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चीन सीमा पर शहीद हुआ प्रतापगढ़ का लाल, परिजनों को 50 लाख की मदद और सरकारी नौकरी की घोषणा

चीन सीमा पर शहीद हुआ प्रतापगढ़ का लाल (File photo)
चीन सीमा पर शहीद हुआ प्रतापगढ़ का लाल (File photo)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने सूबेदार सुधाकर सिंह के शौर्य और वीरता को नमन करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 6, 2021, 5:43 PM IST
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प्रतापगढ़. अरुणाचल प्रदेश में चीन की सीमा पर तैनात प्रतापगढ़ (Pratapgarh) के गोंड़े गांव निवासी आर्मी के नायब सूबेदार सुधाकर सिंह (46) शहीद हो गए. असम में रह रहे पत्नी-बच्चों के साथ गोंड़े गांव में परिजनों के पास सोमवार सुबह यह खबर आई तो लोग सहम गए. रविवार रात ड्यूटी के दौरान भारी बर्फबारी और ठंड के बीच वह शहीद हो गए. गांव के बेटे के देश की सीमा पर शहीद होने की सूचना पर ग्रामीणों में भी शोक की लहर दौड़ गई.

CM योगी ने दी श्रद्धाजंलि
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूबेदार सुधाकर सिंह के शौर्य और वीरता को नमन करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है. सीएम योगी ने शहीद सुधाकर सिंह के परिवारीजन को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है. इसके अलावा उन्होंने शहीद के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और जिले की एक सड़क का नामकरण शहीद सुधाकर सिंह के नाम पर करने की भी घोषणा की है. उन्होंने कहा कि शहीद के परिवार की हर संभव मदद की जाएगी.

चीन सीमा पर भारी बर्फबारी और ठंड
बता दें कि सदर ब्लॉक क्षेत्र के गोंड़े गांव निवासी समर बहादुर सिंह के तीन बेटों और तीन बेटियों में सबसे बडे़ सुधाकर सिंह (46) भारतीय सेना में नायब सूबेदार के पद पर तैनात थे. वर्तमान में उनकी पोस्टिंग असम में ‘लाइट अर्टिलरी रेजीमेंट की 1851 यूनिट में थी. हालांकि करीब एक माह से वह अरुणाचल प्रदेश में चीन की सीमा पर देश की सुरक्षा में लगे थे. रविवार रात ड्यूटी के दौरान भारी बर्फबारी और ठंड के बीच वह शहीद हो गए.



इसकी सूचना असम में रह रहे पत्नी और बच्चों के साथ गोंड़े में रह रहे भाई को मिली तो सभी अवाक रह गए. ग्रामीण भी गांव के बेटे के देश की सीमा पर शहीद होने की खबर से स्तब्ध रह गए. शहीद सुधाकर सिंह के भाई प्रभाकर सिंह ने बताया कि अभी उनका शव पत्नी और बेटे के पास असम लाया जा रहा है. यहां उनका पार्थिव शरीर बुधवार तक गांव पहुंचने की उम्मीद है.



बहन की मई में तय हुई थी शादी
तीन बहनों में सुधाकर ने सिर्फ बड़ी बहन पूजा की ही शादी कर सके थे. सुधाकर ने दूसरे नंबर की बहन की शादी मई में तय कर रखी थी. मई में बहन की नम आंखे से विदाई का सपना लिए देश की सुरक्षा में सीमा पर डट कर देश की रक्षा कर रहे थे. भारी बर्फबारी और ठंड में भी चीन की सीमा पर मुस्तैद होकर देश की सेवा कर रहे थे, लेकिन अचानक उनकी तबियत बिगड़ी और बहन की शादी के पहले ही बेल्हा के लाल दुनिया से विदा से विदा हो गए.

मां को नहीं दी गई जानकारी
सुधाकर सिंह के पिता समर बहादुर सिंह का करीब 6 साल पहले निधन हो गया था. जबकि उनकी मां कमला देवी बीमार चल रही हैं और बिस्तर पर ही रहती हैं. सुधाकर के शहीद होने की खबर उनके भाई प्रभाकर को मिली लेकिन उन्होंने अपनी मां को इसकी जानकारी नहीं दी.
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