लाइव टीवी

रामपुर उपचुनाव: आज़म खान के किले को भेदने के लिए BJP ने झोंकी ताकत, SP के पास 'Sympathy Card'

Amit Tiwari | News18 Uttar Pradesh
Updated: October 11, 2019, 11:54 AM IST
रामपुर उपचुनाव: आज़म खान के किले को भेदने के लिए BJP ने झोंकी ताकत, SP के पास 'Sympathy Card'
पति आजम खान के किले को बचाने के लिए तजीन फात्मा मैदान में हैं.

समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) की बात करें तो वह आजम खान के खिलाफ जिला प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ लोगों की सहानुभूति को कैश कराकर अपने किले को बचाने की उम्मीद लगाए बैठी है.

  • Share this:
रामपुर. आज़म खान (Azam Khan) के लोकसभा सांसद निर्वाचित होने के बाद खाली हुई रामपुर (Rampur) शहर की सीट पर 21 अक्टूबर को मतदान होना है. आज़म का अभेद्य किला माने जाने वाली इस सीट को जीतने के लिए बीजेपी (BJP) संगठन और सरकार दोनों ने पूरी ताकत लगा दी है. गुरुवार को बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह (Swatantra Dev Singh) ने पार्टी के प्रत्याशी भरत भूषण के समर्थन में सभाएं की. तो वहीं आगामी 18 अक्टूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) खुद प्रचार के मैदान में उतर रहे हैं.

वहीं समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) की बात करें तो वो आज़म खान के खिलाफ जिला प्रशासन की कार्रवाई को लेकर लोगों की सहानुभूति को कैश कराकर (भुनाते) अपने किले को बचाने की उम्मीद लगाए बैठी है. यही वजह है कि एसपी ने आज़म खान की परंपरागत सीट से उनकी पत्नी तजीन फातिमा को मैदान में उतारकर मुकाबला दिलचस्प बना दिया है. चुनाव प्रचार की कमान भी आज़म खान और उनके परिवार के पास है, ताकि जिला प्रशासन की कार्रवाई को हथियार बनाकर वो मतदाताओं की सहानुभूति बटोर सकें.

इस सीट पर बीजेपी का नहीं खुला है खाता

बीजेपी के लिए यह सीट (रामपुर शहर) प्रतिष्ठा का प्रश्न बना हुआ है. लोकसभा चुनाव 2019 में यहां हार का बदला लेने के लिए पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी है. इतना ही नहीं वो यह सीट जीतकर आज़म के खिलाफ हो रही कार्रवाई को जनता का समर्थन साबित करने की भी कोशिश में है. यह सीट बीजेपी के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां अभी तक बीजेपी का कमल नहीं खिला है. वर्ष 1996 को छोड़कर आज़म खान यह सीट कभी नहीं हारे. समाजवादी पार्टी और आज़म खान को भरोसा है कि जिस तरह राज्य सरकार लगातार उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है, सहानुभूति का फायदा उनके परिवार के ही सदस्य को मिलेगा. लिहाजा आज़म की पत्नी तजीन फातिमा चुनाव मैदान में हैं.

उपचुनाव में सपा के लिए अपनी सीट को बचाने की चुनौती

यूपी की जिन 11 विधानसभा सीटों पर 21 अक्टूबर को उपचुनाव होना है उनमें से रामपुर सीट ही ऐसी है जो पहले समाजवादी पार्टी के पास थी. समाजवादी पार्टी इस सीट को हर हाल में जीतकर कार्यकर्ताओं का मनोबल बरकरार रखने की कोशिश में है. यही वजह है कि आज़म खान की अनिच्छा के बाद भी पार्टी ने उनके परिवार के ही सदस्य को टिकट दिया है. अब आज़म खान और उनके परिवार के ऊपर ही इस सीट को बचाने की जिम्मेदारी भी है. एसपी प्रत्याशी डॉ. तजीन फातिमा के मुताबिक वो जिला प्रशासन की गैर कानूनी कार्रवाई और अपने लोगों को इंसाफ दिलाने के लिए यह लड़ाई लड़ रही हैं.

रामपुर शहर में करीब चार लाख मतदाता
Loading...

रामपुर विधानसभा सीट पर 3,90,725 मतदाता हैं. इनमें 2,11,536 पुरुष और 1,79,158 महिलाएं शामिल हैं. मुस्लिम बाहुल इस सीट पर समाजवादी पार्टी का हमेशा से दबदबा रहा है. वर्ष 2017 में हुए यूपी विधानसभा उपचुनाव में एसपी के आज़म खान इस सीट से विजयी रहे थे, जबकि बीजेपी के शीव बहादुर सक्सेना दूसरे और बीएसपी के डॉक्टर तनवीर अहमद तीसरे नंबर पर रहे थे.

ये भी पढ़ें:

हरियाणा विधानसभा चुनाव: चार चुनावी जनसभाओं को संबोधित करेंगे CM योगी आदित्यनाथ

अपराधियों को शरण देने वाले अखिलेश को कानून व्यवस्था पर बोलने का हक नहीं- BJP

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए रामपुर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 11, 2019, 11:28 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...