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...तो रायबरेली में शुरू हो चुका है राजनीतिक वर्चस्व पार्ट-2

कांग्रेस विधायक अदिति सिंह की गाड़ी पर हुआ हमला

कांग्रेस विधायक अदिति सिंह की गाड़ी पर हुआ हमला

दरअसल यह लड़ाई सियासी वर्चस्व को लेकर है. जिले की राजनीति में बाहुबली अखिलेश सिंह की तूती आज भी बोलती है.

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    रायबरेली में जिला पंचायत अध्यक्ष अवधेश सिंह के खिलाफ मंगलवार को अविश्वास प्रस्ताव के लिए होने वाली वोटिंग से पहले लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर जो तांडव देखने को मिला, वह यूं ही नहीं था. सरेराह कांग्रेस विधायक अदिति सिंह पर जानलेवा हमला और अन्य जिला पंचायत सदस्यों के साथ मारपीट व अगवा करने की कोशिश से संकेत मिल रहे हैं कि रायबरेली में राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई नई दिशा में जाने को तैयार है.

    दरअसल यह लड़ाई सियासी वर्चस्व को लेकर है. जिले की राजनीति में बाहुबली अखिलेश सिंह की तूती आज भी बोलती है. कांग्रेस का साथ छोड़ने के बाद कभी अखिलेश सिंह गांधी परिवार को पानी पी-पीकर कोसते थे. आलम यह था कि जेल में रहते हुए भी अखिलेश सिंह निर्दलीय विधायक बनते रहे. इस वर्चस्व को तोड़ने के लिए गांधी परिवार ने कभी अखिलेश सिंह के यहां गार्ड रहे दिनेश प्रताप सिंह को आगे बढ़ाया और उन्हें ताकत दी. दिनेश सिंह का घर 'पंचवटी' गांधी परिवार का मुख्य ठिकाना भी था. कांग्रेस ने उन्हें एमएलसी बनाया, उनके भाई को विधायक और एक अन्य भाई को जिला पंचायत अध्यक्ष. लेकिन दिनेश प्रताप सिंह अब भाजपाई हैं और इस बार सोनिया गांधी के खिलाफ लोकसभा का चुनाव भी लड़ रहे हैं. लिहाजा कांग्रेस खामोश रहने वाली भी नहीं है.

    कभी गांधी परिवार के खास थे दिनेश सिंह


    इसके संकेत कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी दे भी चुकी हैं. पिछले दिनों चुनाव प्रचार के दौरान वे पूरे समय दिनेश सिंह पर हमलावर रहीं. प्रियंका ने कहा था कि कभी मेरे इर्द-गिर्द घूमने वाले आज मेरी मां के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं. लेकिन मैं साफ कर देना चाहती हूं कि अब यह न तो एमएलसी रहेंगे और न इनके भाई जिला पंचायत अध्यक्ष रहेंगे.



    उधर समय के ढलती उम्र व स्वास्थ्य को देखते हुए अखिलेश सिंह ने 2017 में अपनी सियासी विरासत बेटी अदिति सिंह को सौंप दी. उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर बेटी को विधानसभा पहुंचाया. अब अदिति सिंह इस नई राजनीतिक लड़ाई की अगुवाई कर रही हैं. वे कांग्रेस महिल मोर्चा की महासचिव भी हैं और जिले में कांग्रेस को मजबूत करने में जुटी हैं. जिला पंचायत अध्यक्ष अवधेश सिंह, जो कि दिनेश सिंह के भाई हैं, के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव इसी राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई की शुरुआत है.

    फिलहाल रुकने वाला नहीं है टकराव

    राजनीतिक जानकारों के मुताबिक यह लड़ाई यहीं शांत होने वाली नहीं है. यह अभी और आगे बढ़ेगी. इसकी वजह ये है कि प्रियंका के ऐलान के बाद कांग्रेस ने जिला पंचायत अध्यक्ष को हटाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है. दूसरी तरफ दिनेश प्रताप सिंह इस लड़ाई को बीजेपी बनाम कांग्रेस करने में जुटे हैं. इस टकराव के फिलहाल न रुकने की वजह ये है कि सूबे में बीजेपी की सरकार है और लड़ाई कांग्रेस के गढ़ में है.

    akhilesh singh
    बेटी अदिति सिंह के साथ बाहुबली अखिलेश सिंह (File Photo)


    प्रियंका गांधी पहुंच रही हैं रायबरेली

    सियासी वर्चस्व की यह लड़ाई कितनी अहम है? इसका अंदाजा इसी बात से लगता है कि बुधवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी रायबरेली पहुंच रही हैं. वे यहां अदिति सिंह से मिलेंगी साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं से हालात का जायजा लेंगी. इसके बाद लखनऊ में पार्टी कार्यालय पर अदिति सिंह, सांसद पीएल पुनिया, डॉ संजय सिंह और एमएलसी दीपक सिंह समेत अन्य कांग्रेसी नेता प्रेस कांफ्रेंस करेंगे.

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