होम /न्यूज /उत्तर प्रदेश /Film Shooting : बॉलीवुड व भोजपुरी फिल्मों के लिए फेवरेट लोकेशन बना 'महेश विलास पैलेस', क्या है खासियत?

Film Shooting : बॉलीवुड व भोजपुरी फिल्मों के लिए फेवरेट लोकेशन बना 'महेश विलास पैलेस', क्या है खासियत?

रायबरेली स्थित महेश विलास पैलेस अपनी खूबसूरती के कारण फिल्म जगत में हिट है.

रायबरेली स्थित महेश विलास पैलेस अपनी खूबसूरती के कारण फिल्म जगत में हिट है.

इस महल में 60 आलीशान कमरे, दरबार हॉल, संगमरमर के स्तंभों के साथ एक बड़ा सा हॉल भी है. और भी कई खासियतें हैं, जो फिल्मकार ...अधिक पढ़ें

    रिपोर्ट : सौरभ वर्मा

    रायबरेली: उत्तर प्रदेश की पर्यटन इकाइयों में से एक रायबरेली का ‘महेश विलास पैलेस’ की सुंदरता देखते ही बनती है. यह महल बॉलीवुड से लेकर भोजपुरी कलाकारों तक की पहली पसंद बना हुआ है क्योंकि यहां राजघराने की एक अलग झलक देखने को मिलती है. पैलेस में बने हरे-भरे लॉन और फव्वारे यहां की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं. महल में पूल टेबल और टेबल टेनिस जैसे इनडोर खेलों की व्यवस्था भी है. इस महल की और खासियतों से पहले ये भी जानिए कि कैसे यह फिल्मों का बड़ा गढ़ बना हुआ है.

    दरअसल रायबरेली से 30 किमी दूरी पर शिवगढ़ में महेश विलास पैलेस यूपी के हैरिटेज श्रेणी के छह प्रमुख पैलेस में से एक है. यहां एक वीमन पॉवर इम्प्रूवमेंट लैब संचालित है, जो भारत में अपनी तरह का अनोखा महिला सशक्तिकरण का प्रोजेक्ट है. इसमें देश-विदेश से आने वाले लोगों का जमावड़ा रहता है. इसके अलावा पिछले कुछ समय से पैलेस बॉलीवुड की हिंदी फिल्मों की शूटिंग के लिए फेवरेट लोकेशन के तौर पर उभरा है.

    पैलेस में बनीं ये खास फिल्में

    बॉलीवुड और भोजपुरी की जिन कई फिल्मों की शूटिंग यहां हो चुकी है, उनमें से प्रेम चोपड़ा की फिल्म शक, नेहिया सनेहिया, ओमपुरी की फ़िल्म गांधीगिरी, पवन सिंह की गदर टू, सैफ अली खान की फिल्म बुलेट राजा, अजय देवगन की रेड, वेब सीरीज रंगबाज, गुड्डू पांडेय की वेब सीरीज मिर्जापुर, दिनेश लाल यादव निरहुआ व अक्षरा सिंह की भोजपुरी फिल्म जान लेबू का, रणवीर शौरी की फिल्म बिंदिया, जॉन अब्राहम और दिव्या खोसला की फिल्म सत्यमेव जयते-2 सहित दर्जनों फिल्मों, धारावाहिकों और एलबमों की शूटिंग यहां हो चुकी है.

    क्यों और कैसे खास है यह महल?

    इस महल को बीकानेर के लालगढ़ की तर्ज पर बनाया गया है. दरअसल बंगाल के गौरवंशी राजाओं के वंशज यहां 19वीं सदी में आए थे और इस क्षेत्र में कई महलों और मंदिरों की स्थापना की थी. 1942 में शिवगढ़ के राजा महेश सिंह ने इस पैलेस का निर्माण कराया था. 60 बड़े खंभों पर टिका इसका विशाल बरामदा यहां की खूबसूरती को दोगुना करता है. महल के फर्श पर इटली के सुंदर संगरमरमर पत्थर लगाए गए हैं. खास बात यह भी है कि यहां की बालकनी से पूरे कस्बे को निहारा जा सकता है.

    Tags: Film shooting, Raebareilly News

    टॉप स्टोरीज
    अधिक पढ़ें