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प्रयागराज धर्म संसद में पारित हुआ प्रस्ताव- आज से सभी लिखें 'हिंदू राष्ट्र भारत'

प्रयागराज धर्म संसद में पारित हुआ प्रस्ताव- आज से सभी लिखें 'हिंदू राष्ट्र भारत'

धर्म संसद (Dharm Sansad) में धर्मांतरण करवाने पर फांसी जैसी कठोर सजा का प्रावधान करने की मांग की गई. (ANI)

धर्म संसद (Dharm Sansad) में धर्मांतरण करवाने पर फांसी जैसी कठोर सजा का प्रावधान करने की मांग की गई. (ANI)

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (Prayagraj News) में माघ मेला क्षेत्र के महावीर मार्ग पर ब्रह्मा ऋषि आश्रम ट्रस्ट की ओर से आयोजित धर्म संसद (Dharm Sansad) में संतों ने भारत को संवैधानिक रूप से हिंदू राष्ट्र घोषित का प्रस्ताव पास किया. इसमें साथ ही कहा गया कि सभी लोग आज से ही हिंदू राष्ट्र (Hindu Rashtra) भारत लिखेंगे. इस दौरान संतों द्वारा भारत में मुसलमानों का अल्पसंख्यक दर्जा समाप्त करने की मांग की गई. इसके अलावा हिंदुओं के मठ मंदिर का अधिग्रहण खत्म करने समेत कई प्रस्ताव पारित किए गए.

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प्रयागराज. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (Prayagraj News) में माघ मेला क्षेत्र के महावीर मार्ग पर ब्रह्मा ऋषि आश्रम ट्रस्ट की ओर से आयोजित धर्म संसद (Dharm Sansad) में संतों ने भारत को संवैधानिक रूप से हिंदू राष्ट्र घोषित का प्रस्ताव पास किया. इसमें साथ ही कहा गया कि सभी लोग आज से ही हिंदू राष्ट्र (Hindu Rashtra) भारत लिखेंगे.

इस दौरान संतों द्वारा भारत में मुसलमानों का अल्पसंख्यक दर्जा समाप्त करने की मांग की गई. इसके अलावा हिंदुओं के मठ मंदिर का अधिग्रहण खत्म करने समेत कई प्रस्ताव पारित किए गए. इसमें धर्मांतरण करवाने पर फांसी जैसी कठोर सजा का प्रावधान करने, जेल में बंद स्वामी नरसिम्हानंद गिरि और हाल में ही इस्लाम छोड़कर हिंदू धर्म स्वीकार करने वाले वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र त्यागी को रिहा करने का मुद्दा शामिल है. संतों ने कहा कि दोनों धर्मगुरुओं को बिना शर्त रिहा किया जाए.

धर्म संसद (Dharm Sansad) में संतों ने भारत को संवैधानिक रूप से हिंदू राष्ट्र घोषित का प्रस्ताव पास किया.

संत सम्मेलन के मुख्य अतिथि काशी सुमेरू पीठ के स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने देश के 80 करोड़ हिंदुओं का आह्वान किया कि सरकार माने या न माने, लेकिन लोग अभी से हिंदू राष्ट्र भारत लिखना शुरू करें. अंत में सरकार संतों और आम जनता के दबाव के आगे झुकेगी क्योंकि संत सम्मेलन का लक्ष्य भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना है और इस्लामिक जिहाद को दूर करना है.

बता दें कि प्रयागराज में धर्म संसद होने की इजाजत नहीं दे रहा था. ऐसे में इस धर्म संसद का नाम बदलकर संत सम्मेलन किया गया था. इससे पहले हरिद्वार में आयोजित धर्म संसद को लेकर काफी विवाद हुआ था. उस सम्मेलन में शामिल यति नरसिम्हानंद गिरि और वसीम रिजवी सहित कई संतों ने मुसलमानों के खिलाफ बेहद भड़काऊ भाषण दिए. इस मामले में पुलिस ने गिरि और रिजवी को गिरफ्तार कर चुकी है.

Tags: Communal Tension, Hindu Rashtra, Prayagraj News

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