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Pilibhit: घन्नई ताल बन गया सरयू और यहां हुआ राम-केवट संवाद, आप जानते हैं सवा सौ साल की परंपरा?

पीलीभीत के घन्नई ताल में अयोध्या की तर्ज़ पर रामलीला के वनगमन प्रसंग में राम-केवट संवाद का सजीव मंचन किया गया. पीलीभीत क ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट – सृजित अवस्थी

पीलीभीत. शहर में घन्नई ताल को एकता सरोवर के तौर पर विकसित किया गया है, जो पर्यटन का केंद्र भी बन रहा है और शहरवासियों के लिए माॅर्निंग वाॅक का भी. इसी घन्नई ताल को हाल में सरयू नदी मानकर यहां रामलीला के एक खास प्रसंग का मंचन किया गया. राम वनगमन के दौरान राम-केवट संवाद के इस मंचन की परंपरा पीलीभीत में काफी पुरानी है. इस बार भी यह मंचन हुआ तो सैकड़ों नहीं बल्कि हज़ारों की संख्या में शहरवासी इसे देखने उमड़ पड़े.

इस बारे में छमूे18 स्वबंस से बात करते हुए वरिष्ठ पत्रकार साकेत सक्सेना ने बताया कि रामलीला के पारंपरिक मंचन के दौरान शहर को रामचरित मानस के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में बांट दिया जाता है. हर प्रसंग का मंचन उपयुक्त क्षेत्रों में किया जाता है. ब्रिटिश काल के इस ताल को सरयू मानकर वनगमन लीला के राम-केवट संवाद को खेला जाता है. परंपरा के अनुसार केवट नाव में बैठाकर प्रभु राम, माता सीता और लक्ष्मण को नदी पार करवाते हैं. करीब 137 साल बाद भी यह मंचन विधिवत किया जा रहा है.

घन्नई क्या है और कैसे बना एकता सरोवर?

सक्सेना के अनुसार घन्नई क्षेत्रीय भाषा का एक शब्द है जो चार मटकों के ऊपर बांस रखकर बनाई गई नाव के लिए इस्तेमाल किया जाता है. चूंकि राम केवट संवाद दृश्य के मंचन के लिए पुराने दौर में उसी मटके को नाव के रूप में इस्तेमाल किया जाता था. संभवतः यही कारण है कि इस तालाब का नाम घन्नई पड़ गया.

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गौरतलब है कि पीलीभीत लोकसभा से सांसद रहीं मेनका गांधी ने आस्था को देखते हुए 1991 में इस सरोवर में पत्थर लगवाकर इसके हालात सुधारे थे. समय के साथ फिर इस सरोवर की दशा बदतर हो गई. लेकिन 2021 में पीलीभीत के ज़िलाधिकारी पुलकित खरे ने इस सरोवर की ओर ध्यान दिया. इसे पार्क और बोटिंग लेक के रूप में विकसित कराया जा रहा है. अब यह एकता सरोवर कहलाने लगा है.

जानिए कैसे पहुंचे एकता सरोवर?

अगर आप पीलीभीत में रहते हैं या पीलीभीत घूमने आ रहे हैं, तो आपको एकता सरोवर जरूर आना चाहिए. इस सरोवर को देखने के लिए आपको 10 रुपये का टिकट लेना होगा. अगर आप यहां मॉर्निंग या ईवनिंग वॉक के लिए आते हैं, तो 100 रुपये का एक मंथली पास भी बनवा सकते हैं. बोटिंग के लिए 30 रुपये का शुल्क निर्धारित है. इससे जुड़ी अन्य जानकारी के लिए आप 9412196120 पर सम्पर्क कर सकते हैं.

Tags: Pilibhit news, Ramlila

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