नवजोत सिंह सिद्दू के पाक दौरे पर बोले आजम खान- गलत थे तो वीजा ही नहीं​ मिलना चाहिए था

आज़म खान ने कहा कि जिन लोगों ने राम जानकी रथ चलाकर देश को लहूलुहान किया, उन्होंने जिन्ना की मजार पर जाकर माथा टेका. आज के पीएम नवाज़ शरीफ़ की सालगिरह में बिना सिक्योरिटी क्लियरेंस के गए.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 22, 2018, 12:31 PM IST
नवजोत सिंह सिद्दू के पाक दौरे पर बोले आजम खान- गलत थे तो वीजा ही नहीं​ मिलना चाहिए था
आजम खान. Photo: News 18
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Updated: August 22, 2018, 12:31 PM IST
उत्तर प्रदेश के रामपुर में ईद-उल-अजहा की नमाज़ अदा करने के बाद बुधवर को समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने कहा कि चुनाव के लिए जो लोग माहौल में जहर फैला रहे हैं, उन्हें शिकस्त देना है. फासिस्ट ताकतों को दूर भगाकर अच्छा हिंदुस्तान बनाना है. नवजोत सिंह सिद्दू के पाकिस्तान दौरे पर आज़म खान ने कहा कि भारत सरकार ने परमिशन दी थी, अगर ये उनका काम गलत था तो उन्हें वीजा नहीं मिलना चाहिए था.

आज़म खान ने कहा कि जिन लोगों ने राम जानकी रथ चलाकर देश को लहूलुहान किया, उन्होंने जिन्ना की मजार पर जाकर माथा टेका. आज के पीएम नवाज़ शरीफ़ की सालगिरह में बिना सिक्योरिटी क्लियरेंस के गए. आजम खान ने कहा कि पीएम मोदी अगर शॉल और आम लेकर जाएं तो उन्हें भी जायज नहीं कहा जा सकता.

बता दें कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू को पाकिस्तान जाकर इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत करना और वहां के आर्मी चीफ कमर बाजवा से गले मिलना महंगा साबित हो रहा है. मुजफ्फरपुर, कानपुर के बाद अब वाराणसी में भी सिद्धू के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज हुआ है.

वाराणसी के एसीजेएम-9 की कोर्ट में अधिवक्ता कमलेश चंद्र त्रिपाठी की शिकायत पर धारा 121A, 124A और 511 के तहत मामला दर्ज हुआ है. अधिवक्ता त्रिपाठी ने अपने शिकायत में कहा है कि सिद्धू के पाकिस्तानी सेनाध्यक्ष से गले मिलने पर देश के सैनिकों का मनोबल घटा है. साथ ही इससे पाकिस्तानियों का मनोबल बढ़ा है. एसीजेएम-9 की कोर्ट अब इस मामले में 23 अगस्त को अगली सुनवाई होगी. इससे पहले कानपुर कोर्ट में नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ ये परिवाद दर्ज हुआ है. मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को तय हुई है. कानपुर के अधिवक्ता प्रियान्शू सक्सेना ने ये परिवाद दर्ज कराया है.

उधर नवजोत सिंह सिद्धू ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सफाई दी है. उन्होंने पत्रकारों के बीच कहा, "इससे पहले भी शांति की कोशिशें हो चुकी हैं. दिवंगत वाजपेयी जी भी 'दोस्ती बस' लेकर लाहौर गए थे और मुशर्रफ को बुलाया था. पीएम मोदी ने शपथ समारोह में नवाज शरीफ को बुलाया था और अचानक लाहौर गए थे." उन्होंने कहा कि इमरान ख़ान के दोस्त की हैसियत से वह पाकिस्तान गए थे और इसे बेवजह तूल देना गलत है.

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