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पीलीभीत में नरभक्षी बाघ का आतंक, तीन दिन में दो को बनाया निवाला

News18Hindi
Updated: June 20, 2017, 4:05 PM IST

पीलीभीत टाइगर रिजर्व जंगल से निकलकर अब रिहायशी इलाको में अपना दस्तक दे रहे हैं. मंगलवार को न्यूरिया थाना इलाके के गांव बिठौरा के एक ग्रामीण पर भी बाघ ने हमला कर दिया, जिसमें उसकी जान चली गई.

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पीलीभीत टाइगर रिजर्व जंगल से निकलकर अब रिहायशी इलाको में अपना दस्तक दे रहे हैं. पिछले दो साल में लगभग एक दर्जन से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. मंगलवार को न्यूरिया थाना इलाके के गांव बिठौरा के एक ग्रामीण पर भी बाघ ने हमला कर दिया, जिसमें उसकी जान चली गई.

पता चला है कि ग्रामीण मेहीलाल 50 वर्ष गन्ने के खेत में घास कटाने के लिए गए थे कि अचानक बाघ ने हमला बोलकर अपना शिकार बना लिया. हमले में बाघ ने एक हाथ और एक पैर को बुरी तरह से चबा लिया. मेहीलाल के साथ उनका भतीजा भी घास काटने के लिए गया था, जो कि घबराकर किसी तरह वापस अपने गांव आया.

उसने घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी. सूचना के बाद पूरा गांव और परिजन मौके पर पहुंचे और मेहीलाल के शव को अपने कब्जे में लिया.

कयास लगया जा रहा है कि बाघिन अपने शावकों के साथ खेतो की तरफ आई. वही खतरे का अंदेशा होने पर उसने ग्रामीण पर हमला बोलकर उसे अपना शिकार बना डाला. उधर मौके पर भारी पुलिस फोर्स के साथ उपजिलाधिकारी पूर्णिमा सिंह पहुंचीं. उन्होंने आक्रोशित ग्रामीणों को शांत करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

तीन दिन पहले 17 जून को भी इसी थाना क्षेत्र के रूपपुर में बाघ ने ग्रामीण केवल प्रसाद को निवाला बनाया था. वहीं अगर बात मानव और वन्यजीवों के संघर्ष की हो तो दो वर्ष में लगभग 13 लोगों की जान जा चुकी है. मगर वन विभाग की ओर से अभी ऐसा कोई ठोस इंजाम नहीं किया है, जिसमे की जंगल के बाहर बाघों के आने पर रोक लगाई जा सके.

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First published: June 20, 2017, 3:11 PM IST
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