4 वर्ष बाद भी बदहाल है सोनिया गांधी का गोद लिया गया 'उड़वा गांव'

जगतपुर ब्लाक के उड़वा गांव का रायबरेली के इतिहास में विशेष महत्व है, जहां आजादी के नायक राणा बेनी माधव की जन्म हुआ था. शायद यही कारण था कि सोनिया गांधी ने आदर्श ग्राम योजना के तह इस गांव का चयन किया था

News18 Uttar Pradesh
Updated: March 26, 2018, 3:39 PM IST
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Updated: March 26, 2018, 3:39 PM IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत गोद ली गई रायबरेली जिले का उड़वां गांव सांसद सोनिया गांधी की उदासीनता के चलते आज भी बदहाल बना हुआ है. बताते हैं चार साल बीतने के बाद भी गांव के हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है, जिससे सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र में स्थित उड़ाव गांव के लोगों में काफी नाराजगी है.

गौरतलब है जगतपुर ब्लाक के उड़वा गांव का रायबरेली के इतिहास में विशेष महत्व है, जहां आजादी के नायक राणा बेनी माधव की जन्म हुआ था. शायद यही कारण था कि सोनिया गांधी ने आदर्श ग्राम योजना के तह इस गांव का चयन किया था.

न्यूज18 एक रिपोर्ट कहती है कि सांसद आदर्श गांव में चयन होने के बाद उड़वा गांव के लोगों में इस बात को लेकर ख़ुशी थी कि उनके गांव की स्याह तस्वीर में बदलाव होगा और उनका गांव भी विकास की रफ़्तार से कदमताल करेगा, लेकिन पिछले चार वर्ष में गांव की हालत और हालात में कोई उल्लेखनीय बदलाव नहीं हुआ है.

उड़वा गांव के ग्राम प्रधान राधेश्याम मौर्य की मानें तो जिले के अधिकारियों और सांसद द्वारा आदर्श ग्राम योजना को लेकर न तो अब तक कोई बैठक हुई और न ही कोई पत्राचार किया गया है. गांव में पिछले एक साल के भीतर लगभग 70 प्रधानमंत्री आवास का निर्माण हुआ है, लेकिन इतने से कोई विशेष लाभ नहीं हुआ. उन्होंने बताया कि गांव में शौचालय बन रहे है, लेकिन प्राथमिक शिक्षा के बाद उनकी आगे की पढ़ाई के बाद लिए कोई व्यवस्था नहीं है.

वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि सांसद आदर्श ग्राम योजना में उड़वा गांव का चयन होने की ख़ुशी चार साल बाद अब मुरझा सी गई है. उनका मानना है कि अगर उनके गांव का चयन आदर्श गांव में नहीं हुआ होता तो शायद पूर्व कैबिनेट मंत्री इसको लोहिया ग्राम में चयन करवा कर इसका विकास करवा चुके होते. वहीं, उड़वा गांव के युवा भी सांसद सोनिया गांधी की उदासीनता से नाराज है.

युवाओं का कहना है कि योजना को शुरू हुए चार साल हो गए, लेकिन एक बार भी उनकी सांसद या उनका कोई प्रतिनिधि गोद लिए गांव का हाल लेने अब तक नहीं आया. उड़वा गांव में एक भी इंटर कॉलेज नहीं होने और गांव में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर एएनएम सेंटर तक नहीं होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे अंदाजा लगया जा सकता है कि विकास को लेकर उनके सांसद कितने गंभीर हैं.
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