किसी भी वक्त आजम खान पर दर्ज हो सकता है केस: ED

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) किसी भी वक्त आज़म खान के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर सकता है. ईडी ने रामपुर पुलिस प्रशासन से सपा सांसद आज़म खान और अन्य के खिलाफ दर्ज 28 एफआईआर की डिटेल्स मांगी है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 25, 2019, 5:08 PM IST
किसी भी वक्त आजम खान पर दर्ज हो सकता है केस: ED
किसी भी वक्त आजम खान पर दर्ज हो सकता है केस: ED. (फाइल फोटो)
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Updated: July 25, 2019, 5:08 PM IST
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) किसी भी वक्त आज़म खान के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर सकता है. ईडी ने रामपुर पुलिस प्रशासन से सपा सांसद आज़म खान और अन्य के खिलाफ दर्ज 28 एफआईआर की डिटेल्स मांगी है. इन सभी एफआईआर को रामपुर पुलिस गुरुवार शाम तक ईडी को सौंप सकती है. रामपुर पुलिस और प्रशासन अभी सभी एफआईआर की स्क्रूटनी कर रहा है. उनसे जुड़े कागजात और सभी आरोपियों की डिटेल्स भी बनाई जा रही है.

27 एफआईआर अलियागंज गांव के किसानों की शिकायत पर दर्ज की गई है, जिसमें आरोप लगा है आजम खान ने जौहर यूनिवर्सिटी में मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए इन किसानों की जमीन पर कब्जा किया है, जबकि 28वीं एफआईआर नदी किनारे यूनिवर्सिटी के लिए ही पांच हेक्टेयर जमीन पर कब्जे को लेकर की गई है.

आजम खान को एक और झटका, चुकाने होंगे 3.27 करोड़

बता दें आजम खान के खिलाफ भूमाफिया घोषित किये जाने के बाद अब तक उन पर 27 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं. गुरुवार को उन्हें एक और झटका लगा. यूपी जिलाधिकारी सदर के न्यायालय ने आजम खान के मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के अंदर जा रहे सार्वजनिक मार्ग से अनधिकृत कब्जा हटाने के आदेश दिए हैं. उप जिलाधिकारी सदर रामपुर प्रेम प्रकाश तिवारी ने क्षतिपूर्ति के रूप में आजम खान पर 3 करोड़ 27 लाख 60 हज़ार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

उप जिलाधिकारी सदर न्यायलय ने यह भी आदेश दिया है कि कब्जा मुक्त होने तक 9 लाख 10 हज़ार रुपये प्रतिमाह की दर से 15 दिन के अंदर वादी लोक निर्माण विभाग में जमा कराए. बता दें जौहर यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति आजम खान हैं और उनके ऊपर किसानों और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगा है. इस मामले में एसआईटी जांच भी जारी है.

कोई ने खारिज किया यूनिविर्सटी का प्रार्थना पत्र

दरअसल, जौहर यूनिवर्सिटी गेट के मामले में उप जिलाधिकारी के न्यायालय में आज सुनवाई हुई. इस दौरान यूनिवर्सिटी की ओर से प्रार्थना पत्र दिया गया था कि जिला जज के न्यायालय में भी अर्जी लगाई गई थी, जो खारिज हो गई है. इसलिए हमें हाईकोर्ट जाने के लिए समय दिया जाए. कोर्ट ने उनकी इस अर्जी को खारिज कर दी है. अब इस मामले की एसडीएम कोर्ट से आदेश हुआ है कि यहां से कब्जा हटाया जाए. इस मार्ग के रास्ते ही जौहर यूनिवर्सिटी का मुख्य गेट बना हुआ है. लिहाजा अब जौहर यूनिवर्सिटी का गेट तोड़ा जाएगा. यह सड़क पीडब्ल्यूडी की है और इस पर गेट नही बन सकता.
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आज आदेश हुआ है कि 15 दिन के भीतर जौहर यूनिवर्सिटी मार्ग से कब्ज़ा हटा लें. इसके अलावा 3 करोड़ 27 लाख 60 हज़ार रुपए क्षतिपूर्ति के तौर पर जौहर यूनिवर्सिटी द्वारा जमा कराने का आदेश भी दिया. साथ ही 9 लाख 10 हज़ार रुपये प्रति माह मुकदमा चलाने के दिन से भी जमा करने के आदेश दिए गए हैं.

पीडब्लूडी ने दाखिल किया था वाद
बता दें कि जिस जगह पर मुख्य द्वार बना है वह 11.500 किलो मीटर रोड पीडब्ल्यूडी का है. इसके रास्ते में जौहर यूनिवर्सिटी ने अपना मुख्य द्वार बना लिया है. इसके चौड़ीकरण का कार्य भी पीडब्ल्यूडी ने किया है. पीडब्ल्यूडी ने ही एसडीएम कोर्ट में इसके खिलाफ वाद दायर किया था. जिसमें जौहर यूनिवर्सिटी के चांसलर आज़म खान को नोटिस भी हुआ था. आज़म खान ने इस केस को ट्रांसफर करने की अपील भी की थी, लेकिन वो अर्जी खारिज हो गई थी. इस मामले में 24 जुलाई को आजम खान पक्ष जवाब भी दाखिल नहीं कर सके. बल्कि उनके द्वारा केस ट्रांसफर की अपील की गई. जिसको जिला जज ने खारिज कर दिया. अब इस मामले में एसडीएम कोर्ट का फैसला आया है.

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First published: July 25, 2019, 4:44 PM IST
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