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रायबरेली पंचायत चुनाव: वोटर लिस्ट से 54 नाम गायब, लेखपाल के बाद BLO, सुपरवाइजर भी निलंबित

रायबरेली में पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में गड़बड़ी पाए जाने के बाद कार्रवाई जारी है.

रायबरेली में पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में गड़बड़ी पाए जाने के बाद कार्रवाई जारी है.

Raebareli Panchayat Chunav: वोटरलिस्ट गड़बड़ी की शिकायत पर जांच हुई तो 25 मतदाता जीवित को मृत दिखाकर, अविवाहित को विवाहित दिखाकर और ग्राम सभा से बाहर का निवासी बताकर उनके नाम हटा दिए गए थे. अब इन्हें फिर से मतदाता सूची में जोड़ा गया है.

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रायबरेली. उत्तर प्रदेश के रायबरेली (Raebareli) की सदर तहसील के इमामगंज खैरहना गांव में पंचायत चुनाव की मतदाता सूची (Voter List) में गड़बड़ी को लेकर जिला प्रशासन फुल एक्शन में नजर आ रहा है. एक दिन पहले इस मामले में क्षेत्रीय लेखपाल को सस्पेंड करने के बाद अब गांव के बीएलओ और सुपरवाइजर पर गाज गिरी है. एसडीएम अंशिका दीक्षित के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने चुनाव ड्यूटी से जुड़े दोनों अध्यापकों को निलंबित (Suspend) कर दिया है. साथ ही मामले की जांच खण्ड शिक्षा अधिकारी, हरचन्दपुर को सौंप कर 15 दिन के अंदर आख्या मांगी है. निर्वाचन कार्य में गड़बड़ी को लेकर चल रही कार्रवाई जिले भर में चर्चा का विषय बनी है. माना जा रहा है कि तहसील प्रशासन जल्द ही फर्जी प्रस्तावकों पर भी विधिक कार्यवाही कर सकता है.

2 अप्रैल को अमांवा ब्लॉक से मतदाता सूची मिलने के बाद खैरहना ग्राम सभा में 54 मतदाताओं का नाम सूची से गायब करने की शिकायत एसडीएम से हुई थी. ग्रामवासियों का आरोप था कि निवर्तमान प्रधान से मिलकर क्षेत्रीय लेखपाल ने सूची में फेरबदल किया है. इसके बाद उपजिलाधिकारी अंशिका दीक्षित के निर्देश पर तहसीलदार न्यायिक शालिनी तोमर और नायब तहसीलदार रितेश सिंह ने जब मामले की जांच की तो शिकायत सही पाई गई. जांच के दौरान 25 मतदाता गलत ढंग से जीवित को मृत दिखाकर, अविवाहित को विवाहित दिखाकर और ग्राम सभा के निवासियों को बाहर का निवासी बता कर उनके नाम अपमार्जित किए गए थे. जांचोपरांत पुनः मतदाता सूची में जोड़ा गया.

जांच के आदेश



साथ ही मामले में दोषी पाए जाने पर क्षेत्रीय लेखपाल रामानुज दीक्षित के खिलाफ कार्रवाई करते हुए राजस्व निरीक्षक की भूमिका की भी जांच के निर्देश एसडीएम ने जारी किए. चूंकि मतदाता सूची का संशोधन बीएलओ और सुपरवाइजर के प्रस्ताव पर किया जाता है इसलिए एसडीएम ने उन पर कार्रवाई के लिए बीएसए को निर्देशित किया था.
गुरुवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आनंद प्रकाश शर्मा ने एक आदेश जारी कर बीएलओ का कार्य देख रहे सहायक अध्यापक परितोष पाल और सुपरवाइजर रहे प्रधानाध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालय खैरहना माताबदल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. साथ ही मामले की जांच बीईओ, हरचंदपुर को सौंपी है.

खैरहना ग्राम सभा से विवाद जुड़े

उल्लेखनीय है कि खैरहना ग्राम सभा चुनाव में गड़बड़ी को लेकर मतदाता पुनरीक्षण अभियान के समय से ही विवादों से घिरी हुई है. शुरुआत में पोलिंग बूथ बदलने को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें लेखपाल द्वारा नामित पोलिंग बूथ को उनके ट्रांसफर के बाद नवीन लेखपाल रामानुज दीक्षित की रिपोर्ट पर निवर्तमान ग्राम प्रधान के घर के नजदीक एक विद्यालय में आवंटित कर दिया गया था. उस मामले की जांच में भी खामियां मिली थी. जिसके बाद एसडीएम के निर्देश पर अलग-अलग गांव में दो पोलिंग बूथ बनाए गए. लेकिन इस मामले में विभागीय स्तर पर कोई कार्रवाई ना होने के कारण ही मतदाता सूची में गड़बड़ी करके निवर्तमान ग्राम प्रधान को चुनाव जिताने का षड्यंत्र रचा गया.

गनीमत रही कि उप जिला अधिकारी सदर अंशिका दीक्षित और नायब तहसीलदार रितेश सिंह की तेजतर्रार कार्यशैली के कारण लोगों को अपने मकसद में कामयाबी नहीं मिल सकी. उल्टा सरकारी कर्मचारियों को बलि का बकरा बनना पड़ गया.
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