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VIRAL VIDEO: खुलेआम खेतों में घूम रहे हैं बाघ, दहशत में लोग

ETV UP/Uttarakhand
Updated: March 4, 2018, 7:45 PM IST

3 वर्ष पूर्व बिना संसाधनों की आपूर्ति किए पीलीभीत के जंगल को टाइगर रिजर्व घोषित किया था. जिसका खामियाजा आज भी जंगल के आसपास रहने वाले ग्रामीण व किसानों को भुगतना पड़ रहा है.

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पीलीभीत के माधोटांडा थाना इलाके में बाघों का कहर बढ़ गया है. वन विभाग की निगरानी के बावजूद बाघ खेत-खलिहानों में घूमते नजर आ रहे हैं. बाघों के कारण वहां रहने वालों की जीवन पर काफी असल पड़ रहा है क्योंकि ये बाघ उन पर कभी भी हमला कर देते हैं.

दरअसल एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें बाघ गेंहू के खेत में घूम रहें हैं और वहीं के कुछ युवक अपनी कार में बैठे उसका वीडियो बना रहे हैं. बता दें कि थाना माधोटांडा इलाके के रायपुर गांव में बीती 18 फरवरी को एक किसान रणजीत सिंह पर बाघ ने हमला बोलकर उसे बुरी तरह से घायल कर दिया था. किसान रणजीत सिंह जंगली जानवरों से फसल की रखवाली करने के लिए खेत जा रहा था और बाघ ने पीछे से आकर किसान पर हमला बोल दिया था.

किसान की पत्नी ने पति को मुक्त कराने के लिए बाघ पर डंडे से कई बार वार किया. तब जाकर उसके पति रणजीत सिंह की जान बच सकी थी. बाघ के हमले के बाद किसान के सिर पर गंभीर चोंटे आयी थी. जिसका इलाज जिला अस्पताल में कराया गया था.

हालांकि पीलीभीत टाइगर रिर्जव में बाघों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी होने से नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथॉरिटी के लिए भले ही एक बड़ी उपलब्धि हों. मगर पीटीआर जंगल के आसपास रहने वाले किसानों के लिए एक आफत बनी हुई है.

3 वर्ष पूर्व बिना संसाधनों की आपूर्ति किए पीलीभीत के जंगल को टाइगर रिजर्व घोषित किया था. जिसका खामियाजा आज भी जंगल के आसपास रहने वाले ग्रामीण व किसानों को भुगतना पड़ रहा है. बड़ी दुर्घटना के बाद लखनऊ व लखीमपुर के दुधवा नेशनल पार्क से एक्सपर्ट बुलाये जाते है, जबकि पीटीआर के पास एक्सपर्ट व संसाधन मौजूद होना चाहिए थे.

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First published: March 4, 2018, 7:45 PM IST
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