फसल चर रहे सांड को टोकना पड़ा भारी, किसान को पटक-पटक कर उतारा मौत के घाट
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फसल चर रहे सांड को टोकना पड़ा भारी, किसान को पटक-पटक कर उतारा मौत के घाट
ग्रामीणों की मदद से सांड को काबू में किया गया

लॉकडाउन के दौरान आवारा पशु भूख की वजह से हिंसक हो रहे हैं. बदायूं में भी बंदर के हमले से एक महिला छत से गिर कर गंभीर रूप से घायल हो गई.

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पीलीभीत. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के पीलीभीत (Pilibhit) जिले में आवारा सांडों (Stray Bull) का उत्पात अब जानलेवा होता जा रहा है. जहां एक ओर खड़ी फसल को बर्बाद कर रहे हैं तो वहीं आए दिन इनके हमले से घायल हो रहे हैं. ताजा मामले में तो एक किसान को अपनी जान ही गंवानी पड़ गई. घटना बिलसंडा थाना अंतर्गत मगधरपुर गांव की है, जहां खेत में फसल चर रहे सांड ने किसान की पटक-पटक कर जान ले ली.

फसल चर रहा था सांड

मगधरपुर निवासी 32 वर्षीय गुरबाज सिंह शुक्रवार सबेरे अपने शौच के लिए खेतों की तरफ गया था. रास्ते में उसे खेत में एक सांड फसल खाते दिखा. जिसके बाद गुरबाज सांड को भगाने के लिए उसकी तरफ दौड़ा. यह बात सांड को नागवार गुजरी. गुरबाज पर उसने हमला कर दिया. देखते ही देखते उसने गुरबाज को कई बार उठा-उठाकर पटक दिया. सांड के इस हमले से गुरबाज की मौके पर ही मौत हो गई.



ग्रामीणों की मदद से सांड पर पाया गया काबू



उधर सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया. इस बीच सांड को काबू में करने के लिए स्थानीय लोगों की मदद से ट्रेंकुलाइज किया गया. इसे बाद उसके हाथ-पैर बांधकर नगर निगम प्रशासन ले गया. अब सांड को काबू में करने का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. उधर स्थानीय प्रधान भानु प्रताप और अन्य लोगों का कहना है कि इलाके में तो छुट्टा जानवरों का आतंक है. इस बारे में प्रशासन से कई बार शिकायत की गई, लेकिन किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया. प्रधान ने बताया कि मृतक के पास एक बीघा खेती थी. परिवार में पत्नी के अलावा दो छोट-छोटे बच्चे हैं.

गौरतलब है कि लॉकडाउन के दौरान आवारा पशु भूख की वजह से हिंसक हो रहे हैं. बदायूं में भी बंदर के हमले से एक महिला छत से गिर कर गंभीर रूप से घायल हो गई. उसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है. इससे पहले अयोध्या से भी बंदरों के हमले में वृद्धि की खबर आई थी.

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