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उत्‍तर प्रदेश के पूर्व शिक्षा मंत्री नेपाल सिंह का हार्ट अटैक से निधन
Rampur News in Hindi

News18Hindi
Updated: May 22, 2020, 6:00 PM IST
उत्‍तर प्रदेश के पूर्व शिक्षा मंत्री नेपाल सिंह का हार्ट अटैक से निधन
भाजपा नेता नेपाल सिंह पांच बार विधायक भी रहे.

उत्तर प्रदेश के पूर्व माध्यमिक शिक्षा मंत्री और रामपुर के पूर्व सांसद नेपाल सिंह (Nepal Singh) का हार्ट अटैक (Heart Attack) की वजह से निधन हो गया है.

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रामपुर. उत्तर प्रदेश के पूर्व माध्यमिक शिक्षा मंत्री और रामपुर के पूर्व सांसद डॉ. नेपाल सिंह ( Dr.Nepal Singh) का हार्ट अटैक (Heart Attack) की वजह से निधन हो गया है. लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे डॉ. नेपाल सिंह शुक्रवार को मुरादाबाद स्थित जिगर कॉलोनी के अपने आवास पर ही थे, लेकिन अचानक दोपहर में घबराहट हुई और फिर परिजन अस्‍पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया. आपको बता दें कि डॉ. नेपाल सिंह पहली बार वर्ष 1986 में बरेली-मुरादाबाद मंडल स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य चुने गए थे. वह पांच बार उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य बने तो यूपी सरकार में दो बार मंत्री भी रहे.

2014 लोकसभा चुनाव में रामपुर में बजा डंका
आजादी के बाद से रामपुर की लोकसभा सीट की गिनती मुस्लिम बहुल सीटों में होती रही है. यही वजह है कि 1952 से लेकर 1971 तक इस सीट पर कांग्रेस ने ही जीत दर्ज की. जबकि 1977 में भारतीय लोकदल के प्रत्याशी को यहां जीते मिली, लेकिन दोबारा कांग्रेस ने इसे हासिल कर लिया. ज़ुल्फिकार कुल 5 बार इस सीट से सांसद रहे. वहीं, 1991 और 1998 में इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की. मुख्तार अब्बास नकवी 1998 में यहां से जीते थे. इसके बाद सपा का दबदबा रामपुर में दिखने लगा. पहले जयप्रदा और फिर आजम खान ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली, लेकिन 2014 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान यहां यूपी के पूर्व शिक्षा मंत्री ने हर दावे को उलट दिया था. बीजेपी के नेपाल सिंह ने 37.5 फीसदी वोटों के साथ बाजी मारी थी. हालांकि उनकी जीत का अंतर 23,435 ही था.

इससे पूर्व वर्ष 1997 से 2002 उत्तर प्रदेश सरकार के आधीन माध्यमिक शिक्षा और भाषा मंत्री रहे. इसके अलावा वर्ष 2014 अन्य पिछड़ा वर्ग के कल्याण पर समिति के सदस्य चुने गए. इसी अवधि में नियम समिति के सदस्य चुने गए.



पांच बार बने विधायक (उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य )


12 अगस्‍त 1940 को नेपाल सिंह का जन्‍म उत्‍तर प्रदेश के अलीगढ़ के चंदौला में कृषक और प्रोफेसर (सेवानिवृत्त) रामकबाल सिंह के घर हुआ. मां श्रीमती दुर्गा देवी थी.  जबकि उन्‍होंने आगरा विश्वविद्यालय से कैमिस्‍ट्री में MSc करने के बाद पीएचडी की डिग्री हासिल की. 79 वर्षीय नेपाल सिंह का राजनीतिक अनुभव काफी लंबा रहा है और पहली बार वर्ष 1986 में बरेली-मुरादाबाद मंडल स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य चुने गए थे. जबकि उन्‍होंने ना सिर्फ पांच बार विधायक का चुनाव जीता बल्कि उत्‍तर प्रदेश सरकार में माध्यमिक शिक्षा मंत्री की जिम्‍मेदारी को बखूबी निभाया. इसके बाद उन्‍हें 2014 में भाजपा ने मुस्लिम सीट माने जाने वाली रामपुर के मैदान में उतारा और उन्‍होंने सबको चौंकाते हुए जीत हासिल कर ली. यही नहीं, ADR की रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल सिंह के पास कुल 2.71 करोड़ की संपत्ति है, इनमें से 1.78 करोड़ की अचल और बाकी चल संपत्ति है. जबकि उनकी जीवन संगिनी श्रीमती आदित्या हैं. जबकि दो बेटे और तीन बेटियां है, जो कि सभी विवाहित हैं. फिलहाल, उनका पूरा परिवार मुरादाबाद के जिगर कालोनी में रहता है.

आर्मी में तो रोज जवान मरेंगे, बयान बना था विवाद
जनवरी 2018 में बतौर रामपुर सांसद नेपाल सिंह ने आर्मी को लेकर विवादित बयान दिया था, जिसको लेकर उनकी खूब आलोचना हुई थी. नेपाल ने कहा था कि सेना में जवान तो रोज मरेंगे. सांसद जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए फिदायीन हमले में जान गंवाने वाले जवानों पर बयान दे रहे थे. जबकि वह यहीं नहीं रुके बल्कि सवाल पूछते हुए कहा कि ऐसा कोई देश है जहां सेना का जवान नहीं मरता हो, यहां तक कि गांव में झगड़ा हो जाता है, लट्ठबाजी हो जाती है, तो कोई न कोई घायल होता ही है. साथ ही उन्होंने सवाल पूछने वाले रिपोर्टर से कहा था कि कोई ऐसी दवाई या डिवाइस बताओ जिससे आदमी मरे ही न, अगर हो तो उसे भी लागू करवा दें. हालांकि जोरदार बवाल मचने के बाद उन्‍होंने माफी मांग ली थी.

 

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First published: May 22, 2020, 4:56 PM IST
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