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UP Panchayat Chunav: प्रतापगढ़ में जारी हुई आरक्षण लिस्ट, जानें- कितनी पंचायतें किसके लिए हुईं आरक्षित

उत्‍तर प्रदेश के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव.

उत्‍तर प्रदेश के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव.

UP Panchayat Chunav 2021: यूपी में होने वाले पंचायत चुनावों को लेकर आरक्षण लिस्ट जारी होनी शुरू हो गई है.

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प्रतापगढ़. उत्तर के प्रतापगढ़ (Pratapgarh) जिले में त्रि-स्तरीय चुनाव का बिगुल आरक्षण जारी होते ही बज चुका है. वहीं जिला पंचायती राज विभाग ने मंगलवार देर शाम ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य पद के लिए आरक्षण का निर्धारण करते हुए डीएम के मुहर लगाते ही जारी कर दी गई. आरक्षण सूची (Reservation List) को ब्लॉकों में चस्पा करने के लिए ब्लॉकों में भेज दिया गया है.

वहीं अगर बात करे ग्राम पंचायतों की तो 1193 ग्राम पंचायतों में 197 सामान्य महिला,113 पिछली जाति महिला,93 अनुसूचित जाति महिला, 165 एएसी पुरुष, 207 पिछली जाति पुरुष, 419 सीट को अनारक्षित किया गया है. वही आरक्षण जारी करने के लिए दिन भर आला अफसरों और डीएम के साथ मीटिंग होती रही. घंटे तक डीएम, सीडीओ और डीआरओ के बीच मंथन चलता रहा, जिसके बाद मंगलवार रात 9 बजे डीएम की सहमति मिलते ही आरक्षण का प्रकाशन किया गया.

डीएम नितिन बंसल ने 17 ब्लॉक प्रमुख पदों के लिए भी आरक्षण जारी किया. साथ 57 जिला पंचायत सदस्य पद के लिए भी 11 बजे रात आरक्षण का प्रकाशन हुआ. वहीं सीडीओ अश्वनी पाण्डेय ने बताया कि आज देर शाम ब्लॉक प्रमुख, प्रधान, जिला पंचायत सदस्यों के पदों पर आरक्षण को जारी किया जा चुका है. 3 मार्च से 8 मार्च तक आपत्ति दी जा सकेगी,जबकि 13 मार्च को फाइनल आरक्षण सूची का प्रकाशन किया जाएगा.



प्रतापगढ़ में वायरल होती रही चार ब्लॉक की फर्जी आरक्षण सूची
प्रतापगढ़ में आरक्षण जारी होने को लेकर दिन भर गहमा-गहमी रही. ब्लॉक से लेकर मुख्यालय तक प्रधान और दावेदारों की भीड़ जमा रही. इस बीच मंगलवार सुबह से शोसल मीडिया पर कई ब्लॉक के फर्जी आरक्षण सूची वायरल हुई. जिसके बाद सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा हो रही थी. वायरल करने वाले सूची को सही बता रहे थे. लेकिन प्रशासन ने कोई एक्शन नहीं लिया.

गांवों में कहीं निराशा, कहीं खुशी

प्रतापगढ़ में 60 प्रतिशत निवर्तमान प्रधानों को निराशा हाथ लगी,जबकि 40 प्रतिशत प्रधान आरक्षण जारी होने खुश नजर आए,क्योंकि इस बार भी वो अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे. वहीं  प्रतापगढ़ में आरक्षण जारी करने के अफसरों पर भी अच्छा खासा दबाव दिखा. दो दिन से डीपीआरओ उमाशंकर द्विवेदी का फोन बंद था. वो ऑफिस से भी नदारत थे. नेताओ और प्रधान के फ़ोन कॉल से अफसरों ने दूरी बना कर रखी थी. डीपीआरओ सरकारी गाड़ी छोड़ प्राइवेट गाड़ी से अपना काम करते रहे.
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