Rampur news

रामपुर

अपना जिला चुनें

सपा सांसद आज़म खान का छलका आंसू, बोले- मैं जिंदा हूं अभी तक क्योंकि मुजरिम हूं...

सपा सांसद आज़म खान का छलका आंसू, बोले- मैं जिंदा हूं अभी तक क्योंकि मुजरिम हूं...

रामपुर में चुनावी जनसभा को संबोधित करते सपा सांसद आज़म खान.

जनसभा को संबोधित करते हुए आज़म खान (Azam Khan) भावुक हो गए. वह अपनी पत्‍नी तजीन फातमा के लिए एक चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे.

SHARE THIS:
रामपुर. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के रामपुर (Rampur) से समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के सांसद आज़म खान (Azam Khan) शनिवार देर शाम अपनी पत्नी के लिए एक जनसभा को संबोधित करते हुए भावुक हो गए. आज़म खान की पत्नी डॉ. तजीन फातमा उपचुनाव में समाजवादी पार्टी (SP) की प्रत्याशी हैं. चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए आज़म खान का दर्द छलक उठा. उन्होंने कहा कि पार्लियामेंट का चुनाव जीतने के बाद खुशियों के कितने पहाड़ मेरे ऊपर टूट गए. उन्होंने कहा कि मजाक बनाओ मेरा, हंसो मेरे ऊपर, कहो एक ढोंगी, एक मदारी रोज आता है. आंसू बहाता है और चला जाता है.

क्योंकि मैं मुजरिम हूं...

सपा सांसद ने कहा, 'मैं जिंदा हूं...अभी तक जिंदा हूं...इसलिए कि मैं मुजरिम और अपराधी हूं.' चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आपका वकील हूं और आपकी खुशियां चाहता हूं. सपा सांसद ने दावा करते हुए कहा कि इस लड़ाई से पीछे नहीं हट सकता और मैदान छोड़कर नहीं जा सकता.



'वह डाकू था मगर तुम्हारे लिए कलम लेकर आया था'
जनसभा को संबोधित करते हुए आज़म खान दोबारा भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि कल को जब मेरी बुराई लिखी जाएगी और जब मेरे खून के आंसू मेरी तारीफ के उरांव पर हो तो लोग यह पकड़ लें कि एक ऐसा शख्स भी जमीन पर पैदा हुआ था, जिसने नस्लों के लिए मुर्गियां चुराई थींं, बकरियां चुराई थींं, भैंसें चुराई थींं, किताबें चुराई थी. वो डाकू था मगर वह तुम्हारे लिए कलम लेकर आया था. उन्होंने कहा कि शर्म आती है. सोचता हूं तो शर्म आती है.

बता दें कि यूपी की 11 विधानसभा सीटों के उपचुनाव में 21 अक्टूबर को वोटिंग होगी. इसी दिन महाराष्ट्र और हरियाणा के भी विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे. चुनाव परिणाम इसके तीन दिन बाद यानी 24 अक्टूबर को आएंगे.

इनपुट: विशाल सक्सेना

ये भी पढ़ें:

कानपुर: सरकारी अस्पताल में महिला ने जेवर गिरवी रखकर कराया प्रसव

लखनऊ एयरपोर्ट: जब फ्लाइट में बम की सूचना से घबरा गए सैकड़ों पैसेंजर...

BJP ने दिया अखिलेश को जवाब- राजनीतिक हताशा का परिणाम हैं ये आरोप

 

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम की जेल से रिहाई का रास्ता हुआ साफ, कभी भी आ सकते हैं बाहर

आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम की जेल से रिहाई का रास्ता हुआ साफ, कभी भी आ सकते हैं बाहर

Rampur News: हाईकोर्ट से दो जन्म प्रमाणपत्र और सुप्रीम कोर्ट से दो पेनकार्ड और पासपोर्ट के मामले में जमानत मंजूर हुई थी, लेकिन शर्त यह थी कि जब वादी के बयान कोर्ट में दर्ज हो जाएगा तभी अब्दुल्ला को रिहा किया जा सकता है. अब जब मुक़दमे के वादी के बयान दर्ज हो गए हैं.

SHARE THIS:

रामपुर. करीब डेढ़ साल से अपने पिता और रामपुर (Rampur) के सांसद आजम खान के साथ सीतापुर जेल में बंद अब्दुल्ला आजम (Abdullah Azam) की रिहाई के रास्ते साफ हो गए हैं. अब्दुल्ला आजम अब कभी भी सीतापुर जेल से बाहर आ सकते हैं. दरअसल, हाईकोर्ट से दो जन्म प्रमाणपत्र और सुप्रीम कोर्ट से दो पेनकार्ड और पासपोर्ट के मामले में जमानत मंजूर हुई थी, लेकिन शर्त यह थी कि जब वादी के बयान कोर्ट में दर्ज हो जाएगा तभी अब्दुल्ला को रिहा किया जा सकता है. अब जब मुक़दमे के वादी के बयान दर्ज हो गए हैं तो अब अब्दुल्ला आजम की जेल से रिहाई के रास्ते भी खुल गए हैं.

इस मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता अरुण प्रकाश सक्सेना ने बताया अब्दुल्लाह आजम खान, मोहम्मद आजम खान और तंजीन फात्मा के खिलाफ दो जन्म प्रमाण पत्र बनाए जाने और उनका इस्तेमाल विधानसभा चुनाव में अब्दुल्लाह आजम को चुनाव लड़ाने के लिए किया गया. इस संबंध में एक मुकदमा थाना गंज में दर्ज हुआ. इसमें हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मंजूर की गई थी कि जब वादी मुकदमा का बयान दर्ज हो जाए तब उन्हें जमानत पर रिहा किया जा सकता है. इस केस में वादी मुकदमा आकाश सक्सेना का बयान दर्ज किया जा चुका है. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट से दो जमानत मंजूर की गई थी. ये दो पैन कार्ड और दो पासपोर्ट के अलग-अलग मामले हैं. पैन कार्ड क्राइम नंबर 980/2019 थाना सिविल लाइन से संबंधित है और पासपोर्ट केस क्राइम नंबर 594 2019 थाना सिविल लाइन से संबंधित है. इन दोनों में भी यही शर्त थी कि वादी मुकदमा का बयान दर्ज करने के बाद अब्दुल्लाह को रिहा किया जा सकता है. इन दोनों ही मुकदमों में वादी मुकदमा आकाश सक्सेना का बयान दर्ज किया जा चुका है. पासपोर्ट केस में केवल अब्दुल्लाह अभियुक्त हैं और दो पैन कार्ड बनाए जाने के संबंध में मोहम्मद आजम खान और अब्दुल्लाह दोनों ही अभियुक्त हैं, क्योंकि कोर्ट की कंडीशन फुलफिल हो चुकी है तो अभियुक्त अब्दुल्लाह आजम के खिलाफ ऐसा मेरी जानकारी में कोई मामला नहीं है कि अब वह रिहा हो सकते हैं.

बहुत जल्द मिलेगी दोषियों को सजा
वादी मुकदमा शिकायतकर्ता आकाश सक्सेना ने बताया जो पासपोर्ट का और पैन कार्ड का मामला था उसमें इन को सुप्रीम कोर्ट से कंडिश्नल बेल मिली थी, उसी मामले में बुधवार को मेरे बयान दर्ज हो चुके हैं. इसके अलावा जो पैन कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र का मामला है, इसमें आजम, अब्दुल्लाह आजम और तंजीन फातिमा का है. पैन कार्ड में आजम खान और अब्दुल्लाह आजम खान और पासपोर्ट में अब्दुल्लाह आजम खान थे. उस मामले में ट्रायल शुरू है. बाकी जो लोगों की गवाही है वह शुरू होंगी और ईश्वर ने चाहा तो बहुत जल्द दोषियों को सजा मिलेगी.

Rampur News: टीचर ने नाबालिग छात्रा के साथ की अश्लील हरकत, चेहरे पर लगाया जबरन केक, गिरफ्तार

Rampur News: टीचर ने नाबालिग छात्रा के साथ की अश्लील हरकत, चेहरे पर लगाया जबरन केक, गिरफ्तार

Teachers Day: रामपुर के एडिशनल एसपी संसार सिंह ने बताया, 'जांच में पता चला कि स्कूल का टीचर सिविल लाइंस इलाके में कोचिंग सेंटर भा चलाता है. 5 सितंबर को छात्राएं टीचर्स डे सेलिब्रेशन करने पहुंची थीं.'

SHARE THIS:

रामपुर. उत्तर प्रदेश के रामपुर (Rampur) में एक प्रतिष्ठित इंग्लिश मीडियम स्कूल के टीचर का नाबालिग छात्रा के साथ की अश्लील हरकत करने का मामला सामने आ रहा है. बताया जा रहा है कि शिक्षक दिवस (Teachers Day) के मौके पर टीचर ने अमर्यादित व्यवहार करते हुए अपनी छात्रा के चेहरे पर जबरन केक लगाया. इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. छात्रा के पिता की तहरीर पर पुलिस ने वीडियो की जांच के बाद पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज करते हुए आरोपी टीचर को गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल पुलिस जांच पड़ताल में जुटी है. फिलहाल घटना को संज्ञान में लेते हुए स्कूल प्रशासन ने उसे नौकरी से निकाल दिया है.

वायरल वीडियो में दिख रहा है कि छात्रा टीचर से बचने के लिए भागती है, लेकिन वह उसे जबरन पकड़ लेते हैं. वह बचने का प्रयास करती है लेकिन वह उसके चेहरे पर केक लगा रहा है. वह छात्रा से यह कहते हुए सुनाई दे रहा है कि कौन बचाएगा? आया कोई? बताया जा रहा है कि यह वीडियो टीचर्स डे के दिन का है. वीडियो वायरल होने के बाद जब छात्रा के पिता तक यह पहुंचा तो उन्होंने टीचर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई.

यह भी पढ़ें- Lucknow News: हिस्ट्रीशीटर की सरेशाम गोली मारकर हत्या, मुख्य आरोपी शारिक गिरफ्तार

रामपुर के एडिशनल एसपी संसार सिंह ने बताया, ‘जांच में पता चला कि स्कूल का टीचर सिविल लाइंस इलाके में कोचिंग सेंटर भा चलाता है. 5 सितंबर को छात्राएं टीचर्स डे सेलिब्रेशन करने पहुंची थीं, जहां उसने छात्रा के चेहरे पर जबरन केक लगाया.’ एएसपी ने बताया कि बच्ची के पिता की शिकायत पर 57 साल के आलोक सक्सेना के खिलाफ विभिन्न आईपीसी की धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट के तहत भी केस दर्ज किया गया है. आरोपी आलोक कृष्णा विहार इलाके का रहना वाला है. उसे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है.

UP: यूपी जल निगम भर्ती मामले में सपा MP आजम खान को झटका, जमानत अर्जी खारिज 

UP: यूपी जल निगम भर्ती मामले में सपा MP आजम खान को झटका, जमानत अर्जी खारिज 

Azam Khan News: बीती 15 जुलाई को सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने इस मामले में अभियुक्त आजम खान और गिरीश चंद्र श्रीवास्तव के खिलाफ आईपीसी की धारा 201, 204, 420 ,467, 468, 471, 120बी और एंटी करप्शन एक्ट की धारा 13 के तहत संज्ञान लिया था.

SHARE THIS:

लखनऊ. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने पूर्व मंत्री आजम खान (Samajwadi Party MP Azam Khan) को समाजवादी पार्टी की सरकार में यूपी जल निगम में इंजीनियर, क्लर्क और स्टेनोग्राफर के 1300 पदों पर भर्ती मामले में बड़ा झटका लगा है. जल निगम भर्ती घोटाले (Up Jal Nigam Recruitment Case) में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की विशेष अदालत ने शुक्रवार को पूर्व मंत्री और रामपुर संसदीय क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के सांसद मोहम्मद आजम खान की जमानत याचिका खारिज कर दी. सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने प्रथम दृष्टया आजम खान के अपराध को गंभीर करार दिया. जल निगम भर्ती घोटाले में सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने आजम खान के अपराध को प्रथम दृष्टया गंभीर बताते हुए जमानत अर्जी को खारिज कर दिया.

बता दें कि सपा सरकार में जल निगम में 1300 पदों पर हुई भर्तियों में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगे थे. 2017 में योगी सरकार के बनने के बाद शासन ने पूरे मामले की जांच एसआईटी को सौंपी थी. एसआईटी ने 22 सितंबर 2017 को जल निगम मुख्यालय में छापा मारकर भर्ती से जुड़े तमाम मूल दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए थे. भर्तियों के समय आजम खान जल निगम के चेयरमैन थे. एसआईटी की जांच में भर्ती परीक्षा कराने वाली एजेंसी एप्टेक से लेकर तमाम अधिकारियों और आजम खान की जांच की गई थी. जिसके बाद 29 मार्च 2018 को एसआईटी ने शासन को अपनी जांच रिपोर्ट भेजकर मामले में एफआईआर दर्ज कराने की सिफारिश की थी.

यह भी पढ़ें- झांसी में तिलंगाना एक्सप्रेस में सीट के नीचे मिला हथियारों से भरा बैग, सामने आया कश्मीर कनेक्शन

25 अप्रैल 2018 को पूर्व मंत्री आजम खान, जल निगम के तत्कालीन एमडी पीके आसुदानी, नगर विकास के पूर्व सचिव एसपी सिंह, आजम खान के तत्कालीन ओएसडी सैयद आफाक अहमद और तत्कालीन चीफ इंजीनियर अनिल कुमार खरे समेत अन्य के खिलाफ गबन, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, सबूत मिटाने और एंटी करप्शन एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज हुई थी. विवेचना के दौरान एसआईटी ने आजम खान और अन्य अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. बीती 15 जुलाई को सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने इस मामले में अभियुक्त आजम खान और गिरीश चंद्र श्रीवास्तव के खिलाफ आईपीसी की धारा 201, 204, 420 ,467, 468, 471, 120बी और एंटी करप्शन एक्ट की धारा 13 के तहत संज्ञान लिया था.

UP News: सपा सांसद आजम खान को लगा बड़ा झटका, जौहर यूनिवर्सिटी पर शुरू हुई कब्जे की कार्रवाई

UP News: सपा सांसद आजम खान को लगा बड़ा झटका, जौहर यूनिवर्सिटी पर शुरू हुई कब्जे की कार्रवाई

Rampur News: हाईकोर्ट ने अपील खारिज कर दी थी इसके बाद दखल और कब्जे के लिए आए थे, वीसी साहब ने दखल पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया है. अब दो गवाहों के हस्ताक्षर करा कर यह कार्रवाई की जाएगी.

SHARE THIS:

रामपुर. उत्तर प्रदेश के रामपुर (Rampur) से सपा सांसद और कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान (Azam Khan) को बड़ा झटका लगा है. गुरुवार को यूनिवर्सिटी पहुंची तहसील की टीम ने जमीन पर कब्जा करने के साथ ही आजम खान के मौलाना मुहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को बेदखल कर दिया. यह ट्रस्ट ही यूनिवर्सिटी को संचालित करता है और आजम खान इसके अध्यक्ष हैं, जबकि उनकी पत्नी शहर विधायक डॉ. तजीन फात्मा सचिव हैं. एडीएम प्रशासन ने जौहर यूनिवर्सिटी की करीब 70 हेक्टेयर ज़मीन को राज्य सरकार में निहित करने का आदेश दिया था. एडीएम के इस आदेश के खिलाफ जौहर ट्रस्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट याचिका दाखिल की जौहर ट्रस्ट की याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया. याचिका खारिज होने के बाद अब जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है.

अब उस ज़मीन पर कब्जा और दखल के लिए टीम जौहर यूनिवर्सिटी पहुंची. लेकिन यूनिवर्सिटी के वीसी ने दखल और कब्जा के पेपर पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया. इस मामले में तहसीलदार सदर प्रमोद कुमार ने बताया अपर जिलाधिकारी महोदय द्वारा अपने आदेश में 70 हेक्टेयर जमीन को राज्य सरकार में निहित किया गया था.

मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी

मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी

हाईकोर्ट के इसी फैसले के बाद अब रामपुर जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया और तहसील सदर रामपुर के तहसीलदार ने जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचकर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर से जमीन का कब्जा सरकार के हाथ में लिए जाने के लिए नोटिस प्राप्त करने को कहा जिसे तहसीलदार सदर के मुताबिक जौहर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर ने इंकार कर दिया. नियमों के अंतर्गत तहसीलदार सदर ने 2 गवाहों की मौजूदगी में जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन पर सरकारी कब्जा लिए जाने की कार्रवाई पूरी की.

ये है पूरा मामला
गौरतलब है कि 7 नवंबर 2005 को सरकार ने ट्रस्ट को 400 एकड़ जमीन की मंजूरी दी. जिसमें से 12.50 एकड़ में विश्वविद्यालय बनाने की सीलिंग की गई. 17 जनवरी 2006 को 45.1 एकड़ जमीन तथा 16 सितंबर 2006 को 25 एकड़ अतिरिक्त जमीन की मंजूरी दी गई. एसडीएम की रिपोर्ट में कहा गया कि 24000 वर्ग मीटर जमीन में ही निर्माण कार्य कराया जा रहा है. शर्तों का उल्लघंन किया गया है. याची का कहना था कि ट्रस्ट के अध्यक्ष मोहम्मद आजम खान, सचिव डॉ तंजीन फात्मा व सदस्य अब्दुल्ला आजम खान 26 फरवरी 2020 से सीतापुर जेल में बंद हैं.

आजम खान को ‘इंसान’ और योगी सरकार को ‘शैतान’ बताने वाले पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी के खिलाफ केस दर्ज

आजम खान को ‘इंसान’ और योगी सरकार को ‘शैतान’ बताने वाले पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी के खिलाफ केस दर्ज

Indecent Comment on Yogi Government: रामपुर के भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने योगी सरकार के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करने के आरोप में पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है. रविवार को आजम खान के परिवार से मिलने गए कुरैशी ने की थी टिप्पणी.

SHARE THIS:

रामपुर. पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी (Aziz Qureshi) के खिलाफ रामपुर जनपद के कोतवाली सिविल लाइन में मुकदमा दर्ज हुआ है. उनके ऊपर योगी सरकार (Yogi Government) पर अमर्यादित टिप्पणी करने का आरोप लगा है. दरअसल, रविवार को आजम खान के परिवार से मिलने पहुंचे अजीज कुरैशी ने मीडिया से बात करते हुए प्रदेश की योगी सरकार को शैतान बताया था. आजम खान के खिलाफ दर्ज मुकदमों पर उन्होंने कहा था कि यह लड़ाई शैतान और एक इंसान की लड़ाई हैं. कुरैशी के बयान से आहत बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने केस दर्ज कराते हुए कहा कि कुरैशी का यह बयान उनकी तालिबानी सेोच को प्रदर्शित करता है..

बीजेपी नेता आकाश सक्सेना (Aakash Saxena) ने सिविल लाइन थाने में तहरीर देकर अजीज कुरैशी के खिलाफ केस दर्ज करवाया. पुलिस ने अजीज कुरैशी के के खिलाफ आईपीसी की धारा 153-A, 153-B, 124-A और 505 (1)(b) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. आकाश सक्सेना ने कहा कि पूर्व राज्यपाल आजम खान के परिवार से मिलने पहुंचे थे. वहां से निकलने के बाद जिस तरह का बयान उन्होंने दिया है वह तालिबानी सोच को दिखाता है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग प्रदेश को तालिबान बनाना चाहते हैं, लेकिन उनकी यह मंशा कभी पूरी नहीं होगी. आकाश सक्सेना ने कहा कि उनके बयान के बाद उन्होंने थाने में तहरीर दी, जिस पर मुकदमा कायम हुआ है. यकीन है कि पुलिस आगे भी कार्रवाई करेगी.

की थी ये टिप्पणी
गौरतलब है कि आजम खान के परिवार से मिलने रामपुर पहुंचे पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि “वे अपनी भाभी के पास और भतीजों के पास आए थे.” उन्होंने कहा कि “आजम भाई के साथ जो जुल्म, टॉर्चर और ज्यादती वाला ट्रीटमेंट इस गवर्नमेंट ने किया है, उसके लिए मुझे कुछ कहने की जरूरत नहीं है. मैं परिवार को कहने आया था कि हिम्मत रखिए. आप के साथ अल्लाह है. इंशाल्लाह जीत आपकी ही होगी और इस गवर्मेंट को शर्म आनी चाहिए. जहां सरकार पीछे लगी हो. कोर्ट को मजबूर कर दिया जाए. एक के बाद एक मुकदमा कायम किए जाएं. फिर छूट जाए, फिर सरकार पीछे लग जाए रिवाइव करने के लिए तो यह शैतान की और इंसान की लड़ाई है. शैतान और खून पीने वाले दरिंदे एक तरफ है और एक तरफ इंसान है जो हो रहा है वह हो रहा है हम देख रहे हैं.”

Rampur News: ईओ को भारी पड़ा मंत्री का कीचड़भरे रास्ते पर चलना, डीएम ने की ये बड़ी कार्रवाई

Rampur News: ईओ को भारी पड़ा मंत्री का कीचड़भरे रास्ते पर चलना, डीएम ने की ये बड़ी कार्रवाई

Rampur News: जलशक्ति मंत्री बलदेव सिंह औलख को क्षेत्र की जनता ने लग्जरी गाड़ी से उतारकर कीचड़ भरे रास्ते पर पैदल चलाया था. जिस पर रामपुर के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने नगर पालिका बिलासपुर के अधिशासी अधिकारी राजेश सिंह राणा का एक माह का वेतन काटकर निर्माण कार्यों की जांच शुरू करा दी है.

SHARE THIS:

रामपुर. रामपुर (Rampur) में योगी सरकार के जलशक्ति मंत्री बलदेव सिंह औलख (Baldev Singh Aulakh) को कीचड़ भरे रास्ते पर पैदल चलाने के मामले में नगर पालिका बिलासपुर के ईओ पर कार्रवाई हुई है. यहां दौरे पर पहुंचे मंत्री को उनकी विधानसभा क्षेत्र की जनता ने लग्जरी गाड़ी से उतारकर कीचड़ भरे रास्ते पर पैदल चलाया था, जिस पर रामपुर के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने कड़ा रुख अपना लिया है. डीएम ने नगर पालिका बिलासपुर के अधिशासी अधिकारी राजेश सिंह राणा का एक माह का वेतन काट दिया है. साथ ही उनके द्वारा बिलासपुर और नगरपालिका टांडा में जो कार्य कराए गए हैं, उनकी जांच के लिए समिति भी बना दी है.

गौरतलब है कि 28 अगस्त को सीएचसी बिलासपुर में ऑक्सीजन सिलेण्डर फीलिंग स्टेशन का उदघाटन करने के लिए जाते समय कीचड़ भरे रास्ते से परेशान लोगों ने राज्य मंत्री को उनकी गाड़ी से नीचे उतारा और कीचड़ वाले रास्ते में पैदल चलाया था. इसके बाद मंत्री बलदेव औलख और रामपुर डीएम ने नगरपालिका ईओ को जमकर हड़काया था. अब डीएम ने एक्शन लेते हुए ईओ पर डंडा चला दिया है.

News 18 से बात करते हुए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया जो सीएससी बिलासपुर है उसका जो लिंक रोड है वह खराब अवस्था में था. जब मैंने जनपद में जॉइन किया था तब सारे सीएससी का भ्रमण किया था. बाकी सभी सीएससी के रोड बड़े अच्छे थे बस केवल एक सीएससी और जिला अस्पताल का अंदर का जो रोड था वह खराब था. जिला अस्पताल का अंदर का जो रोड था पीडब्ल्यूडी से उसे हमने बनवा दिया था और जो सीएससी के लिए लिंक रोड के लिए ईओ को निर्देशित किया था कि उसका डिटेल स्टीमेट बनाकर हम से स्वीकृत करा कर उसे बना दें.

मौखिक रूप से उनके द्वारा अवगत कराया गया कि वह बना लिया गया है. हाल ही में किसी कार्यक्रम में सरकार के मंत्री वहां गए तो पता चला कि इसका अभी तक कोई प्रोसेस नहीं किया है. इसके बाद उच्च अधिकारी को गुमराह करने और इतने इंपॉर्टेंट काम को न कराने के लिए ईओ को हमने प्रतिकूल प्रविष्टि दी है. इसके अतिरिक्त उनका एक माह का वेतन भी काटा है. ईओ के पास टांडा का भी चार्ज है तो टांडा और बिलासपुर में जो निर्माण उन्होंने पूर्व में करवाए हैं उसकी जांच के लिए भी हमने एक समिति बनाई थी, उसमें भी वह सहयोग नहीं कर रहे हैं तो कहीं न कहीं उनकी भूमिका संदिग्ध नजर आती है. उस पर हमने लगातार उन्हें नोटिस जारी किए हैं और आगे अगर वह जांच में सहयोग नहीं करते हैं और काम अगर ढंग से नहीं करते हैं तो शासन में कड़ी कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा.

Rampur News: जब जनता ने योगी सरकार के मंत्री बलदेव सिंह औलख को कीचड़ भरे रास्ते पर चलवाया

Rampur News: जब जनता ने योगी सरकार के मंत्री बलदेव सिंह औलख को कीचड़ भरे रास्ते पर चलवाया

Rampur News: योगी सरकार के जल शक्ति राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख सरकारी अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में जा रहे थे कि रास्ते मे लोगों ने उन्हें गाड़ी से उतारकर कीचड़ में पैदल चलाया और उसके बाद उदघाटन कार्यक्रम में जाने दिया.

SHARE THIS:

रामपुर. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के रामपुर (Rampur) जनपद में रेडिको खेतान फैक्ट्री की और से बिलासपुर तहसील के सीएचसी में ऑक्सीजन सिलेंडर फिलिग सेंटर लगवाया गया है. जिसका उद्घाटन करने के लिए प्रदेश सरकार के जलशक्ति राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख (Minister Baldev Singh Olakh) और जिलाधिकारी रविंद्र सिंह मांदड़ को बुलाया गया था. राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख उद्घाटन कार्यक्रम में जा ही रहे थे कि बीच रास्ते मे लोगों ने उनकी लग्जरी गाड़ी रोक ली और उन्हें नीचे उतारा. उसके बाद कीचड़ भरे रास्ते पर पैदल चलाया.

दरअसल, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख के विधानसभा क्षेत्र बिलासपुर के सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) और बिलासपुर मंडी को जाने वाला रास्ता काफी समय से खराब है. कई बार शिकायत करने के बाद भी नगर पालिका बिलासपुर द्वारा सड़क को दुरुस्त नहीं करवाया गया. बारिश के पानी से रास्ता इतना खराब हो गया कि पैदल तो दूर गाड़ी से निकलना लोगों का दुश्वार हो गया है. अस्पताल आने जाने वाले मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. आज उसी रास्ते से योगी सरकार के जल शक्ति राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख सरकारी अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में जा रहे थे कि रास्ते मे लोगों ने उन्हें गाड़ी से उतारकर कीचड़ में पैदल चलाया और उसके बाद उदघाटन कार्यक्रम में जाने दिया.

मंत्री जी ने अधिकारियों को हड़काया
इस घटना से मंत्री जी को काफी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा और उद्घाटन करने के बाद मंत्री जी ने मंच से ही नगर पालिका के ईओ का नाम लिए बगैर जमकर हड़काया. अधिकारियों पर ठीकरा फोड़ते हुए राज्य मंत्री ने कहा कि बहुत सारे नालायक आदमी है यहां पर, जिनको कहने के बाद भी मोटी चमड़ी पर कोई असर नहीं होता. कई बार कहने के बाद भी उनके सिर पर जूं नहीं रेंगती. डीएम व एसडीएम से लेकर हम सभी जितना प्रयास करते हैं, यह उसको उतना ही धराशाई करने का काम करते हैं.

कही ये बात
राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने कहा कि पिछली बार जब केंद्रीय मंत्री नकवी जी आये थे. इस दो महीने के बीच में भी यह कुछ करा नहीं पाए. इसलिए हमें यह बात कहनी पड़ रही है. जब राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख से पूछा गया कि उन्होंने यह सब किसके लिए कहा तो उन्होंने कहा कि जो वहां पर थे वो समझ गए होंगे। इससे पहले शिलान्यास किया गया था तो केंद्रीय मंत्री यहां मौजूद थे, उन्होंने भी जल्द सड़क निर्माण के लिए कहा था.उसके बाद भी काम नहीं हुआ. पहले भी कई बार कहा गया लेकिन उनके न करने की वजह से आज यह बात कहनी पड़ी.

Rampur: तालाब सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट में 3 करोड़ की लूट की जांच के लिए HC ने गठित की SIT

Rampur: तालाब सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट में 3 करोड़ की लूट की जांच के लिए HC ने गठित की SIT

Allahabad High Court News: यूपी के रामपुर जिले के पनवडिया गांव के तालाब के सुंदरीकरण की योजना में सरकारी धन की लूट पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अख्तियार किया है. कोर्ट ने 3 करोड़ के घोटाले की जांच के लिए SIT गठित करने के निर्देश दिया है.

SHARE THIS:

प्रयागराज. उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले (Rampur) के पनवडिया गांव के तालाब के सौंदर्यीकरण (Pond Beautification Project) की योजना में सरकारी धन की लूट पर इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) ने कड़ा रुख अख्तियार किया है. हाई कोर्ट ने तालाब‌ की उपयोगिता का परीक्षण किए बगैर 7.96 करोड़ रुपये की मंजूरी और 3 करोड़‌ की किश्त जारी कर हड़प कर छोटे अधिकारियों को बलि का बकरा बनाने पर ब्यूरोक्रेसी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं. कोर्ट ने नीचे से ऊपर तक के अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए SIT गठित करने का निर्देश दिया है.

प्रमुख सचिव शहरी योजना एवं विकास की अध्यक्षता में डीआईजी मुरादाबाद की दो सदस्यीय टीम गठित की गई है. कोर्ट ने एसआईटी से प्रोजेक्ट का डीपीआर तैयार होने से लेकर योजना की मंजूरी तक की रिपोर्ट मांगी है. धन के खर्च के घपले की शुरुआत से अंत तक की जांच छह माह में पूरी करने का निर्देश दिया है. हाई कोर्ट ने 18 अक्टूबर को रिपोर्ट मांगी है. कोर्ट ने सरकारी धन की लूट पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पहले अनुपयोगी योजना तैयार कर मंजूरी दी, फिर ब्लेम गेम करते हुए जांच बैठा कर चार छोटे अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए पल्ला झाड़ लिया. 3 करोड़ रुपए के स्कैम के जवाबदेह रामपुर व लखनऊ के बड़े अधिकारी भी है.

300 लाख खर्च करने के बाद प्रोजेक्ट रोक दिया गया

कोर्ट ने प्रोजेक्ट के कनिष्ठ अभियंता सरफराज फारूक की पुलिस रिपोर्ट पेश होने या 90 दिन के लिए अग्रिम जमानत मंजूर कर ली है. यह आदेश जस्टिस राहुल चतुर्वेदी की एकल पीठ ने दिया है. कोर्ट ने कहा 3 करोड़ खर्च करने के बाद प्रोजेक्ट रोक दिया गया. टैक्सपेयर्स का पैसा नौकरशाही के गलत फैसले के कारण हड़प लिया गया. तालाब नगर की सीमा से बाहर है. फिर भी डीपीआर नगर पालिका परिषद के  अधिशासी अधिकारी ने तैयार किया. सरकार में बैठे बड़े अधिकारियों ने बगैर जांच के मंजूरी दे दी. 40 फीसदी कम होने के बाद जिलाधिकारी ने एडीएम के नेतृत्व में जांच कमेटी बना दी. उसने भारी घपले का खुलासा किया. कहा- प्रोजेक्ट की कोई उपयोगिता नहीं है. प्लांट भी एक दूसरे से काफी दूर है. घपला 2016-17 का है. एफआईआर 2019 में नायब तहसीलदार ने लिखाई. चार छोटे अधिकारियों को नामजद किया.

बिना प्रोजेक्ट के मंजूरी की हाई लेवल जांच होनी चाहिए 

सचिव पंचायती राज नोडल अधिकारी लखनऊ ने कहा बिना उपयोगिता के प्रोजेक्ट मंजूरी की हाई लेवल जांच होनी चाहिए. जांच टीम ने 27 मई 19 को रिपोर्ट पेश की. तब एफआईआर दर्ज कराई गई. कोर्ट ने जांच रिपोर्ट पर कोई टिप्पणी न करते हुए कहा कि छोटे अधिकारियों पर आपराधिक केस से अपेक्षित परिणाम नहीं मिलेगा. जब प्रोजेक्ट हो सही नहीं था तो डीपीआर तैयार कराने के लिए कौन जिम्मेदार है. फाल्टी प्रोजेक्ट की मंजूरी और किश्त का भुगतान करने की किसकी जवाबदेही है. इसका पता लगाया जाना चाहिए. प्रोजेक्ट अंदर में है, जनता के पैसे बर्बाद हो गये. सरकारी धन की लूट की. यह अक्षम्य पाप है. सरकारी नुकसान की जवाबदेही तय की जानी चाहिए.

रामपुर: सपा MP आजम खान और उनके बेटे पर बढ़ी मुश्किलें, दो पैन कार्ड बनवाने के मामले में आरोप तय

रामपुर: सपा MP आजम खान और उनके बेटे पर बढ़ी मुश्किलें, दो पैन कार्ड बनवाने के मामले में आरोप तय

UP Politics: दो पैन कार्ड (Pan Card) बनवाने का यह मुकदमा वर्ष 2019 में भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने दर्ज कराया था, जिसमें आरोप था कि विधानसभा चुनाव में अब्दुल्ला की उम्र 25 वर्ष से कम थी.

SHARE THIS:

रामपुर. समाजवादी पार्टी (SP) के सांसद आजम खान बेटे अब्दुल्ला आजम (Abdullah Azam) के खिलाफ दो पैन कार्ड बनवाने के मामले में आरोप तय हो गए हैं. सांसद आजम खान और बेटे अब्दुल्ला के खिलाफ दो जन्म प्रमाण पत्र के बाद अब दो पैन कार्ड बनाने के मामले में भी मुकदमा चलेगा. एमपी-एमएलए कोर्ट ने इस केस में शुक्रवार को आरोप तय कर दिए हैं. इस मामले में कोर्ट अब 31 अगस्त को सुनवाई करेगी. सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रामौतार सिंह सैनी ने बताया कि कोर्ट में दायर चार्जशीट पर सांसद के अधिवक्ता ने आपत्ति लगाई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था. कोर्ट ने सांसद आजम खान और उनके बेटे पर आरोप तय कर दिए हैं.

बता दें कि दो पैन कार्ड बनवाने का यह मुकदमा वर्ष 2019 में भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने दर्ज कराया था, जिसमें आरोप था कि विधानसभा चुनाव में अब्दुल्ला की उम्र 25 वर्ष से कम थी. सांसद ने फर्जीवाड़ा करके अब्दुल्ला का दूसरा पैन कार्ड बनवाया, जिसमें उम्र 26 साल दर्शा दी गई. पुलिस ने इस मामले में सांसद और उनके बेटे के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करना, षडयंत्र रचने आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था.

UP: माफिया मुख्तार अंसारी पर कसा शिकंजा, गाजीपुर प्रशासन ने अवैध सड़क पर चलवाया JCB

24 मार्च, 2015 को अब्दुल्ला का एक और पैन कार्ड (डीडब्ल्यूएपीके7513आर) बनवाया गया और इसमें उनकी जन्मतिथि 30 सितंबर, 1990 दर्ज करा दी गई. इस जन्मतिथि को तर्कसंगत बनाने के लिए 21 जनवरी, 2015 को लखनऊ नगर निगम से एक जाली जन्म प्रमाणपत्र बनवाया गया. नई जन्म तिथि के लिहाज से 2017 के विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होते समय अबदुल्ला की उम्र 26 साल हो गई.

रद्द हुई थी विधानसभा की सदस्यता
इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की विधानसभा की सदस्यता रद्द कर दी थी. अब्दुल्ला आजम स्वार सीट से विधायक चुने गए थे. कोर्ट ने चुनाव के दौरान दिए गए उनके हलफनामे में उम्र को गलत पाया है. इस मामले में साल 2017 में बहुजन समाज पार्टी (BSP) के नेता नवाब काजिम अली ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी.

Rampur News: घर से उठाकर नाबालिग से गैंगरेप, 5 के खिलाफ केस दर्ज

Rampur News: घर से उठाकर नाबालिग से गैंगरेप, 5 के खिलाफ केस दर्ज

Rampur Gangrape: कोतवाली में दी गई तहरीर में पीड़िता के पिता का आरोप है कि शनिवार रात परिवार के सभी सदस्य छत पर सो रहे थे, जबकि 14 वर्षीय पुत्री नीचे आंगन में सो रही थी. रात में करीब दो बजे गांव के ही पांच लोग घर में घुस आए और उनकी बेटी को उठा ले गए.

SHARE THIS:

रामपुर. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के रामपुर (Rampur) जिले के टांडा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में घर से किशोरी को उठाकर गैंगरेप (Gangrape) किए जाने का मामला सामने आया है. किशोरी के पिता की तहरीर पर पुलिस (Police) ने गांव के ही 5 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है. मामला अलग-अलग समुदाय से जुड़ा होने के कारण गांव में तनाव का माहौल है. इसे देखते हुए पुलिस अतिरिक्त सतर्कता भी बरत रही है.

कोतवाली में दी गई तहरीर में पीड़िता के पिता का आरोप है कि शनिवार रात परिवार के सभी सदस्य छत पर सो रहे थे, जबकि 14 वर्षीय पुत्री नीचे आंगन में सो रही थी. रात में करीब 2 बजे गांव के ही 5 लोग घर में घुस आए और नाबालिग बेटी के मुंह में कपड़ा ठूस कर उसे उठा ले गए. इसके बाद आरोपियों ने एक दुकान में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया. वारदात के बाद पांचों आरोपी किशोरी को बेहोशी की हालत में घर के बाहर फेंककर फरार हो गए. सुबह करीब चार बजे होश आने पर पीड़िता ने सो रहे परिजनों को इसकी जानकारी दी.

पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी वसीम, सानिब, नजीब, शफीक, नाजिम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है. सीओ धर्म सिंह मार्छल और कोतवाल प्रवेश कुमार चौहान ने मौके पर पहुंचकर तफ्तीश भी की. सीओ धर्म सिंह मार्छल ने बताया कि पिता की तहरीर पर किशोरी का मेडिकल कराया जा रहा है. मामला दो समुदाय से जुड़ा है, लिहाजा गांव के माहौल पर निगाह भी रखी जा रही है.

Load More News

More from Other District

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज