Home /News /uttar-pradesh /

pm modi visit to lord buddha birth place on buddha purnima know the reason behind this yatra

India-Nepal Ties: बुद्ध पूर्णिमा के दिन आखिर लुम्बिनी क्यों गए पीएम नरेंद्र मोदी, यूपी की सियासत में क्या हैं इसके मायने?

भगवान बुद्ध के जन्मदिवस पर उनकी जन्मस्थली जाकर पीएम नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी दलितों को बड़ा संदेश देना चाहते हैं.

भगवान बुद्ध के जन्मदिवस पर उनकी जन्मस्थली जाकर पीएम नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी दलितों को बड़ा संदेश देना चाहते हैं.

बुद्ध के जन्मदिवस पर बुद्ध की जन्मस्थली जाकर पीएम नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी दलितों को क्या संदेश देना चाहती है. वैसे तो इस यात्रा के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मायने हैं, लेकिन यूपी में इसका संदेश कुछ ज्यादा बड़ा ही है.

लखनऊ. दलित समुदाय के बीच महात्मा बुद्ध का स्थान भगवान जैसा है. यूपी में दलितों की सबसे बड़ी नेता मायावती के साथ-साथ बड़ी संख्या में दलितों ने बौद्ध धर्म ही अपनाया है. ऐसे में बुद्ध के जन्मदिवस पर बुद्ध की जन्मस्थली जाकर पीएम नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी दलितों को क्या संदेश देना चाहती है.

वैसे तो इस यात्रा के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मायने हैं, लेकिन यूपी में इसका संदेश कुछ ज्यादा बड़ा ही है. इसी साल यूपी में हुए विधानसभा चुनाव के बाद ये जाहिर हो गया है कि बसपा और मायावती में ताकत नहीं बची है. ऐसे में भाजपा के पास एक बड़ा अवसर है कि वह दलित वोटबैंक को और भी सलीके से समेट सके. पार्टी ने बसपा के इस वोटबैंक में सेंधमारी तो कर ही ली है, लेकिन अब वो इसे पूरा समेटने की जुगत में लगी है.

दो साल बाद लोकसभा के चुनाव होने हैं. ऐसे में यूपी से बाहर के राज्यों में भी दलित वोटबैंक पर भाजपा की नजरें टिकी हुई हैं. ये सभी जानते हैं कि दलित भाजपा के पारम्परिक वोटबैंक नहीं रहे हैं लेकिन अपनी कार्यप्रणाली से पार्टी को इसमें काफी हद तक सेंधमारी करने में सफलता मिल चुकी है.

लखनऊ के रिसर्च फेलो डॉ. आरबी रावत ने न्यूज़ 18 से बातचीत में नरेंद्र मोदी के लुम्बिनी और कुशीनगर दौरे के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मायने गिनाए. डॉ. रावत ने कहा कि बुद्ध को दुनियाभर में शान्ति का संदेशवाहक माना जाता है. इस समय जबकि दुनिया में उथल-पुथल मची है, युद्ध हो रहे हैं, अमेरिका की सत्ता विश्व स्तर पर कमजोर हो रही है. ऐसे वक्त में बुद्ध की जन्मस्थली जाकर एक विश्व लीडर की छवि निखारने की नरेंद्र मोदी की ये कोशिश है. इतना ही नहीं देश में कई इलाकों में हिजाब सहित दूसरे मामलों को लेकर जिस तरह से साम्प्रदायिक भावनाएं भड़की हैं और हिंसा हुई है, विश्वस्तर पर बुद्ध की जन्मस्थली जाकर इसे भी पाने की कोशिश पीएम की लगती है.

वहीं दलित समुदाय के उत्थान के लिए काम करने वाली संस्था डॉ. अम्बेडकर राष्ट्रीय एकता मंच के अध्यक्ष भवननाथ पासवान ने कहा कि पीएम नरेन्द्र मोदी का ये कदम धार्मिक रूप से नहीं, बल्कि रणनीतिक रूप से उठाया गया एक कार्यक्रम है. इस कदम के जरिये दलित समुदाय को अपनी तरफ पुरजोर तरीके से मोबलाइज किया जा सके. इसे 2024 के लोकसभा चुनाव से भी जोड़कर देखा जा सकता है, क्योंकि पहली बार प्रधानमंत्री बुद्ध पूर्णिमा के कार्यक्रम में सम्मिलित हो रहे हैं.

इसके अलावा वरिष्ठ पत्रकार विजय भट्ट भी इसी ओर इशारा करते हैं. उन्होंने कहा कि वैसे तो दलित राजनीति डॉ. अम्बेडकर और कांशीराम के नाम पर ही होती रही है, लेकिन अब ये बुद्ध के नाम पर भी शुरू हो गई है. देखिये दलित आउटरीच के लिए बीजेपी ने हर संभव तरीका अपनाया है. चाहे वो सरकार के जरिये हो या फिर प्रचार माध्यमों से. बसपा ने दलितों के बीच सत्ता की बराबर भागीदारी की भूख जरूर जगाई, लेकिन उसे असली शक्ल तो बीजेपी ने दी है.

बता दें कि यूपी के चुनाव अभी हाल ही में खत्म हुए हैं और दो साल बाद लोकसभा के चुनाव होने वाले हैं. दलित आबादी के हिसाब से देश के तीन बड़े राज्य हैं यूपी, पंजाब और महाराष्ट्र. यूपी में दलित समुदाय के वोटबैंक में भाजपा ने अच्छी खासी सेंधमारी कर ली है. मायावती और बसपा के सिमटते जनाधार के बीच भाजपा के भीतर पूरे दलित वोटबैंक को समेटने की तड़प दिखाई दे रही है. दूसरी तरफ महाराष्ट्र और पंजाब में भाजपा दलित वोटबैंक में सेंधमारी करके अपनी स्थिति बेहतर करने को बेताब है.

यूपी में दलित आबादी लगभग 21 फीसदी है. बसपा ने इसी वोटबैंक के सहारे चार बार यूपी में सरकार बनायी. इस साल हुए विधानसभा के चुनाव में बसपा 12.88 फीसदी वोट पर समिट गयी. ऐसे में दलित वोट का एक बड़ा हिस्सा उससे अलग हो गया है. बीजेपी की कोशिश है कि बसपा के साथ जुड़ा दलित वोटबैंक पूरा का पूरा उसकी तरफ मूव कर जाए. यदि ऐसा करने में पार्टी कामयाब हो जाए तो यूपी में पार्टी अजेय हो जाएगी, क्योंकि दिल्ली की चाभी भी तो यूपी के पास ही होती है.

Tags: Buddha Purnima, India-Nepal Border, Pm narendra modi

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर