प्रतापगढ़: राजा भैया से मिलने पहुंचे कैबिनेट मंत्री मोती सिंह, अटकलों का बाजार गर्म
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प्रतापगढ़: राजा भैया से मिलने पहुंचे कैबिनेट मंत्री मोती सिंह, अटकलों का बाजार गर्म
कैबिनेट मंत्री मोती सिंह ने की राजा भैया से मुलाकात

दोनों नेताओं के बीच आधे घंटे तक मुलाकात हुई. इस दौरान बेती कोठी के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ भी नजर आई.

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प्रतापगढ़. योगी सरकार (Yogi Government) के कैबिनेट मंत्री मोती सिंह (Cabinet Minister moti Singh) बुधवार को जनसत्ता पार्टी के अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ़ राजा भैया (Raja Bhaiya) से मिलने उनकी बेती कोठी पर पहुंचे. कैबिनेट मंत्री मोती सिंह और कुंडा विधायक राजा भैया के बीच इस मुलाकात से जिले का सियासी पारा चढ़ गया है. अटकलों का बाजार भी गर्म है. दोनों नेताओं के बीच आधे घंटे तक मुलाकात हुई. इस दौरान बेती कोठी के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ भी नजर आई. इतना ही नहीं यह मोती सिंह की राजा भैया के साथ पहली मुलाकात थी.

इस मुलाकात के सियासी मायने भी निकाले जाने लगे है. आने वाले वक्त में जिला पंचायत अध्यक्ष, एमएलसी और विधानसभा का चुनाव होना है. जिसकी वजह से इस मुलाकात को सियासी चश्मे से देखा जा रहा. एक बार फिर राजा भैया का रुख भाजपा की तरफ होने से भी चर्चाओं का बाजार गर्म है.

गौरतलब है कि कुंडा के निर्दलीय विधायक राजा भैया ने लोकसभा चुनाव से पहले जनसत्ता पार्टी का गठन कर चुनाव लड़ा था. हालांकि उन्हें कोई खास सफलता नहीं मिली. अब दोनों नेताओं के बीच हुई इस मुलाकात को 2022 के विधानसभा चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है.



बसपा-सपा गठबंधन के बाद अखिलेश से बनी दूरी
दरअसल, लोकसभा चुनाव से पहले सपा और बसपा के बीच हुए गठबंधन के बाद अखिलेश यादव और राजा भैया के बीच दूरी बढ़ गई. इस बात की तस्दीक उस वक्त हो गई जब राज्य सभा चुनाव हुए. राजा भैया ने सपा-बसपा कैंडिडेट की जगह बीजेपी उम्मीदवार को अपना वोट दिया. इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हुई मुलाकात के बाद अटकलों का बाजार गर्म हुआ कि राजा भैया बीजेपी की तरफ जा सकते हैं. हालांकि अब तक निर्दल राजनीति करते आए राजा भैया ने अपनी खुद की पार्टी बनाई ली.

कौन हैं राजा भैया?

राजा भैया लगातार कुंडा से कई  बार विधायक हैं. 1993 से वह कुंडा से निर्दलीय जीतते आ रहे हैं. 1997 में बीजेपी की कल्याण सिंह की सरकार में वह पहली बार मंत्री बने थे. 2002 में बसपा सरकार में विधायक पूरन सिंह बुंदेला को धमकी देने के मामले में उन्हें जेल जाना पड़ा था.

(इनपुट: रोहित सिंह)

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