UP Panchayat Election 2021: कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र प्रताप को बड़ा झटका, पत्नी का जिला पंचायत सदस्य का टिकट कटा

 कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र प्रताप की पत्नी का टिकट कटा.

उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2021: पहली सूची में कैबिनेट मंत्री की पत्नी उर्मिला को बेलखरनाथ प्रथम से मिला टिकट दिया गया था. अब दूसरी लिस्ट (Candidiate List) में सीमा सिंह को पार्टी ने प्रत्याशी बना दिया है. 

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प्रतापगढ़. उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र प्रताप (Pratap Singh) उर्फ मोती सिंह को तगड़ा झटका लगा है. पार्टी ने पत्नी उर्मिला का जिला पंचायत सदस्य का टिकट कटा दिया है. जिला पंचायत की जारी पहली सूची में कैबिनेट मंत्री की पत्नी उर्मिला को बेलखरनाथ प्रथम से मिला टिकट दिया गया था. अब दूसरी लिस्ट में सीमा सिंह को जिला पंचायत सदस्य बेलखरनाथ प्रथम से प्रत्याशी पार्टी ने बना दिया है. माना जा रहा है कि कैबिनेट मंत्री की पत्नी होने के चलते पार्टी में विरोध हो रहा था. भाजपा ने परिवारवाद से किनारा करते हुए उर्मिला का टिकट काट दिया है. गौरतलब हो कि मंगलवार को भाजपा ने जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी की समर्थित लिस्ट जारी की थी.

इधर, बीजेपी ने अभी तक कुल 22 जिलों की सूची तैयार की है. एक एक कर जिलों की सूची जारी की जाएगी. दूसरी बैठक के बाद महराजगंज और आजमगढ़ की सूची जारी हुई है. आजमगढ़ जिले के 84 प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की गई है, जिसमें पार्टी ने स्थानीय समीकरण को तरजीह दी है. इसके अलावा महराजगंज के 47 प्रत्याशियों की सूची जारी की गई है.



पार्टी का दावा
बीजेपी के यूपी पंचायत चुनाव प्रभारी विजय बहादुर पाठक कहते हैं कि पार्टी सूची पर चर्चा पहले वार्ड स्तर पर और फिर क्षेत्र स्तर पर करने के बाद अब प्रदेश स्तर पर कर रही है. बीजेपी को अपने काम की बदौलत आपका समर्थन मिला है. साथ ही कहा कि आज बीजेपी का स्‍थापना दिवस है और पार्टी के कार्यकर्ता घर-घर पहुंच कर लोगों को सरकार द्वारा किए गए काम के बारे में बताएंगे.

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राज्य सरकार ने लिया बड़ा फैसला
इस बीच राज्य सरकार ने चुनाव ड्यूटी (Election Duty) करने वाले कर्मचारियों को लेकर बड़ा फैसला लिया है. निर्वाचन ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों के असामयिक दुर्घटना में मृत्यु होने पर अब उनके परिजनों को 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. इसके पहले उन्हें 20 लाख रुपये दिए जाने की व्यवस्था थी. इसके अलावा चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के आतंकवादी हिंसा, असामाजिक तत्वों के द्वारा हत्या, रोड माइन्स, बम ब्लास्ट, हथियारों से आक्रमण होने से घटित दुर्घटना में घायल होने पर भी सहायता राशि बढ़ाई गई है. इसमें किसी अंग की स्थाई दिव्यांगता की दशा में वर्तमान में 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि अनुमन्य थी, जिसे अब बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दिया गया है.