जौहर यूनिवर्सिटी मामले में भड़के आजम खान बोले, 'हमारी जमीन है और हम ही चोर हैं'

सपा सांसद आजम खान ने कहा, अगर गेट तोड़ा जाएगा तो यह बहुत गैरकानूनी काम होगा क्योंकि मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर उनका स्वामित्व है. आजम खान ने तल्ख तेवर में कहा कि, ‘हमारी जमीन है और हम ही चोर हैं.’

News18 Uttar Pradesh
Updated: June 3, 2019, 12:24 PM IST
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के जय श्री राम बोलने वाले को जेल भेजने के बयान पर सपा के कद्दावर नेता और रामपुर के सांसद आज़म खान ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, “इसका जवाब तो वही देंगी. हम तो राम का भी एहतराम करते हैं सीता जी का भी करते हैं. हम तो सब का आदर करते हैं. हम अली का भी आदर करते हैं और बजरंगबली का भी करते हैं. वोट हमें कोई दे या ना दे, लेकिन आदर हम सबका करते हैं. किसने कितना वोट दिया है सारी लिस्ट हमारे पास है, लेकिन सांसद हम सबके हैं. काम हम सबके करते हैं, सबके करेंगे.”

वहीं साक्षी महाराज के ममता बनर्जी की तुलना हिरण्यकश्यप के खानदान से करने पर आजम खान ने कहा कि, ‘उन पर जो आरोप लगा है, अभी उसका फैसला नहीं हुआ है, जब वह बेगुनाह साबित हो जाएं, तब बढ़ कर बात करें’.

आज़म खां से लोकसभा चुनाव में सपा की कमजोर स्थिति को आगे कैसे सुधारेंगे के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि, ‘ये तो हमारे नेता लोग जो आदेश करेंगे  वैसा किया जाएगा, हम तो नेता हैं नहीं, केवल कार्यकर्ता हैं.’ वहीं सपा की स्थिति पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और मुस्कुरा कर बोले अब तो सब वक़्त गुज़र गया.

जौहर यूनिवर्सिटी मेरा स्वामित्व है: आजम खान

आजम खान
ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी का गेट तोड़े जाने का अंदेशा जताते हुए कहा ऐसा अन्याय जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती, वह यूनिवर्सिटी के लिए हो रही है लेकिन जिस दिन मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के दरवाजे पर बुलडोजर छूने भी जाएगा उसकी खबर पूरी दुनिया को देखने और सुनने को मिलेगी. आजम खान ने कहा अगर गेट तोड़ा जाएगा तो यह बहुत गैरकानूनी काम होगा क्योंकि विश्वविद्यालय पर उनका स्वामित्व है. जिस जमीन के बारे में लोग कह रहे हैं, वह जमीन उनकी खरीदी हुई जमीन है.

आजम खान ने तल्ख तेवर में कहा कि, ‘हमारी जमीन है और हम ही चोर हैं.’ आजम खान ने कहा कि हमने 23/02 /2007 को 40,23,696 रुपया जमा किया है जिसके एवज में 8.277 हेक्टेयर जमीन हमें दी जानी थी, जो मौके पर कम थी. तकरीबन 2 हेक्टेयर जमीन कम थी. आज़म खान ने बताया कि, “आईपीसी 332 में दर्ज हुए मुकदमे का जिक्र करते हुए कहा कि हम पर झूठा मुकदमा कायम हुआ है, इससे अंदाजा लगाएं कि हमारे ऊपर कायम किए गए बाकी मुकदमे कितने सच्चे होंगे. प्रोजेक्टर लगाकर पूरे उत्तर प्रदेश को दिखाएंगे ओर अगर हो सका तो हम स्पीकर से इजाजत मांगेंगे कि हम संसद में भी उस जुल्म की फिल्म दिखा सके जो रामपुर में जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार द्वारा किया जा रहा है. हमारा कोई काम फ़र्ज़ी नहीं है जो लोग हम पर इल्ज़ाम लगा रहे हैं वो लोग फर्जी हैं उनके इल्ज़ाम फ़र्ज़ी हैं, हमने ये ज़मीन उत्तर प्रदेश की सरकार से खरीदी है.”

कोसी नदी की जमीन पर अवैध कब्जा करने और सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप
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आजम खां पर कोसी नदी की जमीन पर अवैध कब्जा करने और सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप है. उनके साथ ही उनके विश्वविद्यालय के दो कर्मियों के खिलाफ भी केस दर्ज किया जा चुका है. आजम खान ने कहा कि, “हमें जो जमीन कम दी गई है हम वो लेंगे क्योंकि हमने उसका पैसा दिया है. वह जमीन हमें नहीं दे रहे हैं और उसी जमीन की तलाश के लिए ये गए थे. अगर नदी की कोई जमीन है तो उसकी नपत नदी से होगी क्योंकि नदी घटती बढ़ती रहती है हमारा मतलब सिर्फ इतना है कि हम से जो पैसा लिया गया है हमें उतनी जमीन दी जाए. हमारे साथ धोखा हुआ है उस धोखे की पूर्ति करें, हम न्याय चाहते हैं.”

रिपोर्ट – विशाल सक्सेना
First published: June 3, 2019, 8:11 AM IST
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