सत्ता में साढ़े चार वर्ष रहने के बाद बीजेपी को इमरजेन्सी की याद आईः आजम खान

इमरजेंसी को भारतीय लोकतंत्र के लिए एक काला दौर बताते हुए आजम खान ने कहा कि इससे राजनीतिक दलों, नेता और छात्रनेताओं को काफी यातनाएं झेलनी पड़ी, लेकिन जयप्रकाश नारायण मूवमेंट के बाद इमरजेंसी हटी तो सत्ता बदल गई.

News18 Uttar Pradesh
Updated: June 27, 2018, 10:44 PM IST
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सपा नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान ने बुधवार को पीएम मोदी के इमरजेंसी पर दिए बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि साढ़े चार बरस पहले सत्ता में आई बीजेपी को इमरजेन्सी याद अब आई है. इमरजेंसी को भारतीय लोकतंत्र के लिए एक काला दौर बताते हुए आजम ने कहा कि इससे राजनीतिक दलों, नेता और छात्रनेताओं को काफी यातनाएं झेलनी पड़ी, लेकिन जयप्रकाश नारायण मूवमेंट के बाद इमरजेंसी हटी तो सत्ता बदल गई.

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आजम खान ने इमरजेंसी के दौर के फायदों को गिनाते हुए कहा कि उस दौर में ट्रेनें सही वक़्त पर चलने लगी थी, लोग सही वक़्त पर दफ्तर पहुंचने लगे थे, लेकिन आज के हालात हैं कि आज की ट्रेन कल आ रही है अथवा कैंसिल हो जाती है. उन्होंने मोदी सरकार के दौर को इमरजेंसी के दौर से तुलना करते हुए कहा कि जो बर्बादी इस वक़्त है वो उससे भी भयानक है.

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बकौल आजम, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पॉवर के लिए भारतीय लोकतंत्र पर इमरजेंसी को थोपा था, लेकिन आज के हालात से संविधान खतरे में है. इमरजेंसी के दिन को बीजेपी द्वारा काला दिन के रूप में मनाए जाने पर आज़म ने कहा कि बीजेपी सिर्फ अपने कारनामों का काला दिन मना रही है.

(रिपोर्ट-विशाल सक्सेना, रामपुर)
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