रायबरेली में शुरू हुआ 50 बेड का AIIMS L3 अस्पताल, कोरोना मरीजों का होगा इलाज

एम्स रायबरेली में फीता काटकर 50 बेड का अस्पताल शुरू करने के बाद डायरेक्टर ने अपने स्टाफ के साथ आईसीयू व एचडीयू वार्ड का निरीक्षण किया और सीएमओ के साथ बैठक की

एम्स रायबरेली में फीता काटकर 50 बेड का अस्पताल शुरू करने के बाद डायरेक्टर ने अपने स्टाफ के साथ आईसीयू व एचडीयू वार्ड का निरीक्षण किया और सीएमओ के साथ बैठक की

पचास बेड वाले रायबरेली एम्स (Raebareily AIIMS) में 12 बेड के आईसीयू और वेंटिलेटर की व्यवस्था है. इसके साथ ही आठ एचडीयू (हाई डिपेंडेंसी यूनिट) बेड यूनिट है. आठ बेड के एचडीयू यूनिट में बाई पाइप से मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जाएगा. इसके साथ ही एम्स प्रशासन 18 बेड के वार्ड का भी निर्माण करवा रहा है

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  • Last Updated: April 26, 2021, 5:15 PM IST
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रायबरेली. कोरोना संक्रमण के बढ़ते मरीजों की संख्या के बीच एक राहत भरी खबर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा (Dinesh Sharma) के प्रभार वाले जिले रायबरेली (Raebareily) से आई है. कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल एम्स का सोमवार को यहां उद्घाटन हुआ है. रायबरेली एम्स (Raebareily AIIMS) के कार्यकारी निदेशक ने विधिवत पूजा-पाठ के बाद फीता काटकर 50 बेड का L3 अस्पताल का उद्घाटन और शुभारंभ किया. रायबरेली एम्स में 50 बेड L3 अस्पताल में कोरोना के गंभीर मरीजों का इलाज किया जाएगा.

पचास बेड वाले इस एम्स अस्पताल में 12 बेड के आईसीयू और वेंटिलेटर की व्यवस्था है. इसके साथ ही आठ एचडीयू (हाई डिपेंडेंसी यूनिट) बेड यूनिट है. आठ बेड के एचडीयू यूनिट में बाई पाइप से मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जाएगा. इसके साथ ही एम्स प्रशासन 18 बेड के वार्ड का भी निर्माण करवा रहा है.

एम्स रायबरेली में फीता काटकर 50 बेड का अस्पताल शुरू करने के बाद डायरेक्टर ने अपने स्टाफ के साथ आईसीयू व एचडीयू वार्ड का निरीक्षण किया और सीएमओ के साथ बैठक की. रायबरेली एम्स के निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी ने बताया कि अस्पताल में अभी केवल गंभीर रूप से रेफेर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाएगा. सबसे पहले मरीज की स्क्रीनिंग की जाएगी जिसके लिए ट्रायएज वार्ड बनाया गया है, इसके बाद मरीज की जरूरत के हिसाब से उसे वार्ड में भर्ती किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि हमारे पास ट्रेंड स्टाफ है जो मरीजों का इलाज और देखभाल करेगा. आने वाले समय में स्टाफ बढ़ने पर हम यहां पर बेड की संख्या भी बढ़ाएंगे. अगर दुर्भाग्यवश किसी मरीज की मृत्यु होती है तो उसके लिए हमारे पास उच्चस्तरीय मोर्चरी है.
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