जानिए क्या है कोतवाल के सिर से जुएं निकाल मशहूर हुए बंदर राजा की कहानी
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जानिए क्या है कोतवाल के सिर से जुएं निकाल मशहूर हुए बंदर राजा की कहानी
कोतवाल श्रीकांत द्विवेदी के सिर से जुएं निकाल सोशल मीडिया पर फेमस हुआ बंदर

राजा नाम के इस बंदर की मां की मौत हो चुकी है. इसकी परवरिश ट्रैफिक पुलिस के एक सिपाही दिनेश ने की है. इंसानों की भीड़ में भी सहज दिखने वाला राजा किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता. वो कभी किसी के कान से मैल तो किसी के सिर से जुएं निकालता रहता है.

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पीलीभीत. पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक बंदर (Monkey) का वीडियो (Video) सोशल मीडिया (Social Media) पर जमकर वायरल (Viral Video) हुआ था. इस वायरल वीडियो में बंदर पीलीभीत (Pilibhit) थाना के कोतवाल श्रीकांत द्विवेदी के सिर पर बैठकर जुएं बीनते नजर आ रहा था. बंदर के इस कारनामे का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ. अब इस बंदर का पता चल गया है. इसका नाम राजा है और इसकी परवरिश एक पुलिसवाले (Policeman) ने ही की है.



दरअसल इस बंदर की मां की मौत के बाद इसकी परवरिश ट्रैफिक पुलिस के एक सिपाही दिनेश ने की. लेकिन प्रयागराज कुंभ मेले में दिनेश की ड्यूटी लगने के बाद से ही बंदर राजा शहर में इधर-उधर घूम रहा है. इंसानों की भीड़ में भी सहज दिखने वाला राजा किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता. वो कभी किसी के कान से मैल तो किसी के सिर से जुएं निकालता रहता है. मंगलवार को भी वो कोतवाल श्रीकांत द्विवेदी के दफ्तर पहुंच गया और उनके सिर से जुएं बीनने लगा. करीब 20 मिनट तक बंदर राजा कोतवाल के सिर से जुएं निकालता रहा. उसने रात भी कोतवाली में बैठकर बिताई. इसके बाद सुबह वन विभाग की टीम उसे अपने साथ ले गई.



pilibhit monkey
बंदर राजा का एक और वीडियो वायरल है जिसमें वह एक मोटरसाइकिल के पीछे बैठ गया.

बंदर किसी को परेशान नहीं करता

लोगों का कहना है कि यह बंदर किसी को परेशान नहीं करता लेकिन अगर इसे भगाओ तो वो तुरंत सलाम करता है. लिहाजा यह बात गलत साबित हुई कि यह बंदर लोगों को नुकसान पहुंचा रहा है. पिछले दिनों भी एक वीडियो वायरल हुआ था, जब वो एक आदमी के मोटरसाइकिल के पीछे बैठ गया था. इसके अलावा वायरल हुए एक अन्य वीडियो में यह बंदर एक आदमी के कान से मैल और सिर से जुएं निकालता नजर आ रहा है.

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बंदर राजा एक व्यक्ति के कान से निकाल रहा मैल


कोतवाल श्रीकांत द्विवेदी ने बताया कि नवमी के दिन वो मंदिर गए थे. उस दिन वहां उन्होंने बंदरों को केले और चने खिलाए थे. इसके बाद एक बंदर उनके पीछे-पीछे कोतवाली तक पहुंच आया. इसके बाद वो काफी देर तक उनके सिर से जुएं निकालता रहा. काफी देर बाद बंदर हटा. रात भर वो थाने में ही रहा. सुबह वन विभाग की टीम उसे मंदिर छोड़कर आई.

(इनपुट: मनोज शर्मा)
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