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plea to stop power of attorney for buying land in ghaziabad allahabad high court seeks reply for up government

गाजियाबाद: पॉवर ऑफ अटार्नी के जरिये जमीनों की खरीद-फरोख्त पर रोक की मांग, हाईकोर्ट ने मांगा यूपी सरकार से जवाब

गाजियाबाद की लोनी व सदर तहसील में जनरल पॉवर आफ अटार्नी के जरिये जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने की मांग को लेकर जनहित याचिका दायर.

गाजियाबाद की लोनी व सदर तहसील में जनरल पॉवर आफ अटार्नी के जरिये जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने की मांग को लेकर जनहित याचिका दायर.

पॉवर ऑफ अटॉर्नी पर रोक लगाने की मांग को लेकर दायर इस जनहित याचिका पर जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर और जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव की खंडपीठ में हुई सुनवाई. याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कोर्ट में कहा कि गाजियाबाद की लोनी व सदर तहसील में अधिकारियों की मिलीभगत से राज्य सरकार को मिलने वाले शुल्क का भारी नुकसान हो रहा है.

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इलाहाबाद. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद (Ghaziabad News) की लोनी व सदर तहसील में जनरल पॉवर आफ अटार्नी (Power of Attorney) के जरिये जमीन की खरीद-फरोख्त (Land Buying) पर रोक लगाने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है. इस जनहित याचिका में जमीन की खरीद फरोख्त पर रोक लगाने के साथ पिछले पांच वर्षों में जमीन हस्तांतरण से सरकारी खजाने को हुए नुकसान की उच्च स्तरीय जांच कराने की भी मांग की गई है. इस मामले पर अब 25 अप्रैल को अगली सुनवाई होगी.

सोसायटी फॉर वायस ऑफ ह्यूमन राइट्स एंड जस्टिस व इसके अध्यक्ष राज कुमार कौशिक की ओर यह जनहित याचिका दायर की गई, जिस पर जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर और जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव की खंडपीठ में हुई सुनवाई.

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याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कोर्ट में कहा कि गाजियाबाद की लोनी व सदर तहसील में अधिकारियों की मिलीभगत से राज्य सरकार को मिलने वाले शुल्क का भारी नुकसान हो रहा है. यहां अधिकारी और स्टाफ सरकारी नियमों का अनुचित लाभ लेकर जनरल पावर ऑफ अटार्नी के जरिये जमीन का हस्तांतरण करा रहे हैं.

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याचिकाकर्ता ने छह उप निबंधकों भोलानाथ वर्मा, रवीन्द्र मेहता, नवीन‌ शर्मा, सुरेश चंद्र मौर्य, हनुमान प्रसाद व नवीन राय को पक्षकार बनाया है. याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील आरएन यादव और अभिषेक कुमार यादव ने आरोप लगाया कि यहां 12 लाख 85 हजार रुपये कीमत की जमीन महज़ 90 हजार रुपये के स्टाम्प पर 20100 रुपये का शुल्क लेकर हस्तांतरण की गई है. इसी प्रकार अधिकारी पैसे लेकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा रहे हैं.

Tags: Allahabad high court, Ghaziabad News

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