प्रियंका ने किसान बिल पर उठाया सवाल, पूछा- अगर ये किसान हितैषी हैं तो MSP का जिक्र बिल में क्यों नहीं है?

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी (फाइल फोटो)
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी (फाइल फोटो)

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने ट्वीट कर सवाल किया है कि किसान बिल में क्यों नहीं लिखा है कि सरकार पूरी तरह से किसानों का संरक्षण करेगी? सरकार ने किसान हितैषी मंडियों का नेटवर्क बढ़ाने की बात बिल में क्यों नहीं लिखी है?

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 22, 2020, 3:09 PM IST
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लखनऊ. किसाब बिल संसद के दोनों सदनों से पास हो गया लेकिन सियासत अभी थमी नहीं है. कोरोना काल में चल रहे संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session 2020) में कांग्रेस (Congress) समेत समूचे विपक्ष ने राज्यसभा की कार्रवाई (Rajya Sabha) का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है. कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों का कहना है कि जब तक 8 निलंबित सांसदों का निलंबन वापस नहीं होता और कृषि बिल पर वोटिंग नहीं होती, वे कार्रवाई का हिस्सा नहीं बनेंगे. उधर मामले में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने भी बिल को लेकर सवाल उठाए हैं.

प्रियंका गांधी ट्वीट किया है, “अगर ये बिल किसान हितैषी हैं तो समर्थन मूल्य MSP का जिक्र बिल में क्यों नहीं है? बिल में क्यों नहीं लिखा है कि सरकार पूरी तरह से किसानों का संरक्षण करेगी? सरकार ने किसान हितैषी मंडियों का नेटवर्क बढ़ाने की बात बिल में क्यों नहीं लिखी है? सरकार को किसानों की मांगों सुनना पड़ेगा.”


विपक्ष ने पूरे सत्र के बहिष्कार की धमकी दी



बता दें रविवार को सदन की कार्रवाई के दौरान कथित तौर पर राज्यसभा सदस्यों ने उपसभापति हरिवंश से आपत्तिजनक व्यवहार कर दिया था जिसके बाद सोमवार को सभापित एम. वैंकेया नायडू ने 8 सांसदों को निलंबित कर दिया. इसे लेकर एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने जहां एक दिन के उपवास की घोषणा की है, वहीं समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने भी पूरे सत्र के बहिष्कार की बात कही है.

उधर सदन में नेता विरोधी दल और कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि कोई भी सांसद 2-3 मिनट में अपनी बात नहीं रख सकता है. अगर ऐसा होने लगा तो 90 फीसदी सांसद बाहर रहेंगे. इसके बाद एकजुट विपक्ष ने निर्णय लिया कि जब तक सभी सांसदों का निलंबन वापस नहीं हो जाता वे कार्रवाई का बहिष्कार करेंगे.

विपक्ष की ओर से दिए गए संशोधनों पर भी कोई मतदान नहीं हुआ: कांग्रेस

आजाद ने कहा, 'राज्यसभा की हमेशा से परंपरा रही है कि कोई भी विधेयक शोर-शराबे में पारित नहीं कराया जाता. लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि करोड़ों किसानों से संबंधित विधेयकों को मतदान के बगैर पारित किया गया. विपक्ष की ओर से दिए गए संशोधनों पर भी कोई मतदान नहीं हुआ.'

उन्होंने कहा, 'हमने कल राष्ट्रपति जी को लिखा है कि जो विधेयक पारित हुए हैं उनमें प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया. ऐसे में वह इनको स्वीकृति नहीं दें.' उन्होंने कहा, 'एमएसपी को लेकर हमारी तीन शर्तें हैं. पहली यह कि सदन में एक और विधेयक लाया जाए या फिर प्रधानमंत्री अथवा कृषि मंत्री सदन में बयान दें कि एमएसपी से कम खरीद को गैर कानूनी बनाया जाएगा. दूसरी बात यह है कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के आधार पर एमएसपी का सी 2 फॉर्मूला लागू हो.'

कांग्रेस नेता ने कहा कि तीसरी शर्त यह है कि राज्यों की एजेंसियों या एफसीआई भी खरीद करें तथा एमएसपी के हिसाब से खरीद हो.' आजाद ने इस बात पर जोर दिया, 'जब तक ये तीन शर्तें लागू नहीं होंगी तब तक हम कार्यवाही का बहिष्कार करेंगे.'
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