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मेरठ: नौचंदी में पहली बार लगेगा प्रांतीय मेला, प्रशासन ने शुरू की तैयारी

नौचंदी में पहली बार लगेगा प्रांत स्तरीय मेले की प्रशासन तैयारी में जुट गया है.

नौचंदी में पहली बार लगेगा प्रांत स्तरीय मेले की प्रशासन तैयारी में जुट गया है.

मेरठ (Meerut) के नौचंदी मेले को सरकार ने राज्य स्तरीय मेला घोषित कर दिया है. अब इस मेले का आयोजन डीएम की देखरेख में संयुक्त प्रांत मेला अधिनियम, 1938 के तहत किया जाएगा. शासन के प्रतिनिधि के तौर पर यहां एक अधिकारी की तैनाती होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 4, 2021, 11:32 PM IST
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मेरठ. मेरठ (Meerut) के ऐतिहासिक नौचंदी मेले का आयोजन इस बार प्रशासन करेगा. करीब दो साल की जद्दोजहद के बाद शासन ने नौचंदी मेले (Nauchandi Fair) को प्रांतीय घोषित कर अधिसूचना जारी कर दी है. अब मेले का आयोजन डीएम की देखरेख में संयुक्त प्रांत मेला अधिनियम, 1938 के तहत किया जाएगा. शासन के प्रतिनिधि के तौर पर एक अधिकारी की भी तैनाती होगी. डीएम के. बालाजी ने नौचंदी मेला की अधिसूचना जारी होने की पुष्टि की है.

मेरठ के जिलाधिकारी के बालाजी ने आज नौचंदी ग्राउंड का निरीक्षण कर आगामी नौचंदी मेले के संबंध में की जाने वाली तैयारियों के संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया. उन्होंने कहा कि नौचंदी मेला जनपद मेरठ की पहचान है.और इसका आयोजन भव्य होना चाहिए. डीएम ने नौचंदी मेला ग्राउंड ग्राउंड, पटेल मंडप और द्वार आदि का निरीक्षण किया.डीएम के साथ अपर जिलाधिकारी प्रशासन मदन सिंह गब्रयाल अपर नगरायुक्त श्रद्धा शांडिल्यान सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे.

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गौरतलब है कि नौचंदी मेले को लेकर 14 सितंबर 2019 को गजट अधिसूचना जारी कर सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की थीं. निर्धारित समय में कोई आपत्ति या सुझाव शासन को प्राप्त नहीं हुआ. ऐसी स्थिति में शासन, संयुक्त प्रांत मेला अधिनियम के तहत प्राप्त शक्तियों के तहत मेरठ जिले में प्रत्येक वर्ष लगने वाले नौचंदी मेले को प्रांतीयकृत मेला घोषित कर दिया. होली के बाद दूसरे रविवार से 30 दिनों के लिए नौचंदी मेले का आयोजन होगा. शासन ने राज्यपाल की अनुमति से गजट अधिसूचना के बाद कमिश्नर, डीएम और अन्य संबंधित अधिकारियों को सूचना जारी कर दी है. संयुक्त प्रांत मेला अधिनियम के तहत मेले का आयोजन डीएम की देखरेख में होगा.
संयुक्त प्रांत मेला अधिनियम, 1938 के तहत किसी भी मेले का आयोजन संबंधित जिले के डीएम की देखरेख में किए जाने की व्यवस्था है. इसके तहत ही प्रयागराज और हरिद्वार में कुंभ मेले का आयोजन किया जाता है. साथ ही शासन से भी किसी अधिकारी को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किए जाने की व्यवस्था है. साफ है कि इस वर्ष का आयोजन डीएम की देखरेख में प्रशासन की ओर से होगा.
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