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए चार नये रेस्क्यू सेंटर्स की स्थापना के साथ ही एक रिवाइल्डिंग सेंटर (Rewilding Center) बनाने का फैसला किया है. जबकि इसका निर्माण कंपनसेटरी डिफॉरेस्टेशन फंड मैनेजमेंट एंड प्लानिंग अथॉरिटी की निधि से किया जायेगा.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में टाइगर (Tiger) जैसे वन्यजीवों की संख्या में लगातार बढ़ात्तरी हो रही है, लेकिन बढ़ती आबादी के चलते उनका प्राकृतवास घटता जा रहा है. इसके चलते आये दिन मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं भी लगातार बढ़ती जा रही हैं. इस दौरान एक ओर जहां जंगलों के आस-पास बसें गांवों में टाइगर लोगों को अपना निवाला बनाते नजर आ रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर जनहानि को रोकने के लिए किये जाने वाले रेस्क्यू ऑपरेशन (Rescue Operation) में इन वन्यजीवों को भी एक बडे़ स्तर पर नुकसान हो रहा है, क्योंकि रेस्क्यू ऑपरेशन में घायल वन्यजीवों का पहले सैकड़ों किलोमीटर दूर स्थित चिड़ि‍याघरों या फिर रेस्क्यू सेंटर में ले जाकर उनका इलाज किया जाता है. ऐसे में योगी सरकार (Yogi Government) ने इन वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रदेश के 4 क्षेत्रो में 4 नये रेस्क्यू सेंटर्स की स्थापना के साथ ही एक रिवाइल्डिंग सेंटर की भी स्थापना किए जाने का फैसला किया है.

दरअसल, अब तक उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में अगर टाइगर जैसा कोई खतरनाक वन्य जीव जंगल से भटक कर गांवों या शहरो तक पहुंच जाता है, तो ऐसी स्थित में एक तो वो खुद लोगों के जीवन के लिए सबसे बड़ा खतरा बन जाता है, वहीं कई बार उससे बचने के लिए या तो स्थानीय लोगों द्वारा उस पर हमला बोल दिया जाता है. जबकि कई बार ऐसे वन्यजीव रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान भी गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं, जिसके बाद इन वन्यजीवों की जान बचाने के लिए काफी लंबी दूरी तय करके इन्हें सिर्फ लखनऊ और कानपुर स्थित चिड़ि‍याघर में ही लाकर इनका सही से इलाज किया जाता है. जिसके चलते तत्काल इलाज के अभाव में कई बार इन दुर्लभ वन्यजीवों की मौत भी हो जाती है.

अब यहां बनेंगे नये सेंटर
अब योगी सरकार नें प्रदेश के पीलीभीत, महराजगंज, मेरठ और चित्रकूट में 4 नये रेस्क्यू सेंटर्स बनाने का फैसला किया है. इन रेस्क्यू सेंटर्स का निर्माण यूपी कैंम्पा ( कंपनसेटरी डिफॉरेस्टेशन फंड मैनेजमेंट एंड प्लानिंग अथॉरिटी) की निधि से किया जायेगा.

रिवाइल्डिंग सेंटर से होगा ये बड़ा फायदा
मुख्य वन संरक्षक मुकेश कुमार के मुताबिक, पीलीभीत में एक रिवाइल्डिंग सेंटर की भी स्थापना की जायेगी. जिसमें मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिये जंगलों से भटककर मानव बाहुल आबादी में रह रहे वन्यजीवों को पकड़कर लाया जायेगा. इस रिवाइल्डिंग सेंटर में इन वन्यजीवों पर पडे़ मानव छाप के असर के चलते इनके स्वाभाव में आये बदलाव और आक्रामकता को कम करने के लिये सभी सुविधाए मौजूद रहेंगी. जिसके तहत रेस्क्यू कर लाये गये स्वस्थ वन्यजीवों को उनके अनुकूल प्रकृतवास में छोड़ने से पहले उनके स्वाभाव के अनुकूल ही इन रिवाइल्डिंग सेंटर को बनाया जा रहा है. यह रिवाइल्डिंग सेंटर न सिर्फ काफी बडे़ क्षेत्र में बनाया जायेगा बल्कि इसमें वन्यजीवों के खाने-पीने और रहने के लिये उनके प्राकृतवास की तरह ही सुविधा मुहैय्या कराई जायेगी. इस दौराने टाइगर जैसे वन्यजीवों के भोजन के लिये कुछ अन्य वन्यजीवों को भी छोड़ा जायेगा, जिसे टाइगर खुद शिकार करके खा सकेंगे. फिर कुछ समय बाद इन वन्यजीवों को दोबारा किसी जंगल में छोड़ दिया जायेगा.

Pilibhit News: बाघों के खौफ ने बढ़ा दी किसानों की आमदनी, गन्ने की जगह इन फसलों से हुआ चार गुना मुनाफा

बाघों के डर से गन्ने की खेती छोड़कर किसानों ने किया नया प्रयोग

Pilibhit News: पीलीभीत के कलीनगर तहसील में पड़ने वाले गांव पुराना महाराजपुर गांव जंगल से सटा लगा हुआ है. यहां के किसान गन्ने की खेती पर निर्भर थे. लेकिन गन्ने के खेतों में जंगली जानवरों के छुपे होने का खतरा भी ज्यादा बना रहता था.

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पीलीभीत. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के पीलीभीत (Pilibhit) जनपद में जंगली जानवरों से परेशान किसानों ने एक नया बचाव शुरू किया और गन्ने की खेती छोड़कर उसकी जगह नींबू और हल्दी की खेती शुरू कर दी है. इससे उन्हें गन्ने के खेतों में छुपे जंगली जानवरों जैसे बाघ, तेंदुआ और भालू का खतरा खत्म हो गयाऔर मुनाफा भी गन्ने से 4 गुना ज्यादा हो रहा है.

पीलीभीत के कलीनगर तहसील में पुराना महाराजपुर गांव जंगल से सटा है. यहां के किसान गन्ने की खेती पर निर्भर थे. लेकिन गन्ने के खेतों में जंगली जानवरों के छुपे होने का खतरा भी ज्यादा बना रहता था. इससे इन किसानों को जान माल का डर हमेशा बना रहता था. इसी वजह से किसानों ने कई साल तो गन्ने की खेती ही नहीं की. फिर उन्होंने एक नया प्रयोग किया. उन्होंने नींबू और हल्दी की खेती को शुरू किया, क्योंकि यह पेड़ छोटे और घने नहीं होते हैं. इसलिए जंगली जानवरों को दूर से देखा जा सकता था. इससे लोगों को फायदा भी हुआ. गन्ने से 4 गुना ज्यादा इन्होंने कमाया. अब किसानों की माली हालत मे लगातार सुधार हो रहा है.

क्या कहना है किसानों का
किसान दलवीर सिंह और हर्षित सरकार का कहना है कि हमको इस खेती से दो लाभ हो रहे हैं, एक तो जंगली जानवरों का ख़तरा खत्म हो गया. हम लोग जंगल के पड़ोस में ही हैं, इसलिए जंगली जानवर जैसे बाघ, तेंदुआ, भालू खेत में आकर छुप जाते थे, जिससे हम लोगों को हमेशा खतरा बना रहता था. और दूसरा फायदा ये हुआ कि जब से नींबू और हल्दी की खेती से चार गुना फायदा फायदा हो रहा है. अब हम एक एकड़ में एक लाख अस्सी हज़ार रुपए तक कमा लेते हैं.

डीएम ने की बैठक
पीलीभीत के डीएम पुलकित खरे को जब इस बाबत पता चला तोतो उन्होंने वहां पर एक गोष्ठी का आयोजन कराया, जिसमें कृषि विभाग, वन विभाग तथा अन्य विभाग के अधिकारियों को भी बुलाया गया. इसके साथ ही स्थानीय किसानों को भी बुलाया गया और उनको जरूरी टिप्स दिए गए.

क्या कहना है डीएम का
पीलीभीत के जिलाधिकारी पुलकित खरे का कहना है कि किसानों द्वारा की गई यह एक अच्छी पहल है. इससे किसानों की आमदनी 4 गुना बढ़ी है. किसानों के आगे बढ़ाने के लिए हम समय-समय पर गोष्ठियों का भी आयोजन कर रहे हैं, क्योंकि उनके खेत जंगल से लगे हुए हैं, इसलिए इनको बाघों का खतरा भी लगातार बना रहता था, उससे भी इनको निजात मिलेगी.

UP: मुस्लिम धर्मगुरुओं की फोटो एडिट कर बनाया फिल्मी गाने का Video, 2 गिरफ्तार

सुनगढ़ी कोतवाली पुलिस ने तहरीर मिलने पर धार्मिक भावनाएं भड़काने और आईटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है. (सांकेतिक फोटो)

सुनगढी के थाना प्रभारी निरीक्षक श्रीकांत द्विवेदी (Shrikant Dwivedi) ने बताया कि थाना क्षेत्र के नौगवां पकड़िया निवासी मोहम्मद इमरान खां ने पुलिस को तहरीर दी थी.

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पीलीभीत. उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले (Pilibhit District) में बकरीद से ठीक पहले शहर का माहौल खराब करने के उद्देश्य से तीन मुस्लिम धर्मगुरुओं (Muslim Religious Leaders) की तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ की गई है. कहा जा रहा है कि उनकी तस्वीरों को एडिट कर फिल्मी गानों का वीडियो (Movie Songs Video) बनाकर शोसल मीडिया पर वायरल कर दिया गया है. पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.पुलिस ने इसकी जानकारी दी.

सुनगढी के थाना प्रभारी निरीक्षक श्रीकांत द्विवेदी ने बताया कि थाना क्षेत्र के नौगवां पकड़िया निवासी मोहम्मद इमरान खां ने पुलिस को तहरीर दी थी. तहरीर में कहा गया था कि बरेली किछौछा के धर्मगुरू और शहर पीलीभीत के एक धर्मगुरू की तस्वीर के साथ उसके ही गांव के दिलशाद अली और अलाउद्दीन ने छेड़छाड़ कर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम किया है. पुलिस ने बताया कि दोनों युवकों ने कथित रूप से तीनों धर्मगुरूओं के फोटो बनाकर अपने मोबाइल फोन से अश्लील फिल्मी गाने लगाकर वीडियो तैयार किया. आरोपियों ने एक दूसरे के मोबाइल पर वीडियो भेजकर उसको प्रचारित करने का कार्य किया, जिससे मुस्लिम समाज के लोगों में आक्रोश व्याप्त है.

आईटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है
सुनगढ़ी कोतवाली पुलिस ने तहरीर मिलने पर धार्मिक भावनाएं भड़काने और आईटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है. उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके मोबाइल बरामद कर लिए गए हैं. इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है. बता दें कि उत्तर प्रदेश में यह कोई पहली घटना नहीं है. इससे पहले भी ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं. इन मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई है. यहां तक कि पीएम मोदी और सीएम योगी की तस्वीर के साथ भी छेड़छाड़ करने के मामले यूपी में आए हैं. कई बार आपत्तिनजक टीप्पणियां करने के मामले में कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है.

UP News: पीलीभीत में बिल्ली और कबूतर की लड़ाई में दो पक्षों में संघर्ष, जानिए क्या है पूरा मामला

UP: पीलीभीत में बिल्ली और कबूतर की लड़ाई में हुई मारपीट में घायल तौकीर

Pilibhit News: पशु प्रेमी तौकीर अली खान अपने घर में बिल्लियां पालते हैं. पालतू बिल्ली आस-पड़ोस में भी टहलती है. 2 दिन पहले यह बिल्ली पड़ोस के ही शान मियां खान के यहां चली गई. शान मियां का आरोप है कि...

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पीलीभीत. उत्तर प्रदेश के पीलीभीत (Pilibhit) में मारपीट का एक अनोखा मामला सामने आया है. यहां बिल्ली और कबूतर की लड़ाई में दो पक्ष आपस में भिड़ गए. जिसके चलते लाठी-डंडे चले और एक पक्ष को इतनी चोट लगी कि उसको अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. यहां तक कि थाना पुलिस हुआ और पुलिस को एफआईआर दर्ज करनी पड़ेगी.

दरअसल पशु प्रेमी तौकीर अली खान अपने घर में बिल्लियां पालते हैं. पालतू बिल्ली आस-पड़ोस में भी टहलती है. 2 दिन पहले यह बिल्ली पड़ोस के ही शान मियां ख़ान के यहां चली गई. शान मियां का आरोप है कि तौकीर अली की बिल्ली ने उनका कबूतर मार कर खा लिया. इस बात को लेकर कहासुनी भी हुई थी. कल शाम को एक बार फिर तौकीर मियां की बिल्ली शान मियां के घर चली गई. जहां पर शान मियां ने बिल्ली को बंद कर दिया.

अपनी बिल्ली को ढूंढते हुए तौकीर शान मियां के घर गया और बिल्ली को छोड़ने के लिए कहा तो शान मियां ने बिल्ली ना होने की बात कही. बिल्ली की आवाज सुनकर तौकीर का पारा हाई हो गया और दोनों में कहासुनी होने लगी. कहासुनी इतनी बढ़ गई कि दोनों तरफ से लाठी-डंडे निकल आए. शान मियां ने तौकीर की जमकर पिटाई कर दी, जिससे तौकीर के सर में गंभीर चोटें आई और उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां तौकीर के सर पर सात आठ टांके भी लगे.

क्या कहना है पुलिस का

पूरनपुर के थाना इंचार्ज हर्षवर्धन सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में है तो फिर की तरफ से तहरीर आई थी, जिसके ऊपर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज करा लिया गया है तो खीर का मेडिकल भी करा लिया गया है, जो भी दबंग अपराधी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा. उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.

Pilibhit Tiger Attack: पेड़ पर 8 घंटे बैठा रहा विकास, नीचे घूम रहे थे बाघ-बाघिन, पढ़िए हमले की पूरी कहानी

पीलीभीत: बाघ के हमले में बचे विकास ने सुनाई आपबीती

Pilibhit News: विकास ने बताया कि जंगल घुसने से पहले वन कर्मियों ने उन्हें चेताया था और बाघ के आस-पास होने की बात की कही थी, लेकिन वे नहीं माने और गाड़ी आगे बढ़ा दी. विकास ने बताया कि जब वह जंगल में पहुंचे तो दो बाघ सड़क किनारे घात लगाए बैठे थे.

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पीलीभीत. उत्‍तर प्रदेश के पीलीभीत (Pilibhit) के पूरनपुर थाना क्षेत्र के दियूरिया रेंज की खरनौत नदी पुलिया के समीप बाघ-बाघिन के हमले (Tiger Attack) में दो लोगों की मौत की कहानी उस शख्स ने बयां की जिसने पूरी रात पेड़ पर रहकर अपनी जान बचाई. बाघ-बाघिन के इस हमले में बचे विकास ने अपने दोस्तों को उनका निवाला बनते खुद अपनी आंखों से देखा. इतना ही नहीं जब वह पेड़ पर चढ़ गया तो बाघ-बाघिन पूरी रात नीचे चलकदमी करते रहे और करीब साढ़े तीन बजे के करीब जंगल में वापस लौट गए. विकास ने बताया कि रात भर वह सो नहीं पाया और बाघ उसके सपनों में आता रहा.

विकास ने बताया कि जंगल घुसने से पहले वन कर्मियों ने उन्हें चेताया था और बाघ के आस-पास होने की बात की कही थी, लेकिन वे नहीं माने और गाड़ी आगे बढ़ा दी. विकास ने बताया कि जब वह जंगल में पहुंचे तो दो बाघ सड़क किनारे घात लगाए बैठे थे. बदहवास विकास ने बताया कि बाइक सोनू चला रहा था. बीच में कंधईलाल और सबसे पीछे वह बैठा था. तभी एक बाघ ने पीछे से हमला कर दिया. चूंकि विकास ने हेलमेट लगाया हुआ था, लिहाजा उसका पंजा हेलमेट पर लगा और बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई. इस बीच एक बाघ ने सोनू पर हमला कर दिया और उसे मौत के घाट उतार दिया. उधर, कंधई पेड़ पर चढ़ने लगा. वह करीब 6 फ़ीट चढ़ भी चुका था, लेकिन बाघ ने छलांग लगाकर उसे भी दबोच लिया और मार डाला.

आठ घंटे पेड़ पर गुजारे
विकास के मुताबिक दोनों को मौत के घाट उतारने के बाद दूसरे बाघ ने उस पर हमला करने का प्रयास किया, लेकिन जब तक बाघ हमला कर पाता वह पेड़ पर चढ़ चुका था. विकास ने बताया कि बाघ कंधई के शव को जंगल के अंदर खींचते हुए ले गए, जबकि सोनू का शव जिस पेड़ पर वह चढ़ा था उसके नीचे पड़ा रहा. जंगल के अंदर कंधई के शव को खाने के बाद दोनों बाघ फिर से उसी पेड़ के नीचे आ गए जिस पर वह बैठा था. पूरे आठ घंटे तक दोनों बाघ वहीं चहलकदमी करते रहे और तड़के साढ़े तीन बजे जंगल के अंदर गए.

Pilibhit News: बाघ के हमले में दो बाइक सवार युवकों की मौत, तीसरे ने पेड़ पर चढ़कर बचाई जान

पीलीभीत में बाघ के हमले में दो युवकों की गई जान  (फाइल फोटो)

Pilibhit Tiger Attack: तीनों युवक अपनी ससुराल बंडा से वापस अपने घर आ रहे थे, तभी अचानक दियूरिया जंगल में टाइगर द्वारा तीनों युवकों पर अटैक कर दिया गया. बाघ पहले एक युवक को खींच कर जंगल की ओर ले गया. इतनी देर में एक युवक पेड़ पर चढ़ गया.

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पीलीभीत. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के पीलीभीत (Pilibhit) में भी एक बार फिर टाइगर का खौफ देखने को मिला. रविवार रात करीब 9 बजे मोटरसाइकिल से जा रहे तीन लोगों पर टाइगर ने हमला (Tiger Attack) बोल दिया. जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई और तीसरे ने पेड़ पर चढ़कर पूरी रात काटी और किसी तरह अपनी जान बचाई. ये लोग जिला शाहजहांपुर में रिश्तेदार के यहां से अपने घर लौट रहे थे. तभी घात लगाए बैठे बाघ ने दियूरिया  जंगल में उन पर हमला बोल दिया। बाघ ने एक युवक को  लिया. उसके धड़ के नीचे का हिस्सा बाघ ने खा लिया। जबकि दूसरा मृत मिला. तीसरे युवक ने पूरी रात पेड़ पर ही काटी.

पीलीभीत के पूरनपुर थाना क्षेत्र के दियूरिया रेंज की खरनौत नदी पुलिया के समीप बाघ ने हमला किया. तीनों युवक अपनी ससुराल बंडा से वापस अपने घर आ रहे थे, तभी अचानक दियूरिया जंगल में टाइगर द्वारा तीनों युवकों पर अटैक कर दिया गया. बाघ पहले एक युवक को खींच कर जंगल की ओर ले गया. इतनी देर में एक युवक पेड़ पर चढ़ गया. इसके बाद बाघ ने दुबारा हमला किया कर बचे एक युवक को खींच कर जंगल की ओर ले गया. इस हमले में दो युवकों की मौत हो गई. एक युवक ने पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाई। यह युवक रात भर पेड़ पर ही बैठा रहा. सुबह जब स्थानीय लोग सड़क रोड पर चलने लगी तो यह पेड़ से उतर कर किसी तरह लोगों को इस घटना की जानकारी दी.

सूचना पर भी नहीं पहुंची वन विभाग की टीम
घटना की सूचना परिजनों को मिलने पर घर कोहराम मच गया. वहीं दूसरी ओर घटना की सूचना देने के बावजूद भी वन विभाग की टीम और वन विभाग के रेंजर मौके पर नहीं पहुंचे. सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने आनन-फानन में दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

पहले भी हुए हैं बाघ के हमले
आपको बताते चलें कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व क्षेत्र में मानव और बाघों के संघर्ष में तकरीबन दो दर्जन लोगों की जान जा चुकी है.

UP Block Pramukh Chunav: नामांकन के दौरान कई जिलों में हिंसा, सीतापुर में फायरिंग, देखिए पूरी रिपोर्ट

UP: महाराजगंज में ब्लॉक प्रमुख नामांकन के दौरान एक प्रत्याशी को नामंकन से रोकने की कोशिश हुई, जिस पर हंगामा हो गया.

UP Panchayat Chunav 2021: उत्तर प्रदेश में आज ब्लॉक प्रमुख चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के दौरान कई जिलों में हिंसा, झड़प, लाठीचार्ज से लेकर प्रत्याशी के अपहरण, पर्चा छीनने की बात सामने आई है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में ब्लॉक प्रमुख चुनाव (Block Pramukh Election) को लेकर गुरुवार को सभी जिलों में प्रत्याशियों ने नॉमिनेशन (Nomination) दाखिल किए. इस दौरान कई जगह हिंसा (Violence) की घटनाएं, झड़प, लाठीचार्ज, फायरिंग देखने को मिली हैं. कहीं नामांकन से पहले प्रत्याशी के अपहरण को लेकर बवाल मचा, कहीं पर्चा छीनने की बात सामने आई है.  एक दिन पहले ही डीजीपी मुकुल गोयल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान सख़्ती बरतने के निर्देश दिए थे लेकिन जिलों में डीजीपी के निर्देशों का असर नहीं दिखा. डीजीपी ने कहा है कि सभी घटनाओं में सख़्त विधिक कार्यवाही की जाएगी.

घटनाओं की बात करें तो सीतापुर में नामांकन के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं की गुंडई आई सामने आई. आरोप लगा है कि उन्होंने नामांकन करने पहुंचे निर्दलीय प्रत्याशी के दो प्रस्तावकों का अपहरण कर लिया. यही नहीं विरोध करने पर जमकर हाथगोले दागे और गोलियां चलाईं. इस घटना में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. वहीं आक्रोशित लोगों ने कमलापुर थाना क्षेत्र का हाईवे जाम कर दिया है.



वहीं सीतापुर में नामांकन के दौरान हुई हिंसक घटना मामले में पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है. अन्य लोगों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस दबिश दे रही है. एसपी आरपी सिंह माके पर कैंप कर रहे हैं. एसपी ने साफ किया है कि किसी का अपहरण नहीं हुआ है.

ये हैं प्रदेश की प्रमुख घटनाएं

आजमगढ़ में पवई ब्लॉक के गेट पर नामांकन के दौरान सपा-भाजपा प्रत्याशी भिड़ गए. नामांकन के दौरान भाजपा प्रत्याशी वरुण यादव और सपा प्रत्याशी में जमकर नोकझोंक देखने को मिली. बता दें वरुण यादव सपा नेता बाहुबली रमाकांत यादव के पुत्र हैं. पुलिस ने दोनों पक्षो को समझाकर मामले को शांत कराया.

आजमगढ़ में ही भाजपा के ब्लॉक प्रमुख पर नियमों की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगा है. यहां भाजपा प्रत्याशी अनुराग सिंह सोनू ने नामांकन के पहले जुलूस निकाला और नारेबाजी करते हुए सोनू सिंह नामांकन स्थल पहुंचे. इस दौरान कोविड- नियमों को ताख पर रख दिया गया. बता दें अनुराग सिंह सोनू पल्हना ब्लाक से भाजपा प्रत्याशी हैं.

वहीं कानपुर में आरोप लगा है कि नामांकन से पहले सपा के बिल्हौर और शिवराजपुर ब्लॉक से प्रत्याशी लापता हो गए हैं. मामले में सपा कार्यकर्ताओं ने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर प्रत्याशियों के अपहरण का आरोप लगाया है.

संभल में सपाइयों को दौड़ाते पुलिसकर्मी

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UP: संभल में पुलिस ने सपाइयों को लाठी लेकर दौड़ाया. सपा विधायक के पुत्र की प्रशासनिक अधिकारियों से गर्मागर्मी के बाद पुलिस कार्रवाई.


वहीं कानपुर देहात में राजपुर ब्लॉक पर सपा और बीजेपी कार्यकर्ता भिड़ गए. इस दौरान बीजेपी कार्यकर्ता ने ब्लाक गेट पर सपा प्रत्याशी का कुर्ता फाड़ दिया. कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने मामला शांत कराया.

वहीं सन्दलपुर ब्लॉक में नामांकन के दौरान विवाद हो गया. इस दौरान पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी. माहौल बिगड़ते देख भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.

पूर्व मंत्री लालजी वर्मा से पर्चा छीनकर फाड़ने का आरोप

इसी तरह अम्बेडकरनगर में भी टांडा ब्लॉक प्रमुख नामांकन में बवाल देखने को मिला. यहां भाजपा प्रत्याशी तेजस्वी जायसवाल पर बसपा के पूर्व मंत्री लालजी वर्मा के हाथ से नामांकन का पर्चा छीनकर फाड़ने का आरोप लगा है. तनवा बढ़ते देख भारी संख्या में फोर्स तैनात की गई. जिले के डीएम एसपी मौके पर पहुंच गए हैं.

चित्रकूट में नामांकन स्थल को ही भाजपा प्रत्याशी और समर्थिकों द्वारा कैद करने का मामला सामने आया है. यहां नामंकन स्थल के अंदर सीओ को भी भाजपा प्रत्याशी के समर्थकों ने गेट के अंदर घुसने नहीं दिया. इस पर सपा प्रत्याशी ने जमकर हंगामा काटा. पुलिस प्रशासन और अधिकारी मूकदर्शक बने रहे.

जौनपुर में नामांकन से पहले जमकर बवाल

jaunpur crime
जौनपुर में नामांकन से पहले हिंसा का दृश्य


हरदोई में ब्लॉक प्रमुख टिकट वितरण को लेकर भाजपा संगठन में अंतर्द्वंद मचा है. यहां जनसंघ के जमाने के पुराने भाजपा नेता सुरसा पूर्व ब्लाक प्रमुख रामपाल सिंह ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया है. उनके पौत्र सुरसा भाजपा मंडल के अध्यक्ष अमित कुमार सिंह ने भी इस्तीफा दे दिया है. सुरसा ब्लाक प्रमुख पद के लिए घोषित भाजपा समर्थित उम्मीदवार के विरोध में नाराजगी जताते उन्होंने इस्तीफा दिया है.

महिला प्रत्याशी के साथ धक्का-मुक्की

महाराजगंज में भाजपा प्रत्याशी ने सदर ब्लाक परिसर में नामांकन दाखिल किया. इस दौरान दूसरे प्रत्याशी को नामांकन से रोकने की कोशिश हुई, जिस पर मारपीट और हंगामा हो गया. यहां एक प्रत्याशी समर्थक द्वारा दूसरी महिला प्रत्याशी के साथ धक्का-मुक्की, छीना-झपटी देखने को मिली. इस दौरान पुलिस तमाशबीन बनी रही.

वहीं बागपत के छपरोली ब्लॉक में आरएलडी प्रत्याशी को नामांकन करने से रोकने पर हंगामा हो गया. आरोप है कि जिला प्रशासन ने आरएलडी प्रतियाशी अंशु हलालपुर को नामांकन करने से रोका गया. आरएलडी कार्येकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच जमकर नोकझोंक देखने को मिली. आरएलडी कार्येकर्ताओ का हंगामा चल रहा है.

बस्ती में पुलिस ने किया लाठीचार्ज

इसी तरह बस्ती के गौर ब्लॉक में पुलिस ने जमकर लाठीचार्ज किया. यहां बीजेपी कार्यकर्ता ब्लॉक गेट पर नामांकन के दौरान उपद्रव कर रहे थे. बता दें बीजेपी से जटा शंकर शुक्ला चुनाव के मैदान में हैं, वहीं विपक्ष में महेश सिंह चुनाव लड़ रहे हैं. पर्चा दाखिल करने को लेकर ये बवाल हुआ.

वहीं पीलीभीत के अमरिया ब्लॉक में निर्दलीय प्रत्याशी के नामांकन के दौरान भाजपा के प्रत्याशी की तरफ से गुंडई करने का आरोप लगा है. आरोप है कि भाजपा प्रत्याशी और समर्थकों ने बीच सड़क पर गाड़ी लगाकर नामांकन करने से रोकने का प्रयास हुआ. भाजपा प्रत्याशी के संरक्षण में अज्ञात बदमाशों ने निर्दलीय प्रत्याशी की गाड़ी पर हमला किया, जबकि पुलिस मूक दर्शक बनी रही. हंगामे के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दबंगों को खदेड़ा.

झांसी में पथराव

झांसी के बड़ागांव ब्लॉक प्रमुख के लिये हो रहे नामांकन में भी जमकर बवाल और पुलिस का लाठीचार्ज देखने को मिला है. यहां सपाइयों ने नामांकन नहीं करने देने का आरोप लगाया है. इसे लेकर जमकर ईंट पत्थर चले. सपा भाजपा के समर्थक आपस में भिड़ गए. जमकर बवाल के बाद पुलिस ने लाठियां भांजी. भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया है.

वहीं रायबरेली के हरचंदपुर ब्लॉक प्रमुख नामंकन के दौरान जमकर गाली गलौज देखने को मिली. यहां बीजेपी प्रत्याशी पीयूष सिंह और निर्दलीय प्रत्याशी अशोक कुमारी के समर्थक आमने सामने आ गए. पुलिस के सामने हंगामा होता रहा.

अयोध्या में धरने पर बैठे सपाई

अयोध्या के मया ब्लॉक नामांकन स्थल पर सपा भाजपा में मारपीट हो गई, जिसके विरोध में मया बाजार तिराहे पर सपाइयों ने अंबेडकरनगर रोड जाम कर दिया. मौके पर एएसपी पलाश बंसल व एसडीएम सदर ज्योति सिंह पहुंचे और सपाइयों को आश्वासन दिया. उन्होंने आश्वासन दिया है कि सपा समर्थित प्रत्याशी धर्मवीर वर्मा को सुरक्षा दी जाएगी. धर्मवीर देंगे तहरीर तो मुकदमा दर्ज होगा. आश्वासन पर जाम खुल गया. बता दें धर्मवीर वर्मा के प्रस्तावक राजेश कुमार को चोटें आई हैं.

उन्नाव में भाजपाइयों पर निर्दलीय प्रत्याशी का पर्चा छीनने का प्रयास करने का आरोप लगा है. दरअसल नवाबगंज खंड विकास कार्यालय पर ब्लॉक प्रमुख पद का नामांकन कराने दो निर्दलीय प्रत्याशी पहुंचे थे. आरोप है कि खंड विकास कार्यालय गेट पर पहुंचते ही भाजपाइयों ने प्रत्याशियों को घेरा और हाथापाई कर पर्चा छीनने का प्रयास किया. मौके पर पुलिस ने डंडा पटक कर भाजपाइयों को खदेड़ा. फिर पुलिस की मौजूदगी में दोनों निर्दलीय प्रत्याशियों ने पर्चा दाखिल किया.

UP जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव: सपा को तगड़ा झटका, 3 प्रत्याशियों ने लिया पर्चा वापस, BJP को मिली जीत

उत्तर प्रदेश में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में समाजवादी पार्टी काे वोटिंग से पहले बड़ा झटका लगा है. (File Photo: Akhilesh Yadav)

UP Panchayat Elections: पीलीभीत, शाहजहांपुर और बहराइच में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी ने पर्चा वापस ले लिया. वहीं सहारनपुर में बसपा प्रत्याशी ने नामांकन वापस लिया. इन सभी जगह बीजेपी प्रत्याशी की निर्विरोध जीत हो गई है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव (Jila Panchayat Adhyaksh Chunav) से बड़ी खबर है. 4 और सीटों पर भाजपा (BJP) को खुली जीत मिल गयी है. यानी इन चार जिलों में भाजपा के प्रतिद्वन्द्वी प्रत्याशियों ने नाम ही वापस ले लिया है. इस वजह से भाजपा का जिला पंचायत अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिये गये हैं. ये जिले हैं बहराइच (Behraich), पीलीभीत (Pilibhit), शाहजहांपुर (Shahjahanpur) और सहारनपुर (Saharanpur).

बड़ी खबर बहराइच, शाहजहांपुर और पीलीभीत से आयी है. इन जिलों में समाजवादी पार्टी  के प्रत्याशी ने अपना नाम वापस ले लिया है. वहीं सहारनपुर में बसपा प्रत्याशी ने पर्चा वापस ले लिया है. बहराइच में सपा प्रत्याशी नेहा अजीज ने नामांकन के आखिरी दिन अपना पर्चा वापस ले लिया. अपना नाम वापस लेने के बाद भाजपा की कैण्डिडेट मंजू सिंह को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया है. जिला प्रशासन की ओर से उन्हें सर्टीफिकेट भी दे दिया गया है.

ऐसा ही हाल पीलीभीत में भी हुआ है. यहां से सपा समर्थित प्रत्याशी स्वामी प्रवक्तानन्द ने अपना नाम वापस ले लिया है. इन के नाम वापस ले लेना के बाद भाजपा प्रत्याशी डॉ. दलजीत कौर को निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष घोषित कर दिया गया है.

UP जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव: 21 जिलों में BJP और इटावा में SP की निर्विरोध जीत, 53 पर कड़ा मुकाबला

वहीं शाम होते-होते शाहजहांपुर से भी खबर आ गई कि सपा प्रत्याशी ने पर्चा वापस ले लिया है. यहां बीजेपी जिला पंचायत प्रत्याशी ममता यादव जिला पंचायत अध्यक्ष घोषित कर दी गई हैं. डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने सर्टिफिकेट देकर यह घोषणा की. दरअसल सपा प्रत्याशी बीनू सिंह न पर्चा वापस ले लिया है.

सहारनपुर में बसपा प्रत्याशी ने लिया पर्चा वापस

वहीं चौथा जिला सहारनपुर रहा, जहां नाम वापस लेने के बाद भाजपा प्रत्याशी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया है. सहारनपुर से बसपा के प्रत्याशी जयवीर उर्फ धोनी ने अपना पर्चा वापस ले लिया है. इसके बाद भाजपा के कैण्डिडेट चौधरी मांगेराम को निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष घोषित कर दिया गया है. सपा और रालोद ने अपना कैण्डिडेट सहारनपुर से नहीं उतारा था.

आजमगढ़ में सपा-भाजपा में मुकाबला

वैसे आजमगढ़ में भी निर्दलीय प्रत्याशी जय प्रकाश यादव ने अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया है. हालांकि मैदान में दो कैण्डिडेट के बचे रहने से चुनाव होगा. अब लड़ाई सपा के विजय यादव और भाजपा के संजय निषाद के बीच होगी.

इस तरह अब भाजपा के 21 कैंडीडेट निर्विरोध निर्वाचित हो गये हैं. जिस दिन पर्चा दाखिल किया जा रहा था, उस दिन 17 जिलों में सिर्फ भाजपा के ही प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था. उन 17 सीटों पर भाजपा को विजयी बढ़त तो मिल ही गयी थी लेकिन, अब चार जिलों से नाम वापस ले लेने के कारण भाजपा की जीत का ग्राफ 21 हो गया है जो निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं. कुल 18 सीटों पर सिर्फ 1 पर्चा दाखिल किया गया था. इटावा में भी सपा के अलावा किसी ने नामांकन नहीं किया था. इस तरह 22 सीटों पर चुनाव नहीं होंगे. अब सिर्फ 53 सीटों पर 3 जुलाई को चुनाव होगा.

UP जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव: 21 जिलों में BJP और इटावा में SP की निर्विरोध जीत, 53 पर कड़ा मुकाबला

यूपी जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में अब तक 22 सीटों पर परिणाम वोटिंग से पहले ही आ चुका है.

UP Jila Panchayat Adhyaksh Chunav: उत्तर प्रदेश में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में आज नामांकन के आखिरी दिन कई के नाम वापस लेने से बीजेपी अब तक 21 सीटों पर निर्विरोध काबिज हो चुकी है. वहीं सपा सिर्फ इटावा ही जीत सकी है.

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लखनऊ. इन दिनों उत्तर प्रदेश में चल रहे जिला पंचायत अध्यक्ष (Jila Panchayat Adhyaksh Chunav) के चुनाव के दौरान सूबे की सत्ताधारी पार्टी भाजपा (BJP) और मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के बीच जमकर सियासी घमासान हो रहा है. बीजेपी ने आज मंगलवार को नामांकन वापसी के अंतिम दिन तक पहले ही प्रदेश के 20 जिलों में अपने प्रत्याशियो के निर्विरोध निर्वाचन से इस चुनाव में एक बड़ी बढ़त बना ली है. वहीं चुनाव में भाजपा पर सत्ता का दुरूपयोग का आरोप लगाने वाली समाजवादी पार्टी लाख कोशिशों के बावजूद महज इटावा में ही अपने उम्मीदवार को निर्विरोध निर्वाचित करा सकी है. बाकी अन्य 54 जिलों में भाजपा को अब अधिकतर सीटों पर समाजवादी पार्टी के साथ रायबरेली में कांग्रेस और मथुरा-बागपत में रालोद से टक्कर मिलती नजर आ रही है.

दरअसल, उत्तर प्रदेश की 75 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिये आज मंगलवार को नामांकन पत्र वापसी की अंतिम तिथि तक 22 जिलों में निर्विरोध निर्वाचन हुआ है. जिसमें नामांकन के आज अंतिम दिन सहारनपुर, पीलीभीत, शाहजहांपुर और बहराइच के भी विपक्षी उम्मीदवारो के पर्चा वापस ले लेने से 21 जिलों में भाजपा और 1 इटावा में सपा के उम्मीदवार निर्विरोध जीत गये हैं. लेकिन अन्य 53 जिलों में से 37 जिलों में सिर्फ 2, 11 जिलों में 3, 4 जिलों में 4 और 1 जिले में 5 उम्मीदवारों ने नामांकन किया है. ऐसे में UP के जिन 38 जिलों में दो-दो उम्मादवारों नें नामांकन किया है. उसमें मथुरा से रालोद, रायबरेली से कांग्रेस और अन्य सभी सीटों पर भाजपा की सपा से ही टक्कर होगी.

प्रदेश के 35 जिलों में भाजपा की सीधे टक्कर सपा से ही है. जिसे देखते हुए सपा और भाजपा अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिये अपने स्तर से हर संभव प्रयास करते नजर आ रहे हैं.

भाजपा का दावा, 90 फीसदी सीटों पर होगी हमारी जीत

सूबे की 21 जिलों में अपने जिला पंचायत अध्यक्षों के निर्विरोध निर्वाचन से भाजपा न सिर्फ खासा खुश नजर आ रही है. बल्कि 3 जुलाई को होने वाले जिला पंचायत चुनाव के पहले ही प्रदेश की 90 फीसदी से अधिक सीटों पर भाजपा के ही जीत का दावा कर रही है. भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी कहते हैं, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जो गरीबो और किसानों के लिए जो योजनाएं हैं, उन योजनाओं के कारण बीजेपी ने ग्रामीण क्षेत्रो में भी अपना पर्याप्त विस्तार किया है. और पंचायत चुनाव में अपेक्षाकृत एक बड़ी सफलता हासिल की है. लेकिन आज विपक्ष हताश, निराश और परेशान है. जब 3 जुलाई को परिणाम आयेगा तो भाजपा 90 फीसदी सीट जीतती नजर आयेगी.”

कांग्रेस का आरोप- भाजपा नहीं डीएम-एसपी लड़ रहे चुनाव

दूसरी ओर कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुरेन्द्र राजपूत कहते हैं, “बीते दिनों उत्तर प्रदेश में हुए पंचायत चुनाव में भाजपा को करारी शिकस्त हुई है. लेकिन भाजपा अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिय़े सत्ता, धन और बाहुबल का दुरूपयोग कर रही है. खुद को मिली करारी शिकस्त के चलते अब भाजपा ने अपने प्रत्याशियो को जिताने की जिम्मेदारी जिले के डीएम-एसपी को सौप दी है. जिसके बाद अब भाजपा उम्मीदवारों को जिताने के लिये पुलिस-प्रशासन द्वारा या तो विपक्षी जिला पंचायत सदस्यों पर दबाव बनाया जा रहा है. या फिर उन्हे स्थानीय पुलिस द्वारा जबरन उठवा लिया जा रहा है. जो पूरी तरह से गलत और अलोकतांत्रिक है.”

‘सपा के सदस्यों के घर पर चलवाये जा रहे बुलडोजर’

जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में सत्ताधारी भाजपा सरकार से मिल रही कड़ी चुनौती से जुडे सवाल पर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आनुराग भदौरिया कहते हैं, ”उत्तर प्रदेश में भाजपा अपने जिला पंचायत अध्यक्षो के जिताने के लिये साम, दाम, दंड-भेद के साथ सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग कर रही है. सरकार तांडव करवा रही है. हद तो ये कर दी है कि भाजपा के प्रत्याशियो को जिताने के लिये सपा के जिला पंचायत सदस्यों के घरों पर बुलडोजर चलवाकर उनके रास्ते तक को तुड़वा दिया जा रहा है. ये तानाशाही है, ऐसा करके भाजपा लोकतंत्र का गला घोट रही है. आने वाले 2022 के चुनाव में जनता इसका मुंहतोड़ जवाब देगी.”

UP की इन 35 सीटों पर सिर्फ भाजपा-सपा में होगी सीधी टक्कर

लखनऊ, हरदोई, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, हापुड, बिजनौर, बरेली, पीलीभीत, अलीगढ़, हाथरस, कासगंज, फिरोजाबाद, मैनपुरी, कन्नौज, औरैया, कानपुर देहात, कानपुर नगर, जालौन, महोबा, हमीरपुर, फतेहपुर, कौशाम्बी, प्रयागराज, अमेठी, बाराबंकी,अम्बेडकरनगर, अयोध्या, बहराईच, बस्ती, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, बलिया, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र.

UP News: पीलीभीत में भी दुबई ले जाने का लालच देकर युवती का कराया धर्म परिवर्तन, मां ने दर्ज करवाया केस

पीलीभीत पुलिस ने धर्मांतरण के आरोपियों के खिलाफ पूरनपुर कोतवाली में मामला दर्ज किया है

Pilibhit News: आरोप है कि युवती का ब्रैनवॉश करके धर्म परिवर्तन करा दिया गया. जिसके बाद युवती की मां की तहरीर पर पुलिस ने 7 लोगों के खिलाफ धारा 420 वा विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है और जांच कर रही है. घटना कोतवाली पूरनपुर क्षेत्र की है.

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पीलीभीत. यूपी एटीएस (UP ATS) द्वारा अवैध धर्मांतरण गैंग (Illegal Conversion Racket) के खुलासे के बाद प्रदेश के कई जिलों से धर्म परिवर्तन की नई-नई कहानियां सामने आ रही है.  ताजा मामला पीलीभीत (Pilibhit) जनपद से है जहां एक हिंदू लड़की को बहला-फुसलाकर और दुबई ले जाने के ख्वाब दिखाकर उसका धर्म परिवर्तन करा लिया गया. युवती की मां की शिकायत के बाद अब मामला थाने तक पहुंचा है. पुलिस कप्तान ने जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है.

आरोप है कि युवती का ब्रैनवॉश करके धर्म परिवर्तन करा दिया गया. जिसके बाद युवती की मां की तहरीर पर पुलिस ने 7 लोगों के खिलाफ धारा 420 वा विधि विरुद्ध धर्म  संपरिवर्तन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है और जांच कर रही है. घटना कोतवाली पूरनपुर क्षेत्र की है.

ये है मामला
पूरनपुर क्षेत्र की रहने वाली महिला ने तहरीर देकर आरोप लगाया है कि 2016-17 में  उसकी पुत्री सेंट जोसफ स्कूल पूरनपुर में पड़ती थी. पढ़ाई के दौरान  पुत्री की जानप हचान मोहल्ला साहूकारा के रज्जु हसन से हो गयी. रज्जु हसन रोज उसका पीछा करते-करते स्कूल जाता था. इस दौरान दोनों की नजदीकी बढ़ गयी. रज्जु  हसन ने उसकी पुत्री से कहा कि तुमसे निकाह करके तुम्हे दुबई लेकर चलूंगा और वहां  मौज की जिन्दगी जियेंगे। आरोप है कि छात्रा रज्जू हसन के द्वारा दिये गये प्रलोभन में आ गई और पूरी तरह से गुमराह हो गई. धीरे धीरे रज्जू हसन ने छात्रा का ब्रेनवाश करके घर से पैसे व जेवर लाने को कहा. उसकी पुत्री ने घर वालों को बिना बताये घर पे रखे जेवर लगभग 40 तोला सोना व ढाई किलो चांदी लगभग 2,00,000 रूपये कई बार में रज्जु को दे दिया। जेवर व रुपया रज्जू हसन ने अपने दोस्त शाहिद उर्फ छोटा, अपने सगे भाई साकिर, शाहिद, नाजिम व सगी बहन को कई बार में उसकी गैर मौजूदगी में घर भेजकर मंगाये थे. 15 दिन पूर्व जब जेवर गायब  देखा तो बेटी से जानकारी की तो बेटी ने बताया कि जेवर एवं दो लाख रुपये मैने रज्जू हसन को दे दिये है, वो दुबई में रहने की तैयारी कर रहा है.

मां का क्या है आरोप
महिला का आरोप है कि जानकारी होने पर आरोपियो से जेवर व पैसे वापस करने को कहा तो आरोपियों ने जान से मारकर पुत्री को जबरदस्ती उठाकर ले जाने धमकी देने लगे. महिला का कहना है कि उसने  अपनी पुत्री को भी समझाना चाहा तो पुत्री बोली कि रज्जू हसन ने मेरा धर्म परिवर्तन कराकर मुस्लिम बना लिया है. अब मैं उसी के साथ दुबई में जाकर रहूंगी. महिला का आरोप है कि उसकी पुत्री रज्जू हसन के गिरोह के झांसे में आ चुकी है. रज्जू हसन का लव जिहाद का एक सक्रीय गिरोह है, जिसका समाज में भय व्याप्त है. उसे पूर्ण अंदेशा है कि आरोपी उसके  परिवारवालों को जान से मारकर कभी भी मेरी पुत्री को जबरदस्ती उठाकर ले जा सकते है.

एसपी का क्या कहना है
पुलिस कप्तान किरीट कुमार राठौर का कहना है कि महिला की तहरीर पर रज्जु हसन सहित 7 लोगों पर धारा 420 व विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन के तहत मुकदमा दर्ज किया है और जांच शुरू की है. धर्मांतरण का भूत धीरे धीरे पूरे यूपी में अपने पैर फैला रहा है.

PCS Transfer: गौतमबुद्ध नगर सहित इन जिलों के SDM बदले गए, एक का ट्रांसफर निरस्त, देखें लिस्ट

यूपी सरकार ने 6 एसडीएम के तबादले कर दिए हैं. (File Photo: सीएम योगी आदित्यनाथ)

Lucknow News: ट्रांसफर लिस्ट के अनुसार पीसीएस रौशनी यादव का तबादला निरस्त हो गया है. उन्हें एसडीएम, मिर्जापुर से यूपीएसएचए में ओएसडी पद पर भेजा गया था. इससे पहले जारी ट्रांसफर लिस्ट में उनका नाम था.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) ने मंगलवार को 6 एसडीएम (PCS) के ट्रांसफर (6 SDM Transfer) कर दिए, वहीं एक पीसीएस का ट्रांसफर निरस्त (1 Transfer Cancel) किया है. जानकारी के अनुसार पीसीएस रौशनी यादव का तबादला निरस्त हो गया है. उन्हें एसडीएम, मिर्जापुर (SDM, Mirzapur) से यूपीएसएचए में ओएसडी पद पर भेजा गया था. इससे पहले जारी ट्रांसफर लिस्ट में उनका नाम था. वर्तमान लिस्ट में उनका ट्रांसफर निरस्त करते हुए उन्हें एसडीएम, मिर्ज़ापुर पद पर यथावत रखा गया है.

ट्रांसफर लिस्ट के अनुसार पीसीएस विवेक कुमार मिश्र एसडीएम, पीलीभीत से फिरोजाबाद भेजा गया है, वहीं वंदना पाण्डेय एसडीएम, संतकबीरनगर से एसडीएम सुल्तानपुर तैनाती मिली है. इनके अलावा क्रांति शेखर सिंह एसडीएम, मथुरा से ओएसडी मथुरा विकास प्रधिकरण बनाए गए हैं, जबकि राजीव राय एसडीएम गौतमबुद्ध नगर से एसडीएम चित्रकूट पद पर भेजे गए हैं. वहीं सुल्तानपुर की एसडीएम प्रिया सिंह ओएसडी उपसा बनाई हैं, जबकि राम प्रसाद को एसडीएम, चित्रकूट पद से राजस्व परिषद से सम्बद्ध कर दिया गया है.

यूपी के कई SDM का तबादला

PCS विवेक कुमार मिश्र SDM पीलीभीत से SDM फिरोजाबाद

PCS वंदना पाण्डेय SDM संतकबीरनगर से SDM सुल्तानपुर

PCS क्रांति शेखर सिंह SDM मथुरा से OSD मथुरा विकास प्रधिकरण

PCS राजीव राय SDM गौतमबुद्ध नगर से SDM चित्रकूट

PCS प्रिया सिंह SDM सुल्तानपुर से OSD उपसा

PCS राम प्रसाद SDM चित्रकूट से राजस्व परिषद से सम्बद्ध

PCS रौशनी यादव का तबादला UPSHA में OSD पद पर तबादला निरस्त, एसडीएम मिर्ज़ापुर रहेंगी

ODOP: मार्जिन मनी स्कीम में गोरखपुर सहित पूर्वांचल के ये 10 जिले फिसड्डी, अधिकारियों पर गाज की तैयारी

UP: ODOP स्कीम के तहत खराब प्रदर्शन करने वाले जिलों के अधिकारियों के खिलाफ यूपी के एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने सख्त निर्देश जारी किये हैं

UP News: सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की प्राथमिकता वाली ODOP मार्जिन मनी स्कीम में प्रदेश के 32 जिलों का खराब प्रदर्शन है. इनमें से सबसे खराब प्रदर्शन वाले 10 जिले और 5 मंडल के अधिकारियों के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजी गई है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की महत्वाकांक्षी योजना एक जिला एक उत्पाद (ODOP) जिसके जरिये यूपी सरकार का ये प्रयास था कि जिलों में धीरे पहचान खो रहे उत्पादों को खास पहचान मिले. इसके लिए यूपी सरकार ने खासतौर पर एक कार्ययोजना भी बनाई. जिसके चलते ना सिर्फ एक तरफ जिलों के उत्पादों को नयी पहचान मिली बल्कि उनकी डिमांड में तेजी आयी है. लेकिन इस कार्ययोजना को कई जिलों में अधिकारी पलीता लगा रहे हैं. यही कारण है कि 32 जिलों का प्रदर्शन बेहद खराब आया है.

इसी को देखते हुए यूपी के एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने सख्त निर्देश जारी किये हैं. इन निर्देशों के तहत एक जिला एक उत्पाद मार्जिन मनी स्कीम में खराब प्रदर्शन करने वाले इन जिलों के अधिकारियों को हटाने का फैसला किया गया है.

दरअसल सीएम की प्राथमिकता वाली ODOP मार्जिन मनी स्कीम में प्रदेश के 32 जिले फिसड्डी साबित हुए हैं. इनमें से सबसे खराब प्रदर्शन वाले 10 जिले और 5 मंडल के अधिकारियों के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजी गई है. खराब प्रदर्शन करने वाले जिलों में कुशीनगर, श्रावस्ती, गोरखपुर, गाजीपुर, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, जौनपुर, सौनभद्र, चित्रकूट और गोंडा शामिल हैं.

जानकारी के अनुसार इन जिलों में दिए गए लक्ष्य के सापेक्ष 8.18 प्रतिशत से लेकर 29.95 प्रतिशत राशि ही वितरित कर सकी. अब सरकार ने इस खराब प्रदर्शन करने वाले जिलों के खिलाफ नजरें टेढ़ी कर ली है. MSME मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा है कि सिर्फ फील्ड में अच्छा काम करने वाले अधिकारी ही तैनात रखे जायेंगे इसीलिए समीक्षा करके खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को जल्द हटाने के लिए कह दिया गया है. इससे अन्य अधिकारियों में ये संदेश जाना चाहिए कि वो जिलों लक्ष्य के सापेक्ष कार्य करें अन्यथा उन पर भी कार्यवाही की जायेगी.

UP: जलेगा बल्ब तो दूर हो जाएगी डायबिटीज की बीमारी, पीलीभीत के इस युवा को फ्रांस से आया ऑफर

जलेगा बल्ब तो दूर हो जाएगी डायबिटीज की बीमारी

धर्मेंद्र कुमार को अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों की संस्था लिरिक्स इंटरनेशनल कम्युनिटी ने प्रस्तुतीकरण के लिए फ्रांस बुलाया है.लेकिन एक साल से जारी लॉकडाउन (Lockdown) के चलते वे फ्रांस नहीं पहुंच सके.

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पीलीभीत. पीलीभीत (Pilibhit) जिले के पूरनपुर कस्बे के गांव गोपालपुर निवासी एक युवा वैज्ञानिक ने डायबिटीज (Diabetes) की बीमारी को दूर करने के लिए एक अनोखा प्रयोग किया है. मां की बीमारी से परेशान बीटेक पास इस युवा छात्र ने डायबिटीज को दूर करने के लिए अपने जिंदगी के 10 साल लगा दिए. कड़ी मेहनत की नतीजा है कि फ्रांस से उसे ऑफर आया हैं. बता दें कि डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो लोगों को शारीरिक रूप से कमजोर कर देती है.

पीलीभीत के पूरनपुर कस्बे के एक गांव गोपालपुर के रहने वाले एक युवा वैज्ञानिक ने एक ऐसी डिवाइस बल्ब बना डाला जिसे जलाकर डायबिटीज खुद समाप्त हो जाएगी. यही नहीं इस डिवाइस बल्ब से ब्लड प्रेशर भी संतुलित हो जाएगा. यह कोई चमत्कार नहीं है. युवा वैज्ञानिक धर्मेंद्र कुमार की खोज फ्रांस तक धूम मचा रही है. लॉकडाउन ने उनके कदम फ्रांस जाने से रोक दिए मगर इस वैज्ञानिक ने अपनी हिम्मत नहीं खोई है.

कानपुर से किया बीटेक
धर्मेंद्र कुमार मूल रूप से पूरनपुर तहसील क्षेत्र के गोपालपुर गांव के रहने वाले हैं उनके पिता विश्राम सागर बच्चों को ट्यूशन पढ़ा कर अपना परिवार चलाते हैं. दो भाई और एक बहन मैं सबसे बड़े धर्मेंद्र ने गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में शुरुआती पढ़ाई की इसके बाद उन्होंने इंटर तक पढ़ाई सरकारी स्कूल से की. उन्होंने एआईटी कानपुर से बीटेक किया और बाद में डीएमई डायविटीज का डिप्लोमा.

कहां से आया विचार
धर्मेन्द्र कुमार की माता विमला देवी डायबिटीज की मरीज थी. माताजी की दिक्कत से तंग आकर उन्होंने डायबिटीज को जड़ से समाप्त करने के बारे में सोचना शुरू कर दिया. चूंकि यह वैज्ञानिक ने पढ़ाई डायबिटीज के बारे में की थी इसलिए अपना दिमाग डायबिटीज को दूर करने के लिए कुछ ना कुछ नया करने के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया. और मेहनत कर इस डिवाइस को तैयार कर लिया.सबसे पहले उसने अपनी मां पर ही इसका प्रयोग कर डाला जिसमें उसको पूर्णतः सफलता मिली.

कैसे काम करती हैं यह डिवाइस काम
धर्मेंद्र के मुताबिक रोगी को सिर्फ कमरे में रात को यह बल्ब जलाकर सोना है. बाकी काम डिवाइस करेगी और 90 से 120 दिनों तक यह प्रक्रिया अपनाने पर डायबिटीज अपने-आप नष्ट हो जाएगी. धर्मेंद्र बताते हैं कि तरंगे हमारे शरीर में स्टेम सेल के जरिए प्रवेश करती हैं और धीरे-धीरे हमारे अमीनो एसिड्स के स्तर को बढ़ाती हैं व मजबूत बनाती हैं जिससे न्यूरोट्रांसमीटर्स व रिसिवर्स पूरी तरह से काम करने लगते हैं. जिससे हमारे शरीर के अंदर के बीटा सेल्स मजबूत हो जाते हैं और पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन बनाने लगते हैं. जिससे डायबिटीज समाप्त होती है.

धर्मेंद्र कुमार को अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों की संस्था लिरिक्स इंटरनेशनल कम्युनिटी ने प्रस्तुतीकरण के लिए फ्रांस बुलाया है.लेकिन एक साल से जारी लॉकडाउन के चलते वे फ्रांस नहीं पहुंच सके. अब उन्हें इंतजार है लॉकडाउन खुलने का जब वे विदेश जाकर अपनी खोज को अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों के समक्ष प्रस्तुत करेंगे. बता दें कि यह डिवाइस सिर्फ 2300 रुपए में बनकर तैयार हो जाएगी.
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