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Ayodhya: साकेत महाविद्यालय के छात्र नेताओं के खिलाफ दर्ज राष्ट्रद्रोह का केस वापस, पुलिस ने कहा- नहीं मिले साक्ष्य

एक साल पहले कॉलेज परिसर में धरने देते छात्रों का फोटो.

अयोध्या (Ayodhya) में साकेत महाविद्यालय (Saket College) में छात्र संघ चुनाव की घोषणा को लेकर छात्र नेताओं ने महाविद्यालय (Collage) के गेट पर ताला बंद करके नारेबाजी की थी, जिसके बाद पुलिस (Police) ने देशद्रोह की धाराओं के तहत उनके खिलाफ केस दर्ज किया था.

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अयोध्या. अयोध्या (Ayodhya) में साकेत महाविद्यालय (Saket College) में छात्र संघ चुनाव की तिथि की घोषणा को लेकर छात्र नेताओं (Student leaders) ने अनशन किया था. महाविद्यालय प्रशासन के द्वारा छात्र नेताओं को छात्र संघ के चुनाव की स्थिति की घोषणा नहीं करने पर आंदोलित छात्रों ने साकेत महाविद्यालय कैंपस में मुख्य गेट को बंद करके घंटों बवाल किया था, जिसमें छात्र नेताओं की पुलिस-प्रशासन (Police- Administration) और महाविद्यालय के प्रशासन से कहासुनी हुई थी.

इस प्रकरण में साकेत महाविद्यालय में जेएनयू के तर्ज पर नारे लगाए गए थे, जिसमें प्राचार्य की तहरीर पर जिला प्रशासन ने राष्ट्रद्रोह और सरकारी कार्य में बाधा डालने की धाराओं के तहत महाविद्यालय के 6 छात्र नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था. छात्र नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद न्यूज़ 18 ने इस खबर को प्रमुखता से लोगों तक पहुंचाया था. अब छात्र हित को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने छात्र नेताओं के ऊपर दर्ज मुकदमें को वापस ले लिया है. पुलिस ने इस मामले में बताया कि छात्रों के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला है, जिसके बाद मुकदमें को वापस लिया गया है.

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पुलिस ने बताया कि देशद्रोह के मामले में छात्र नेताओं के ऊपर लगी धाराओं को वापस ले लिया गया है. लेकिन अन्य धाराओं के तहत मामले की जांच की जा रही है. साकेत महाविद्यालय के प्राचार्य का आरोप है कि छात्र नेताओं के द्वारा पूरे महाविद्यालय कैंपस में अराजकता फैलाई गई थी. महाविद्यालय के मुख्य गेट पर ताला बंद किया गया और आजादी के नारे महाविद्यालय कैंपस में लगाए गए थे. यह सारा वाक्या पुलिस की मौजूदगी में हुआ था इस मुकदमे में 6 छात्र नेता नामजद थे, जिसमें कुछ पूर्व के छात्र नेता थे और वर्तमान में कुछ छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था.

साकेत महाविद्यालय के प्राचार्य नर्वदेश्वर पांडेय का कहना है कि कॉलेज कैंपस के अंदर आजादी के नारे लगाए गए थे और यह समस्त घटना प्रशासन के सामने हुई थी. हालांकि प्रशासन ने राष्ट्रद्रोह की धाराओं को हटा दिया है, लेकिन उस वक्त जो माहौल था वह बेहद अराजक था महाविद्यालय के छत पर 3 छात्र नेता चढ़कर संपूर्ण कॉलेज कैंपस को अपने अधिकार में ले लिया था मुख्य द्वार बंद करके एसपी सिटी और एडीएम तथा प्रशासनिक अधिकारी को महाविद्यालय के कैंपस में प्रवेश नहीं करने दे रहे थे. यह घटना पुलिस प्रशासन के आंखों के सामने हो रही थी. महाविद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि अभी कक्षाओं में प्रवेश की प्रक्रिया चालू थी और बिना प्रवेश प्रक्रिया पूरी किए हुए चुनाव नहीं किया जा सकता था.
Published by:Pankaj Soni
First published: