लोकसभा चुनाव 2019: राजा भैया ने किया ऐलान, 12 और सीटों से उतारेंगे प्रत्याशी
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लोकसभा चुनाव 2019: राजा भैया ने किया ऐलान, 12 और सीटों से उतारेंगे प्रत्याशी
रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया (File Photo)

राजा भैया ने ट्वीट कर बताया कि उनकी पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक ने फतेहपुर, सीतापुर, बांदा, हमीरपुर, जालौन, जौनपुर, मछलीशहर, बलिया, ग़ाज़ीपुर, सीतापुर, डुमरियागंज, बहराइच से लोकसभा चुनाव लड़ने का निर्णय किया है.

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उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री और निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की जनसत्ता दल लोकतांत्रिक ने कुल 14 सीटों से लोकसभा प्रत्याशी उतारने का फैसला किया है. बता दें दो सीटों प्रतापगढ़ और कौशाम्बी से राजा भैया प्रत्याशियों का ऐलान कर चुके हैं. बुधवार को उन्होंने ट्वीट कर 12 और सीटों का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि फतेहपुर, सीतापुर, बांदा, हमीरपुर, जालौन, जौनपुर, मछलीशहर, बलिया, ग़ाज़ीपुर, सीतापुर, डुमरियागंज, बहराइच से लोकसभा चुनाव लड़ने का निर्णय किया है. प्रत्याशियों के नाम की घोषणा शीघ्र ही की जाएगी.

इससे पहले राजा भैया ने प्रतापगढ़ से पूर्व सांसद एवं एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपाल और कौशाम्बी से पूर्व सांसद शैलेन्द्र कुमार को प्रत्याशी घोषित किया है. चुनाव आयोग ने राजा भैया की पार्टी उनकी पार्टी को "फुटबॉल प्लेयर" चुनाव चिह्न आवंटित किया है. राजा भैया ने खुद सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी दी. बता दें राजा भैया प्रतापगढ़ के कुंडा विधानसभा से विधायक हैं.

 





दरअसल, राजा भैया की इस कवायद को सवर्णों को लामबंद करने की मुहिम के रूप में देखा जा रहा है. बता दें कि राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से हुए मतभेद के बाद से ही वे नई सियासी जमीन तलाश रहे हैं. कहा जा रहा है कि सपा से रिश्ते खराब होने के बाद राजा भैया का यह बड़ा सियासी दांव है. वैसे राजा भैया बीजेपी और सपा सरकार में मंत्री रह चुके हैं. लेकिन योगी सरकार में उनकी एंट्री मंत्रिमंडल में नहीं हो सकी है.

राजा भैया खुद लगातार आठवीं बार विधायक हैं. 1993 से वह कुंडा से निर्दलीय जीतते आ रहे हैं. 1997 में बीजेपी की कल्याण सिंह की सरकार में वह पहली बार मंत्री बने थे. 2002 में बसपा सरकार में विधायक पूरन सिंह बुंदेला को धमकी देने के मामले में उन्हें जेल जाना पड़ा था. बाद में मुख्यमंत्री मायावती ने उन पर पोटा लगा दिया था. करीब 18 महीने वह जेल में रहे. 2003 में मुलायम सिंह ने मुख्यमंत्री बनने के बाद राजा भैया के ऊपर से पोटा हटा लिया और उन्हें अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया, तब से वह लगातार सपा के साथ थे.

आपको बता दें कि देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में भी सात चरणों में वोटिंग होनी है. पहले चरण की वोटिंग 11 अप्रैल को, दूसरे चरण के लिए 18 अप्रैल, तीसरे चरण के लिए 23 अप्रैल, चौथे चरण के लिए 29 अप्रैल, पांचवें चरण के लिए 6 मई, छठे चरण के लिए 12 मई और सातवें चरण के लिए वोटिंग 19 मई को होगी. नतीजे 23 मई को आएंगे.

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