रायबरेली: अस्पताल की बेरुखी के बाद महिला ने सड़क पर दिया बच्चे को जन्म

आरोप है कि सीएचसी खीरो में मौजूद डाक्टर मनोज मिश्रा और नर्स नीतू यादव ने संवेदनहीनता दिखाते हुए गर्भवती सोमवती को अस्पताल में भर्ती करने के बजाय जिला अस्पताल रेफर कर दिया.

MOHAN KRISHAN | ETV UP/Uttarakhand
Updated: February 21, 2018, 6:46 PM IST
रायबरेली: अस्पताल की बेरुखी के बाद महिला ने सड़क पर दिया बच्चे को जन्म
अस्पताल के बगल में सड़क पर बच्चे को जन्म देती महिला. Photo: ETV/News18
MOHAN KRISHAN | ETV UP/Uttarakhand
Updated: February 21, 2018, 6:46 PM IST
सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली से स्वास्थ्य महकमे के दावों के उलट एक तस्वीर सामने आयी है. यहां एक प्रसूता ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर सड़क किनारे अपने बच्चे को जन्म दिया. जब प्रसव हो गया तब अस्पताल के जिम्मेदारों ने उसे सीएचसी में भर्ती किया. सुदूर क्षेत्रो में स्वास्थ्य सेवाओं और कर्मियों की संवेदहीनता को उजागर करती यह तस्वीर रायबरेली जिला मुख्यालय से लगभग 45 किमी दूर खीरो सीएचसी की है. यहां भूपखेड़ा गांव निवासी प्रेमशंकर ने अपनी पत्नी सोमवती को अस्पताल में भर्ती करवाया.

आरोप है कि सीएचसी खीरो में मौजूद डाक्टर मनोज मिश्रा और नर्स नीतू यादव ने संवेदनहीनता दिखाते हुए गर्भवती सोमवती को अस्पताल में भर्ती करने के बजाय उसकी गंभीर हालत का हवाला देते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया. लेकिन सोमवती ने जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही सीएचसी के गेट पर बच्चे को जन्म दे दिया.

सोमवती के परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग की सुविधाओं से दूर सड़क पर बच्चे का जन्म कराया. यह वाकया कैमरे में कैद हो गया तो आनन-फानन में सीएचसी में मौजूद स्टाफ ने सोमवती को अस्पताल में भर्ती करवाया. सोमवती के परिजन ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा ​कि उसकी हालत पर किसी को तरस तक नहीं आया. बोल दिया कि यहां से जाओ. न कोई सहायता दी न ही एंबुलेंस की व्यवस्था की गई. अभी हम लोग सीएचसी से सोमवती को लेकर निकले ही थे कि उसका दर्द बढ़ गया, जिसके कारण सड़क किनारे चादर में छिपाकर प्रसव कराना पड़ा.
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