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रेलवे भर्ती प्रकोष्‍ठ के चेयरमैन को फेल अभ्‍यर्थियों को पास कराने के लिए मिली धमकी

Sarvesh Dubey | News18 Uttar Pradesh
Updated: October 21, 2019, 7:36 PM IST
रेलवे भर्ती प्रकोष्‍ठ के चेयरमैन को फेल अभ्‍यर्थियों को पास कराने के लिए मिली धमकी
रेलवे भर्ती प्रकोष्‍ठ के चेयरमैन की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर धमकी देने वाले गिरोह की तलाश शुरू कर दी है.

भर्ती प्रक्रिया (Recruitment Process) से बाहर हो रहे अभ्यर्थियों (candidates) को ही पास कराने के लिए नकल माफिया रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ (Railway Recruitment Cell) प्रयागराज (Prayagraj) के चेयरमैन (Chairman) विवेक प्रकाश पर दबाव बनाने में लगे हैं.

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प्रयागराज: रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ (Railway Recruitment Cell) के चेयरमैन (Chairman) विवेक प्रकाश (Vivek Prakash) को नकल माफियाओं से धमकी (threat) मिली है. ग्रुप डी भर्ती (Group D Recruitment) में कुछ फेल अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए पिछले कई दिनों से नकल माफिया चेयरमैन का ऑफिस से लेकर उनके सूबेदारगंज के रेलगांव स्थित आवास तक पीछा भी कर रहे थे. इस बीच 15 और 16 अक्टूबर को नकल माफियाओं ने उनका आफिस से घर तक पीछा किया और आवास के बाहर उन्हें रोककर कुछ फेल अभ्यर्थियों को पास कराने का उन पर दबाव भी बनाया था.

पुलिस अधिकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर को उनके ड्राइवर के मोबाइल फोन पर कुछ फेल अभ्यर्थियों को पास न करने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी. जिसके बाद, रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ के चेयरमैन विवेक प्रकाश ने धूमनगंज थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है. पुलिस ने उनकी शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस चेयरमैन वि‍वेक प्रकाश द्वारा उपलब्‍ध कराए गए मोबाइल नंबर को ट्रेस कर नकल माफियाओं का पता लगाने में जुट गई है.

गौरतलब है कि नार्थ सेंट्रल रेलवे ने 2018 में 4762 ग्रुप डी के पदों के लिए भर्ती निकाली थी. जिसके लिए कराये गए फिजिकल एलिजिबिलिटी टेस्ट के बाद 4900 अभ्यर्थी उत्तीर्ण भी हुए. रिक्त पदों से पांच फीसदी अभ्यर्थियों को रेलवे ने डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन के लिए बुलाया था. जिसमे, 4085 अभ्यर्थी ही डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन के लिए उपस्थित हुए थे. भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए अभ्यर्थियों के बॉयोमेट्रिक मैच कराए गए. जिसमें लगभग 800 अभ्यर्थी जांच दायरे में आ गए और भर्ती प्रक्रिया से लगभग बाहर हो गए हैं.

भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो रहे अभ्यर्थियों को ही पास कराने के लिए नकल माफिया रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ प्रयागराज के चेयरमैन विवेक प्रकाश पर दबाव बनाने में लगे हैं. यहां हम आपको बता दें कि रेलवे की ग्रुप डी की भर्ती में तीन चरण हैं, जिसमें सितंबर-अक्टूबर 2018 में लिखित परीक्षा करायी गई थी. उसके बाद, मार्च 2019 में लिखित परीक्षा में पास अभ्यर्थियों का फिजिकल टेस्ट कराया गया था. जिसमें पास होने के बाद अभ्यर्थियों को मई और जून में डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन के लिए बुलाया गया था. इस भर्ती में रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ ने 3254 अभ्यर्थियों का पैनल रेलवे को दे दिया है, जिन कर्मचारियों की ग्रुप डी के पदों पर ज्वाइनिंग भी हो गई है.

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First published: October 21, 2019, 7:33 PM IST
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