आजम खान को बड़ा झटका, जौहर यूनिवर्सिटी की 7 हेक्टेयर जमीन का पट्टा निरस्त

यह जमीन कोसी नदी क्षेत्र की रेत की जमीन है, जो सार्वजनिक उपयोग की भूमि है. जिसे 24 जून 2013 को 30 साल के लिए मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के संयुक्त सचिव नसीर अहमद खान के नाम से गलत तरीके से लीज पर दिया गया था.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 26, 2019, 10:55 PM IST
आजम खान को बड़ा झटका, जौहर यूनिवर्सिटी की 7 हेक्टेयर जमीन का पट्टा निरस्त
आजम खान के लिए बुरी खबर
News18 Uttar Pradesh
Updated: July 26, 2019, 10:55 PM IST
रामपुर से सपा सांसद आजम खान को एक के बाद एक झटके लग रहे हैं. इसी क्रम में उनके लिए एक और बुरी खबर है कि आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन का पट्टा निरस्त कर दिया गया है. उप जिलाधिकारी सदर प्रेम शंकर तिवारी की अदालत ने जौहर यूनिवर्सिटी की 7 हेक्टेयर जमीन के पट्टे को निरस्त कर दिया.

कोर्ट ने माना कि गलत रिपोर्ट के आधार पर लीज की जमीन ली गई थी. यह जमीन कोसी नदी क्षेत्र की रेत की जमीन है, जो सार्वजनिक उपयोग की भूमि है. जिसे 24 जून 2013 को 30 साल के लिए मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के संयुक्त सचिव नसीर अहमद खान के नाम से गलत तरीके से लीज पर दिया गया था.

बता दें कि 6 जून 2019 को निरीक्षण के दौरान तहसीलदार ने यह मामला पकड़ा था और उप जिलाधिकारी सदर के न्यायालय में वाद दायर कराया था. इसी पर सुनवाई करते हुए उप जिलाधिकारी ने यह पट्टा निरस्त किया है.

उधर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) किसी भी वक्त आज़म खान के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर सकता है. ईडी ने रामपुर पुलिस प्रशासन से सपा सांसद आज़म खान और अन्य के खिलाफ दर्ज 28 एफआईआर की डिटेल्स मांगी है. रामपुर पुलिस और प्रशासन अभी सभी एफआईआर की स्क्रूटनी कर रहा है. उनसे जुड़े कागजात और सभी आरोपियों की डिटेल्स भी बनाई जा रही है.

27 एफआईआर अलियागंज गांव के किसानों की शिकायत पर दर्ज की गई है, जिसमें आरोप लगा है आजम खान ने जौहर यूनिवर्सिटी में मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए इन किसानों की जमीन पर कब्जा किया है, जबकि 28वीं एफआईआर नदी किनारे यूनिवर्सिटी के लिए ही पांच हेक्टेयर जमीन पर कब्जे को लेकर की गई है.

आजम खान को झटका, चुकाने होंगे 3.27 करोड़

बता दें आजम खान के खिलाफ भूमाफिया घोषित किये जाने के बाद अब तक उन पर 27 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं. गुरुवार को उन्हें एक और झटका लगा. यूपी जिलाधिकारी सदर के न्यायालय ने आजम खान के मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के अंदर जा रहे सार्वजनिक मार्ग से अनधिकृत कब्जा हटाने के आदेश दिए हैं. उप जिलाधिकारी सदर रामपुर प्रेम प्रकाश तिवारी ने क्षतिपूर्ति के रूप में आजम खान पर 3 करोड़ 27 लाख 60 हज़ार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
Loading...

उप जिलाधिकारी सदर न्यायलय ने यह भी आदेश दिया है कि कब्जा मुक्त होने तक 9 लाख 10 हज़ार रुपये प्रतिमाह की दर से 15 दिन के अंदर वादी लोक निर्माण विभाग में जमा कराए. बता दें जौहर यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति आजम खान हैं और उनके ऊपर किसानों और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगा है. इस मामले में एसआईटी जांच भी जारी है.

कोर्ट ने खारिज किया यूनिविर्सटी का प्रार्थना पत्र

दरअसल, जौहर यूनिवर्सिटी गेट के मामले में उप जिलाधिकारी के न्यायालय में आज सुनवाई हुई. इस दौरान यूनिवर्सिटी की ओर से प्रार्थना पत्र दिया गया था कि जिला जज के न्यायालय में भी अर्जी लगाई गई थी, जो खारिज हो गई है. इसलिए हमें हाईकोर्ट जाने के लिए समय दिया जाए. कोर्ट ने उनकी इस अर्जी को खारिज कर दी है. अब इस मामले की एसडीएम कोर्ट से आदेश हुआ है कि यहां से कब्जा हटाया जाए. इस मार्ग के रास्ते ही जौहर यूनिवर्सिटी का मुख्य गेट बना हुआ है. लिहाजा अब जौहर यूनिवर्सिटी का गेट तोड़ा जाएगा. यह सड़क पीडब्ल्यूडी की है और इस पर गेट नही बन सकता.

 

ये भी पढ़ें:

किसी भी वक्त आजम खान पर दर्ज हो सकता है केस: ED

आजम खान को एक और झटका, टूटेगा जौहर यूनिवर्सिटी का गेट

अपने ड्रीम प्रोजेक्ट के लिए 'भूमाफिया' तक बन गए आजम खान

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए रामपुर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 26, 2019, 10:14 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...