लाइव टीवी
Elec-widget

परशुराम जयंती पर छुट्टी के लिए सीएम आवास के सामने आत्मदाह की धमकी, पुलिस ने पकड़ा

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 29, 2019, 5:30 PM IST
परशुराम जयंती पर छुट्टी के लिए सीएम आवास के सामने आत्मदाह की धमकी, पुलिस ने पकड़ा
सीएम आवास के सामने आत्मदाह की धमकी (प्रतीकात्मक तस्वीर)

परशुराम जयंती (Parshuram Jayanti) के सार्वजनिक अवकाश (public holiday) को बहाल करने के लिए आत्मदाह (self-immolation) की धमकी देने वाले व्यक्ति का कहना है कि वो सीएम योगी (CM Yogi) से लेकर पीएम मोदी (PM Modi) तक को चिट्ठी लिख चुके हैं लेकिन कहीं सुनवाई न होने के चलते वो आत्मदाह करने जा रहे थे लेकिन पुलिस ने हिरासत (police custody) में ले लिया.

  • Share this:
रायबरेली. परशुराम जयंती (Parshuram Jayanti) पर सरकारी अवकाश (public holiday) ख़त्म किए जाने के योगी सरकार (Yogi Govt.) के फैसले के खिलाफ आज मुख्यमंत्री आवास (Chief Minister's residence) पर आत्मदाह  (self-immolation) की धमकी देने वाले सिरफिरे व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत (police custody) में ले लिया है. ग़ौरतलब है कि हिरासत में लिए गए लोक हितकारी ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद कुमार मिश्र का कहना है कि परशुराम जयंती पर गजटेड छुट्टी को खत्म करके उनके अधिकारों का हनन किया गया है.

सीएम से लेकर पीएम तक लिख चुके चिट्ठी !
आत्मदाह की धमकी देने वाले व्यक्ति का कहना है कि सपा सरकार में शिवपाल यादव के आश्वासन पर पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने परशुराम जयंती पर सार्वजिक अवकाश की घोषणा की थी. लेकिन वर्तमान योगी सरकार ने इसे खत्म दिया. और आज जब मैं अपनी मांग के लिए आत्मदाह के लिए निकल रहा था तो पुलिस ने हिरासत में ले लिया. आत्मदाह की धमकी देने वाले व्यक्ति का कहना कि उन्होंने इस संदर्भ में गत 4 नवंबर को उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को एक पत्र भेजा था. पत्र में अरविंद कुमार ने लिखा था कि हिंदुओ के आदि देव भगवान परशुराम के जन्मोत्सव पर सार्वजिक अवकाश बहाल किया जाए.

police custody
हिरासत में लिए गए लोक हितकारी ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद कुमार मिश्र


इस आशय के साथ 17 मार्च 2018 को भी उन्होंने पत्र लिखा साथ ही मिलने का समय भी मांगा था. वो बताते हैं कि जुलाई महीने में पत्र के माध्यम से समय देने में असमर्थता बताई गई. उन्होंने 24 मार्च को जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजा था. फिर 9 अप्रैल 2018 को राज्यपाल को भी पत्र भेजा लेकिन कहीं से कोई जवाब नहीं मिलने पर 16 अप्रैल को लखनऊ में आत्मदाह करने की बात कही थी. इसके बाद 13 अप्रैल को जिला प्रशासनआश्वासन दिया कि शासन में बात हो गई है आत्मदाह कार्यक्रम को स्थागित कर दो.

उन्होंने 24 अक्टूबर 2019 को डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को भी पत्र भेजा था. हिरासत में लिए गए व्यक्ति का कहना है कि उसके अधिकारों का हनन किया जा रहा है और कहीं कोई सुनवाई न होने के चलते अब उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ जा कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास के सामने आत्मदाह करने का फैसला किया लेकिन उसके बाद रायबरेली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.

ये भी पढ़ें - गोरखपुर में तीन सौ शस्त्र लाइसेंस फर्जी, दो हजार संदेह के घेरे में !
Loading...



आगरा: 1 दिसंबर से यमुना एक्सप्रेसवे पर नहीं लागू होगा फास्टैग सिस्टम, ये रही वजह

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए रायबरेली से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 29, 2019, 5:30 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...