UP Panchayat Elections: प्रतापगढ़ में सैकड़ों दावेदारों को बड़ा झटका, प्रधान के 62 तो बीडीसी के 92 सीटें हुई कम

मेरठ जिले के कुल 479 ग्राम पंचायतों में 171 पद अनारक्षित घोषित हुए हैं. (सांकेतिक फोटो)

मेरठ जिले के कुल 479 ग्राम पंचायतों में 171 पद अनारक्षित घोषित हुए हैं. (सांकेतिक फोटो)

UP Panchayat Chunav: इस बार पंचायत चुनाव में प्रधान के 62 पद ,बीडीसी 92 पद और जिला पंचायत सदस्य के चार पद कम हो गए है. जानकारी के मुताबिक इस बार जिले की ग्रामीण आबादी यानि करीब सवा दो लाख जनसंख्या नगर पंचायतों में शामिल हो गयी है.

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प्रतापगढ़. उत्तर प्रदेश में होने वाले त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव (UP Panchayat Chunav 2021) को लेकर प्रतापगढ़ (Pratapgarh) जिले में भी सरगर्मी बढ़ गई है. हजारों दावेदार इस बार पंचायत के चुनाव में ताल ठोकने को बेताब नजर आ रहे है. बस उनको पंचायत चुनाव के तारीखों के ऐलान का इंतजार है. लेकिन इसी बीच आगामी पंचायत चुनाव 2021 के लिए सैकड़ों दावेदारों को बड़ा झटका लगा है. क्योंकी इस बार पंचायत चुनाव में प्रधान के 62 पद ,बीडीसी 92 पद और जिला पंचायत सदस्य के चार पद कम हो गए है. जानकारी के मुताबिक इस बार जिले की ग्रामीण आबादी यानि करीब सवा दो लाख जनसंख्या नगर पंचायतों में शामिल हो गयी है.

अगर 2015 पंचायत चुनाव की बात करें तो 1255 ग्राम पंचायतो में प्रधान पद के लिए चुनाव हुआ था, लेकिन इस बार के पंचायत चुनाव में सिर्फ 1193 ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान के चुनाव होंगे. इस प्रकार पांच साल में प्रधानी की 62 सीट घट गयी है. इसी तरह बीडीसी के लिए 2015 में 1526 वार्डों में चुनाव हुए थे, लेकिन इस बार सिर्फ 1434 वार्डों में ही चुनाव होंगे. बीडीसी की 92 सीट कम हो गयी है. इस बार जिला पंचायत सदस्य की चार सीटें भी कम हो गयी है. 2015 में हुए जिला पंचायत सदस्य के लिए 61 वार्डों में चुनाव हुए थे, लेकिन इस बार सिर्फ 57 वार्डों में ही जिला पंचायत सदस्य के चुनाव होंगे.

सैकड़ों दावेदारों को झटका 

उधर दो हजार की आबादी पर एक बीडीसी वार्ड का सृजन  किया जाता है, जबकि ग्राम पंचायतों पर यह मानक लागू नहीं होता है. इस बार पंचायत चुनाव लड़ने का मंसूबा पालकर बैठे सैकड़ों दावेदारों को झटका लगा है. उनकी कई सालों से चुनाव लड़ने की तैयारी पर भी पानी फिर गया है. डीपीआरओ रवि शंकर द्विवेदी ने बताया कि लगभग सवा दो लाख की आबादी नगर पंचायत में शामिल हो गयी है, जिसके चलते प्रधान, बीडीसी, जिला पंचायत सदस्य के वार्डों में कमी आई है. पिछली बार के पंचायत चुनाव के मुकाबले इस बार के पंचायत चुनाव में प्रधान, बीडीसी, जिला पंचायत सदस्य के वार्डों की संख्या घट गयी है.
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