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Raja Bhaiya: पिछले 6 चुनावों में लगातार निर्दलीय जीत रहे हैं राजा भैया, पहली बार खुद की पार्टी से हैं मैदान में, जानें क्या है हार-जीत का आंकड़ा

Raja Bhaiya: पिछले 6 चुनावों में लगातार निर्दलीय जीत रहे हैं राजा भैया, पहली बार खुद की पार्टी से हैं मैदान में, जानें क्या है हार-जीत का आंकड़ा

UP Chunav: राजा भैया कुंडा विधानसभा सीट से लगातार 6 बार जीत दर्ज कर चुके हैं.

UP Chunav: राजा भैया कुंडा विधानसभा सीट से लगातार 6 बार जीत दर्ज कर चुके हैं.

Uttar Pradesh Assembly Elections 2022: 2017 के विधानसभा चुनाव में राजा भैया ने अपने सभी रिकार्ड को खुद तोड़ते हुए एक लाख तीन हजार के बंपर वोटों से जीत दर्ज किया था. वहीं राजा भैया को सबसे कम मतों से जीत 2007 के विधानसभा चुनाव में मिली थी. राजा भैया सिर्फ 53 हजार मतों से जीतने में कामयाब रहे. आज तक उनके जीत का ग्राफ कभी भी 53 हजार वोटों के नीचे नहीं खिसका, लेकिन इस बार राजा भैया ने अपनी खुद की पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक बनाई है.

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प्रतापगढ़. विधानसभा चुनाव (UP Assembly Elections 2022) को लेकर यूपी में चुनावी माहौल गर्म है. दावेदार मतदाताओं के बीच जाकर उन्हें अपने पाले में करने का समीकरण बना रहे है. ऐसे में प्रतापगढ़ (Pratapgarh) के कुंडा विधानसभा सीट (Kunda Assembly Seat) के समीकरण कुछ अलग ही नजर आते है. कुंडा विधानसभा सीट से निर्दल प्रत्याशी के रूप में राजा भैया (Raja Bhaiya) पिछले 6 बार से चुनावी मैदान में उतर चुके हैं. कुंडा विधानसभा सीट से राजा भैया लगातार 6 बार 50 हजार से अधिक मतों से जीत का परचम लहराने में कामयाब रहे हैं. 2017 के विधानसभा चुनाव में राजा भैया ने अपने सभी रिकार्ड को खुद तोड़ते हुए एक लाख तीन हजार के बंपर वोटों से जीत दर्ज किया था. वहीं राजा भैया को सबसे कम मतों से जीत 2007 के विधानसभा चुनाव में मिली थी. राजा भैया सिर्फ 53 हजार मतों से जीतने में कामयाब रहे. आज तक उनके जीत का ग्राफ कभी भी 53 हजार वोटों के नीचे नहीं खिसका, लेकिन इस बार राजा भैया ने अपनी खुद की पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक बनाई है. राजा भैया ने ऐलान किया है कि वो जनसत्ता दल लोकतान्त्रिक से इस बार चुनाव लड़ेंगे. इसकी घोषणा भी पार्टी कर चुकी है.

राजा भैया ने पहली बार 1993 में कुंडा विधानसभा से निर्दल चुनाव लड़ा. 1993 में जीत का परचम लहराने के बाद उन्होंने आज तक पीछे मुड़ कर नहीं देखा. कुंडा विधानसभा सीट को यूपी के उन सीटों में शामिल कर दिया, जहां जीत का अंतर हमेशा बड़ा रहा है. इतना ही नहीं राजा भैया का हर सरकार में  दबदबा भी देखने को मिला. 2022 के चुनाव से पहले भी उस समय चर्चा का बाजार गर्म हो गया जब उनकी मुलाकात सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव से हुई. चर्चा यह होने लगी कि वे सपा से गठबंधन कर सकते हैं. हालांकि सभी कयासों को विराम लगाते हुए राजा भैया ने अपने प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया.

राजा भैया के जीत का अंतर
वर्ष: 1993- राजा भैया- 89473 वोट, ताहिर हसन सपा- 22186, जीत-67287
वर्ष: 1996 राजा भैया- 98700 वोट, शिवनारायण मिश्र बीजेपी- 17959, जीत- 80141
वर्ष: 2002 राजा भैया- 88446 वोट, मो शमी सपा- 6768, जीत- 81670
वर्ष: 2007 राजा भैया- 73732शिव प्रकाश सेनानी बसपा- 20604, जीत- 53128
वर्ष: 2012 राजा भैया- 1,11,392, शिव प्रकाश सेनानी बसपा- 23137, जीत- 88255
वर्ष: 2017 राजा भैया- 1,36,596, जानकी शरण भाजपा- 32950, जीत- 103646

Tags: Raghuraj Pratap Singh, UP Assembly Elections, Uttar Pradesh Assembly Elections

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