Choose Municipal Ward
    CLICK HERE FOR DETAILED RESULTS

    Pilibhit News: शुगर मिल के वेस्टेज से यह व्यापारी बना रहा कोयला, करोड़ों में हो रही कमाई

    युवा व्यापारी सहायक अहमद
    युवा व्यापारी सहायक अहमद

    पीलीभीत (Pilibhit News) जिला अपनी चीनी के लिए मशहूर है. यहां गन्ना बड़ी मात्रा में पैदा होता है, जिसके चलते जिले में कई छोटी बड़ी चीनी मिल लगी हुईं हैं. जिसका फायदा शायक अहमद ने उठाया और शुगर फैक्ट्री से निकलने वाली वेस्टेज मैली को खरीद कर उससे कोयला बनाने लगे.

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 6, 2020, 12:00 PM IST
    • Share this:
    पीलीभीत. झारखंड (Jharkhand) की कोयला खदानों (Coal Mines) को पछाड़ते हुए एक व्यापारी ने पीलीभीत (Pilibhit) में कोयला बनाने का काम शुरू कर दिया है. शुरूआती दिक्कतों का सामना करते हुए यह व्यापारी आज सालाना करोड़ों रुपए का कारोबार कर रहा है. शुगर मिल्स (Sugar Mills) के वेस्टेज से कोयला बनाने के आईडिया ने व्यापारी शायक अहमद की जिंदगी है बदल दी है. वह सिर्फ अपना ही नहीं बल्कि गांव के लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं.

    कैसे बनता है कोयला?
    पीलीभीत जिला अपनी चीनी के लिए मशहूर है. यहां गन्ना बड़ी मात्रा में पैदा होता है, जिसके चलते जिले में कई छोटी बड़ी चीनी मिल लगी हुईं हैं. जिसका फायदा शायक अहमद ने उठाया और शुगर फैक्ट्री से निकलने वाली वेस्टेज मैली को खरीद कर उससे कोयला बनाने लगे. इससे पहले चीनी मिल में मैली या तो पटान के काम आती थी या खाद के रूप में खेतों में डाली जाती थी. शायक को मैली से कोयला बनाने का आइडिया आया. उन्होंने इसकी जानकारी इकट्ठा की. पंजाब से मशीन खरीदी जो सूखी मैली को एक शक्ल देती है और कोयले के पीस बनाती है, जो ब्रेकेट्स कहलाते हैं.

    pilibhit news, bio coal
    शुगर मिल्स के वेस्टेज से बन रहा कोयला

    कहां प्रयोग होता है यह कोयला?


    व्यापारी शायक ने खुद इस कोयले को बेचने का बीड़ा उठाया और ईंट भट्टा मालिकों से सम्पर्क किया. उन्होंने बताया कि शुरुआती दिक्कतों के बाद आज वह पूरे जिले में मैली से बना कोयला सप्लाई कर रहे हैं.

    लोगों को मिला रोजगार
    इतना ही नहीं कोयले के इस व्यापार से गांव कई लोगों को रोजगार भी मिला, गांव व आसपास के तकरीबन 25-30 लोगों को अपनी रोजी-रोटी का जरिया इस उद्योग से मिला.

    सरकारी मदद भी मिली
    व्यापारी शायक अहमद ने बताया कि उन्हें खादी ग्रामोद्योग से आठ लाख पचहत्तर हजार का लोन मिला जिससे उन्हें व्यापार करने में मदद मिली. 39 वर्षीय शायक अहमद एक व्यापारी परिवार से ताल्लुक रखते हैं. बीएससी पास यह व्यापारी बचपन से ही बिजनेस में रुझान था. आज यह युवा व्यापारी पूरे ज़िले के व्यापारियों को एक नई राह दिखा रहा है
    अगली ख़बर

    फोटो

    टॉप स्टोरीज