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रामपुर: आजम खान के हमसफ़र रिसोर्ट पर साढ़े पांच लाख का जुर्माना, 15 दिनों में वसूली के आदेश

आजम खान के हमसफ़र रिसोर्ट पर कम्पोस्ट के गड्ढों को कब्जाने का आरोप। लगा जुर्माना
आजम खान के हमसफ़र रिसोर्ट पर कम्पोस्ट के गड्ढों को कब्जाने का आरोप। लगा जुर्माना

Rampur News: हमसफर रिसोर्ट में खाद के गड्ढों की भूमि को कब्जाने के मामले में बेदखली और जुर्माने का आदेश पारित करते हुए वसूली के लिए 15 दिन का समय दिया है.

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रामपुर. समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के वरिष्ठ नेता और रामपुर (Rampur) से सपा सांसद आजम खान (Azam Khan) ही नहीं उनके परिवार की संपत्ति भी अब सरकार के निशाने पर है. आजम खान की पत्नी और रामपुर नगर विधायक तजीन फात्मा और उनके बेटों की निजी संपत्ति हमसफर रिसोर्ट (Humsafar Resort) पर रामपुर के तहसीलदार सदर कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. हमसफर रिसोर्ट में खाद के गड्ढों की भूमि को कब्जाने के मामले में बेदखली और जुर्माने का आदेश पारित करते हुए वसूली के लिए 15 दिन का समय दिया है. 15 दिन बाद इस मामले पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

सपा सांसद आजम खान की शहर से विधायक पत्नी तजीन फात्मा का पसियापुरा शुमाली मैं हमसफर रिसोर्ट बना है. जिसकी शिकायत की गई थी कि उसमें खाद के गड्ढों को हमसफ़र रिसोर्ट ने क़ब्ज़ा कर लिया है. यह मामला तहसीलदार कोर्ट में चल रहा था. अब इस मामले में एक बड़ा आदेश हुआ है. हमसफर रिसोर्ट को 15 दिन का समय दिया गया है. इस 15 दिन में बेदखली और जुर्माना वसूली का आदेश दिया गया है.

सुनवाई के दौरान आजम की तरफ से कोई नहीं हुआ पेश 
बता दें आदेश के मुताबिक हमसफर रिसोर्ट ने पसियापुर शुमाली गांव के गाटा संख्या 164 में 380 वर्ग मीटर खाद के गड्ढे पर कब्जा किया है. इस तरह हमसफ़र रिसोर्ट ने एक करोड़ छह लाख चालीस हज़ार का राजस्व नुकसान पहुंचाया है, जिसमें पांच प्रतिशत दंड के आधार पर पांच लाख बत्तीस हज़ार जुर्माना लिया जाएगा. इस मामले में 19 फरवरी 2021 को  बहस हुई थी, जिसमें आजम खान की ओर से कोई भी नहीं पहुंचा. उसके बाद 22 फरवरी तक उन्हें अपना जवाब दाखिल करना था, लेकिन उन्होंने 22 फरवरी तक भी कोई जवाब दाखिल नहीं किया। लिहाज़ा कोर्ट ने मंगलवार को अपना फैसला सुनाया.




बीजेपी नेता ने की थी शिकायत 
इस मामले पर मुख्य शिकायतकर्ता और बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने बताया कि आजम खान का जो हमसफर रिसोर्ट है उसमें मेरे द्वारा जिलाधिकारी से यह शिकायत की गई थी कि सरकारी खाद के गड्ढे होते हैं, जिसमें गांव के लोग अपने घर का कूड़ा डालते हैं. आजम खान ने वे क़ब्ज़ा किया है. उसकी जांच की गई. जांच में आरोप सही पाया गया. तहसीलदार सदर के यहां यह वाद चल रहा था, उसमें आज निर्णय आया है कि सरकारी खाद के गड्ढों को खाली करवाया जाए. उसमें पांच लाख बत्तीस हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. आजम खान कहते थे उनके दामन पर दाग नहीं है. यह पांच लाख बत्तीस हज़ार जुर्माना साबित करता है कि उनके दामन पर दाग के सिवा कुछ है ही नहीं.

जांच में आरोप सही पाए गए 
वहीं इस मामले में सरकारी वकील कुलदीप पांडे ने बताया खाद के गड्ढे सरकारी भूमि होती है. इस मामले में लेखपाल और एसडीएम द्वारा निरीक्षण किया गया. निरीक्षण करने पर अवैध कब्जा पाया गया. उसकी पूरी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद माननीय न्यायालय द्वारा धारा 67 के तहत बेदखली का आदेश पारित हो गया है. खाद के गड्ढे जो सार्वजनिक उपयोग की भूमि होती है उस पर किसी तरह का कब्जा नहीं कर सकते. ये गवर्नमेंट प्रॉपर्टी है और गवर्नमेंट के लिए ही आरक्षित है प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अवैध कब्जा हटाया जाएगा.
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