मोदी लहर में भी नहीं खिसका बसपा का वोट बैंक

16वीं लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में भले ही यूपी में बसपा का खाता नहीं खुल पाया, लेकिन पार्टी का वोट बैंक अभी भी उससे मजबूती से जुड़ा हुआ है। खासकर इलाहाबाद, फुलपूर, प्रतापगढ़, भदोई और कौशांबी में बसपा की स्थिति मजबूत बनी हुई है।
16वीं लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में भले ही यूपी में बसपा का खाता नहीं खुल पाया, लेकिन पार्टी का वोट बैंक अभी भी उससे मजबूती से जुड़ा हुआ है। खासकर इलाहाबाद, फुलपूर, प्रतापगढ़, भदोई और कौशांबी में बसपा की स्थिति मजबूत बनी हुई है।

16वीं लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में भले ही यूपी में बसपा का खाता नहीं खुल पाया, लेकिन पार्टी का वोट बैंक अभी भी उससे मजबूती से जुड़ा हुआ है। खासकर इलाहाबाद, फुलपूर, प्रतापगढ़, भदोई और कौशांबी में बसपा की स्थिति मजबूत बनी हुई है।

  • News18
  • Last Updated: May 20, 2014, 10:39 AM IST
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16वीं लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में भले ही यूपी में बसपा का खाता नहीं खुल पाया, लेकिन पार्टी का वोट बैंक अभी भी उससे मजबूती से जुड़ा हुआ है। खासकर इलाहाबाद, फुलपूर, प्रतापगढ़, भदोई और कौशांबी में बसपा की स्थिति मजबूत बनी हुई है।

टाइम्‍स ऑफ इंडिया के मुताबिक बसपा को इलाहाबाद में 16.2 लाख और फुलपूर में 16.3 लाख वोट मिले। 2009 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को इलाहाबाद में 17.4 लाख और फुलपूर में 16.7 लाख वोट मिले थे। 2004 में बसपा को इलाहाबाद में 1.11 लाख, फुलपूर में 2.01 लाख और प्रतापगढ़ में 82,876 वोट मिले थे।

इसी तरह प्रतापगढ़, भदोई और कौशांबी में भी बसपा लोगों को अपनी ओर खींचने में कामयाब रही। इस बार लोकसभा चुनाव में प्रतापगढ़ में 2.07 लाख, भदोई में 2.45 और कौशांबी में 2.01 लाख वोट मिले। 2004 में पार्टी को प्रतापगढ़ में 1.39 लाख, भदोई में 1.95 और कौशांबी में 1.90 लाख वोट मिले थे।



प्रदेश में कुल वोट शेयर में भाजपा (42.3 फीसदी) और सपा (22.2 फीसदी) के बाद बसपा (20.0 फीसदी) तीसरे पायदान पर रही। इस प्रकार बसपा को 2.3 करोड़ मतदाताओं ने वोट दिए, लेकिन वह एक भी सीट नहीं जीत पाई। हालांकि 34 सीटों पर बसपा के उम्‍मीदवार दूसरे पायदान पर रहे।
वहीं राष्‍ट्रीय स्‍तर पर जरूर बसपा के कुल मतों में गिरावट दर्ज की गई। यह छह फीसदी से घटकर 4.1 फीसदी रह गई।
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