आज़म खान के हमसफ़र रिसॉर्ट पर चल सकता है प्रशासन का बुलडोज़र

आरोप है कि अपने इस रिसॉर्ट के लिए उन्होंने सिंचाई विभाग के नाले की एक हजार गज जमीन पर अवैध कब्ज़ा कर रखा है. सिंचाई विभाग इस मामले में आजम खान को नोटिस भी जारी कर चुका है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 16, 2019, 9:10 AM IST
आज़म खान के हमसफ़र रिसॉर्ट पर चल सकता है प्रशासन का बुलडोज़र
आजम खान की मुश्किलें नहीं हो रही हैं कम
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Updated: August 16, 2019, 9:10 AM IST
रामपुर से सांसद और समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आज़म खान (Azam Khan) पर प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है. पहले भू-माफिया घोषित किया गया, फिर जौहर यूनिवर्सिटी (Jauhar University) के मुख्य द्वारा को ध्वस्त करने का आदेश मिला. अब जिला प्रशासन आज़म खान के लग्ज़री हमसफर रिसॉर्ट (Hamsafar Resort) पर बुलडोजर चलाने की तैयारी है. आरोप है कि अपने इस रिसॉर्ट के लिए उन्होंने सिंचाई विभाग के नाले की 1000 गज जमीन पर अवैध कब्ज़ा कर रखा है. सिंचाई विभाग इस मामले में आज़म खान को नोटिस भी जारी कर चुका है.

जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिह ने बताया कि हमसफ़र रिसॉर्ट में 1000 गज जमीन पर कब्जा किया गया है. यह जमीन पसियापुरा शुमाली से बड़कुसिया नाले की है. नाले पर कब्जे से पानी निकासी में दिक्कत हो रही है. सिचाई विभाग की ओर से अवैध कब्जा हटाने के लिए नोटिस दिया गया है. अगर इसे नहीं हटाया गया तो बुलडोजर से तोड़ दिया जाएगा. रिसॉर्ट के पास ही पार्किंग के लिए भी अवैध कब्जा किया गया है. इसका मुकदमा एसडीएम की कोर्ट में चल रहा है.

मुलायम सिंह ने किया था लोकार्पण
बता दें कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में आज़म खान ने इस लग्ज़री हमसफ़र रिसॉर्ट का निर्माण करवाया था. आज़म खान के घर से तीन किलोमीटर दूर स्थित करोड़ों की लागत से बने इस रिसॉर्ट का लोकार्पण पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने किया था.

hamsafar resort
करोड़ों की लागत से बना है हमसफ़र रिसार्ट


जौहर यूनिवर्सिटी की एक और जांच SIT को सौंपी
इससे पहले आज़म के जौहर यूनिवर्सिटी के मामले में 1 और मुश्किल आ गई है. यूनिवर्सिटी के अंदर 13.842 हेक्टेयर शत्रु संपत्ति का मामला सामने आया है. जिसको लेकर जिला प्रशासन की संस्तुति (सिफारिश) पर शासन ने एसआईटी को जांच सौंप दी है.
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जौहर यूनिवर्सिटी के गेट को तोड़ने का आदेश
आज़म खान जौहर यूनिवर्सिटी के संस्‍थापक और चांसलर हैं. इस यूनिवर्सिटी को लेकर पहले भी एसआईटी की जांच हुई है. बता दें कि हाल ही में यूपी जिलाधिकारी सदर के न्यायालय ने आज़म खान के मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के अंदर जा रहे सार्वजनिक मार्ग से अवैध कब्जा हटाने के आदेश दिए थे. उप-जिलाधिकारी सदर रामपुर प्रेम प्रकाश तिवारी ने क्षतिपूर्ति के रूप में आज़म खान पर 3 करोड़ 27 लाख 60 हज़ार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

उप-जिलाधिकारी सदर न्यायलय ने यह भी आदेश दिया है कि कब्जा मुक्त होने तक 9 लाख 10 हज़ार रुपये प्रति माह की दर से 15 दिन के अंदर वादी लोक निर्माण विभाग में जमा कराए. आज़म खान पर किसानों और सरकारी जमीन के अवैध कब्जे का आरोप लगा है. इस मामले में एसआईटी जांच जारी है.

(इनपुट: विशाल सक्सेना)

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First published: August 16, 2019, 8:48 AM IST
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