बिहार से लाकर UP के बाजारों में खपाते थे, बड़ी संख्या में नकली नोटों के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

दोनों आरोपी प्रयागराज जिले के रहने वाले हैं.
दोनों आरोपी प्रयागराज जिले के रहने वाले हैं.

नकली नोटों (Fake Notes) के मामले में गुजरात, बंगाल और पंजाब देश में टॉप पर है. वहीं नकली नोट के कारोबारियों ने यूपी में भी अपने पैर पसार लिए हैं.

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प्रतापगढ़. उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में हथिगवां पुलिस को बड़ी कामयाबी हासिल हुई. पुलिस ने नकली नोटों (Fake Notes) ने साथ दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया. इनके पास से सौ और पचास रुपये का नकली नोटों के बंडल जब्त किये गये. पुलिस ने दोनों आरोपियों को हथिगवां थाना इलाके में जहानाबाद ब्रिज के पास किया.

जब्त नकली नोटों में 4-4 बंडल सौ और पचास के नोट हैं. यानी कुल 60 हजार रुपये के नकली नोट जब्त किये गये. गिरफ्तार अनुज तिवारी और अनुभव तिवारी कमलापुर थाना नबाबगंज प्रयागराज जिले के रहने वाले हैं.

पुलिस की पूछताछ में दोनों तस्करों ने बताया कि वे बिहार से नकली नोट लाकर प्रतापगढ़ के बाज़ारों में खपाते थे. पुलिस के मुताबिक दोनो आरोपी कुछ दिन पहले ही नकली नोटों के इस कारोबार में उतरे थे. और नकली नोटों को खपाने के दौरान ही पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी कुंडा इलाके में नकली नोट को खपाने की कोशिश कर रहे थे. दोनों को जेल भेज दिया गया.



नकली नोट के मामले में गुजरात, बंगाल और पंजाब हैं टॉप पर
बता दें कि हाल में ही गृह मंत्रालय ने नकली नोटों से जुड़े कुछ आंकड़े जारी किए. ये आंकड़े बीते चार साल के हैं. 2016 से लेकर 2019 तक के आंकड़े जारी किए गए. आंकड़ों में बताया गया कि कब और कहां कितने नकली नोट पकड़े गए. पाकिस्तान 2000, 500 और 200 रुपये के नोट की शक्ल में नकली नोट भारत भेज रहा है.

खास बात यह है कि तीनों ही तरह के नोटों की बरामदगी के मामले में गुजरात पहले नंबर पर है. गुजरात में 12 करोड़ रुपये से ज़्यादा की कीमत के नकली नोट पकड़े जा चुके हैं. वहीं पश्चिम बंगाल में 10 करोड़ और पंजाब में 50 लाख रुपये के. परेशान करने वाली बात यह भी है कि नकली नोट के कारोबारियों ने यूपी में भी अपने पैर पसार लिए हैं.
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