चौपाल में घुसखोर लाइनमैन पर फूटा मंत्री का गुस्सा, कहा-पैसे तुम लो और जवाब हम दें

मंत्री का गुस्सा देखकर वहां मौजूद अफसर सन्न रह गए. मंत्री मोती सिंह ने लाइनमैन से ग्रामीणों के सामने माफी भी मंगवाई.

News18 Uttar Pradesh
Updated: May 4, 2018, 11:05 AM IST
चौपाल में घुसखोर लाइनमैन पर फूटा मंत्री का गुस्सा, कहा-पैसे तुम लो और जवाब हम दें
कैबिनेट मंत्री मोती सिंह ने आसपुरदेवसरा बाजार में ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाई.
News18 Uttar Pradesh
Updated: May 4, 2018, 11:05 AM IST
ग्राम स्वराज कार्यक्रम के तहत यूपी के कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र प्रताप उर्फ़ मोती सिंह अपने दो दिनों के दौरे पर गुरुवार को प्रतापगढ़ पहुंचे. इस दौरान कैबिनेट मंत्री ने आसपुरदेवसरा बाजार में ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाई. चौपाल में मंत्री ने एक-एक कर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना. इस दौरान मंत्री से ग्रामीणों ने अपने इलाके के लाइनमैन की शिकायत करते हुए बिना घूस लिए काम न करने का आरोप लगाया. इस पर कैबिनेट मंत्री आग बबूला हो उठे. मंच से ही विद्युत विभाग के लापरवाह  लाइनमैन पास बुलाकर जमकर फटकार लगाया.

मंत्री ने लाइनमैन फटकारते हुए कहा, “हट जाओ यहां से नहीं तो जेल भेज देंगे. पैसा तुम लोगों से लो और सुनना हमें पड़ता है.” जिसके बाद मंत्री का गुस्सा देखकर वहां मौजूद अफसर सन्न रह गए. मंत्री मोती सिंह ने लाइनमैन से ग्रामीणों के सामने माफी भी मंगवाई. इसके बाद शिकायतकर्ता ने भी मंत्री को शुक्रिया कहते हुए कहा कि मंत्री ऐसा ही होना चाहिए.

वहीं, चौपाल स्थल पर पृथवीराज चौहान की मूर्ति के काम में लापरवाही पाए जाने पर ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता को निलबित कर दिया. चौपाल का कार्य्रकम खत्म होने पर मंत्री ने गांव में अवधेश सरोज के घर खाना भी खाया. इसके बाद गांव में ही रात्रि विश्राम भी किया.

मीडिया से बातचीत में मंत्री मोती सिंह ने जिन्ना पर चल रहे विवाद पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि मैं हिंदुस्तान का हिंदुस्तानी हूं. जिन्ना के बारे में हिंदुस्तान में कोई बात हो मै समझता हूं वह विवेकपूर्ण बात नहीं है. जिन्ना का क्या मतलब? जिन्होंने हिंदुस्तान के टुकड़े और बंटवारे में अहम भूमिका निभाई है. हिंदुस्तान का आदमी न जिन्ना को पसंद करता है और न ही उनका नाम सुनना चाहता है.

गौरतलब है कि बीजेपी के ग्राम समाज कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री से लेकर डिप्टी सीएम, मंत्री सासद और विधायक डाली बाहुल्य गांवों में चौपाल लगाकर उनकी समस्या सुन रहे हैं. इतना ही नहीं दलित के घर खाना और गांव में ही विश्राम कर रहे हैं. इस दौरान ग्रामीणों के सामने ही अफसरों को लापरवाही के लिए फटकार भी लगाई जा रही है.

(रिपोर्ट: रोहित सिंह)
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर