कोरोना पॉजिटिव के लिए प्लाज्मा चाहिए तो इस जेल में लगाइए फोन

इस जेल के कैदी और पुलिसकर्मी मिलकर कोरोना पॉजिटिव की जान बचाने के लिए यह अभियान चला रहे हैं.
इस जेल के कैदी और पुलिसकर्मी मिलकर कोरोना पॉजिटिव की जान बचाने के लिए यह अभियान चला रहे हैं.

ग्रेटर नोएडा जिला जेल में बंद कैदियों ने स्‍वेच्‍छा से प्‍लाज्‍मा डोनेट (Plasma Donation) करने का निर्णय लिया है. कई कैदियों ने ऐसा ि‍किया और कई कैदी ऐसा करने की इच्‍छा जता चुके हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 23, 2020, 8:02 AM IST
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नोएडा. कोरोना पॉजिटिव (Corona positive) होने पर मरीजों और उनके परिजनों में प्‍लाज्‍मा एक उम्मीद जगाती है. यही वजह है कि डॉक्टर भी दवाइयों का असर न देख ऐसे संक्रमितों को फौरन ही प्लाज्मा (Plasma) देने की सलाह दे रहे हैं. लेकिन, प्लाज्मा के लिए कोरोना पॉजिटिव से ठीक हो चुके इंसान को तलाशना कोई आसान काम नहीं है. पहले तो यह देखना की कौन कोरोना पॉजिटिव हुआ था और अब ठीक हो चुका है, फिर उसे प्लाज्मा देने के लिए रजामंद करना.

अब इस परेशानी को आसान कर रही है ग्रेटर नोएडा की ज़िला जेल. एक फोन कॉल पर जेल के कैदी और पुलिसकर्मी मिलकर प्लाज्मा डोनेट करने के लिए तैयार हैं.

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ज़िला जेल से इसलिए मिलेगा प्लाज्मा
ग्रेटर नोएडा जेल के अधीक्षक विपिन शर्मा के अनुसार, जेल में 73 कैदी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे. लेकिन, बेहतर इलाज के बाद अब 28 कैदी पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं. बाकी के कैदी भी धीरे-धीरे ठीक हो रहे हैं. ठीक हो चुके कैदियों ने ही प्लाज्मा देने की इच्छा जताई है. संपर्क करने पर जरूरतमंदों को प्लाज्मा दिया जाएगा. इतना ही नहीं इस मौके पर पुलिस के अफसरों ने यह घोषणा भी की कि जो पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव हुए थे और अब ठीक हो चुके हैं वो भी अपना प्लाज्मा डोनेट करेंगे.

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कैदियों का हौंसला बढ़ाने पहुंचे पुलिस के आला अफसर

ठीक हो चुके कैदियों ने अपना प्लाज्मा डोनेट किया तो उनकी हौंसला अफजाई के लिए ग्रेटर नोएडा के कई आला पुलिस अफसर भी पहुंच गए. पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह, एडिशनल पुलिस कमिश्नर लव कुमार और डीआईजी (जेल) अखिलेश कुमार मीणा इस मौके पर मौजूद रहे. प्लाज्मा डोनेट करने वाले एक-एक कैदी की सभी अफसरों ने हौसला अफजाई की. साथ ही दूसरे कैदियों को इस काम के लिए मोटीवेट भी किया. उन्होंने कहा कि अपने लिए तो सभी जीते हैं, लेकिन दूसरों के काम आकर उनकी जिंदगी बचाने का मौका ऊपर वाला किसी-किसी को ही देता है.
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