VVIP नंबर लेकर Truecaller पर फीड किया CM का सलाहकार, फिर SP को फोन कर बनाया दबाव, 3 गिरफ्तार

रायबरेली पुलिस ने फर्जीवाड़े का खुलासा किया है.

रायबरेली पुलिस ने फर्जीवाड़े का खुलासा किया है.

Raebareli News: रायबरेली पुलिस ने मुख्यमंत्री का सलाहकार बनकर एसपी को फोन करने वाले और दबाव बनाने के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.

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रायबरेली. उत्तर प्रदेश के रायबरेली (Raebareli) में पुलिस टीम ने मुख्यमंत्री का सलाहकार (Adviser to CM) बनकर पुलिस अधीक्षक (SP) को धमकाने और साजिश रचने वाले 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है. आरोपियों ने पुलिस अधिकारी पर दबाव बनाने के लिए वीवीआईपी सीरीज का बीएसएनएल का नंबर लिया और फिर ट्रूकॉलर (Truecaller) पर नंबर को मुख्यमंत्री के सलाहकार के नाम से फीड किया ताकि अधिकारी पर आसानी से दबाव बनाकर अनैतिक कार्य कराया जा सके.

पुलिस अधिकारी ने मीडिया को जानकारी दी कि गुरुवार को कोतवाली पुलिस और सर्विलांस टीम ने आरोपी सैयद नासिर उर्फ साहिल निवासी सर्वपल्ली माल एवेन्यू थाना हुसैनगंज लखनऊ, प्रदीप शुक्ल निवासी तेलीबाग थाना पीजीआई, लखनऊ एवं मोहम्मद शादाब निवासी एसआईजी टिकैत राय तालाब राजाजीपुरम थाना बाजार खाला लखनऊ को रायबरेली कोतवाली के इंदिरा नगर क्षेत्र के बीएसएस पब्लिक स्कूल के पास से गिरफ्तार किया है.

22 जनवरी को किया एसपी को फोन

एसपी ने बताया की 22 जनवरी को आफिस के लैंड लाइन नंबर पर फोन आया था कि मुख्यमंत्री के सलाहकार मुझसे बात करना चाहते हैं. उक्त व्यक्ति ने कहा की मेरे परिचित डॉ सलीम अपनी बहन के प्रकरण में मिलने आएंगे उनके प्रार्थना पत्र पर कठोर कार्यवाही करें.
इसके बाद डॉ सलीम के भाई हनीफ ने एसपी को शिकायती पत्र दिया कि बहन के सुसराल वाले उसे मारते-पीटते हैं. दहेज को लेकर प्रताड़ित कर रहे हैं. इस पर मुकदमा भी कायम हुआ. उधर फर्जी मुख्यमंत्री के सलाहकार ने फोन पर एसपी से कहा कि मुकदमे में 376 की धारा बढ़ाकर जेल भेज दें नहीं तो विवेचक को हटा दें. इसके बाद शक के आधार पर एसपी ने मुख्यमंत्री के ऑफिस से जानकारी की तो पता चला की इस संबंध में कोई फोन नहीं किया गया.

ये है पूरा मामला

इसके बाद एसपी के पीआरओ की तहरीर पर कोतवाली में मुकदमा कायम किया गया. पता चला कि पूर्व में पुलिस ने डॉ सलीम को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. गुरुवार को तीन अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया. पुलिस पूछताछ में सैयद नासिर ने बताया कि मैंने डाक्टर सलीम की बहन के सुसरालवालों को जेल भिजवाने के लिए योजना बनाई. उसने अपने पूर्व ड्राइवर श्याम कुमार के कूटरचित दस्तावेज पर सीयूजी नंबर से मिलता-जुलता नंबर लिया. फिर ट्रूकॉलर (Truecaller) पर मुख्यमंत्री के सलाहकार नाम से उसे सेव किया. इस काम के लिए उसने डॉ सलीम से 30 हजार रूपए एडवांस लिया था. पुलिस ने आज इनके कब्जे से एक बीएमडब्लू कार, एक मर्सिडीज कार, एक एक्स्युवी कार और एक मोबाइल बरामद किया है.
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