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वहां लड़ रहे Russia और Ukraine, यहां यूपी के इस शहर को हो रहा करोड़ों का नुकसान! जानें कैसे

वहां लड़ रहे Russia और Ukraine, यहां यूपी के इस शहर को हो रहा करोड़ों का नुकसान! जानें कैसे

यूक्रेन-रूस युद्ध से फिरोजाबाद की कांच इंडस्ट्री बुरी तरह प्रभावित होती दिख रही है. (सांकेतिक तस्वीर)

यूक्रेन-रूस युद्ध से फिरोजाबाद की कांच इंडस्ट्री बुरी तरह प्रभावित होती दिख रही है. (सांकेतिक तस्वीर)

Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध (Russia Ukraine War) और भी भयावह होता जा रहा है. यूक्रेन (Ukraine) पर रूस (Russia) का ताबड़तोड़ हमला जारी है. इसका असर न केवल वहां के जनजीवन से लेकर कारोबार में हो रहा है, बल्कि इस युद्ध के साइड इफेक्ट भारत में भी देखने को मिल रहे हैं. भले ही वहां यूक्रेन और रूस आपस में लड़ रहे हों, मगर इधर उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh News) को इससे काफी नुकसान हो रहा है. यूक्रेन-रूस युद्ध से फिरोजाबाद (firozabad) की कांच इंडस्ट्री पर बुरा असर पड़ा है और कुल 1200 करोड़ रुपए का नुकसान होता दिख रहा है.

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फिरोजाबाद: रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध (Russia Ukraine War) और भी भयावह होता जा रहा है. यूक्रेन (Ukraine) पर रूस (Russia) का ताबड़तोड़ हमला जारी है, वहीं यूक्रेन  से यूपी समेत देश के अलग-अलग हिस्सों के स्टूडेंट्स को निकालने की भी कोशिश जारी है. इस युद्ध का असर न केवल वहां के जनजीवन से लेकर कारोबार पर हो रहा है, बल्कि इस युद्ध के साइड इफेक्ट्स भारत में भी देखने को मिल रहे हैं. भले ही वहां यूक्रेन और रूस आपस में लड़ रहे हों, मगर इधर उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh News) को इससे काफी नुकसान हो रहा है. यूक्रेन-रूस युद्ध से फिरोजाबाद (firozabad) की कांच इंडस्ट्री पर बुरा असर पड़ा है और इससे कुल 1200 करोड़ रुपए का नुकसान होता दिख रहा है.

फिरोजाबाद की कांच इंडस्ट्री को आयात और निर्यात दोनों नजरिए से नुकसान सहना पड़ रहा है. दरअसल, कांच बनाने के लिए ऐसे कई केमिकल हैं जो केवल यूरोपीय देशों से ही आते हैं. मगर यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध की वजह से सप्लाई प्रभावित हुई है और इनके दामों में बड़ा उछाला आया है. एक अनुमान के अनुसार, यूक्रेन-रूस युद्ध की वजह से तकरीबन 200 करोड़ रुपए के ऑर्डर होल्‍ड पर डाल दिए गए हैं.

इतन ही नहीं, फिरोजाबाद में निर्मित कांच के उत्पाद अमेरिका, फ्रांस, इंग्लैड के अलावा यूरोप के 70 से अधिक देशों को सप्लाई किए जाते हैं. केवल फिरोजाबाद से कांच की अन्‍य वस्‍तुओं का कुल निर्यात 1200 करोड़ रुपये का है. मगर इस युद्ध की वजह से इन ऑर्डर के कैंसिल किए जाने का डर सता रहा है. अगर यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध विराम की घोषणा नहीं होती है तो फिर ये ऑर्डर कैंसिल हो सकते हैं और इस तरह से फिरोजाबाद की कांच इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगेगा.

बताया जा रहा है कि कांच से निर्मित बहुत सारे प्रोडक्ट के ऑर्डर इसी साल मार्च के अंत तक क्लियर करने थे, मगर युद्ध की वजह से ऑर्डर कैंसिल होने का खतरा बढ़ गया है. अगर ऐसा होता है तो यह कारोबार पूरी तरह नुकसान में चला जाएगा. रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को देखते हुए कारोबारियों में डर सता रहा है. बता दें कि कोरोना काल में यह इंडस्ट्री बुरी तरह प्रभावित हुई थी. मगर जैसे ही यह पटरी पर लौटने लगी थी, तभी यूक्रेन में रूस ने हमला कर दिया.

बता दें कि उत्तर प्रेदश में फिरोजाबाद के कांच के उत्‍पादों की पूरी दुनिया में धाक है. वहीं, उसे करीब 70 देशों से ऑर्डर मिलते हैं, जिसमें अमेरिका, फ्रांस, इंग्लैड, बेल्जियम, स्वीडन, हालैंड, ब्रिटेन, श्रीलंका, नेपाल, ऑस्ट्रेलिया, स्पेन, कनाडा, नीदरलैंड, डेनमार्क, जर्मनी, इटली आदि प्रमुख देश शामिल हैं. बता दें कि फिरोजाबाद के कारखानेदार 3500 करोड़ की लागत वाले कांच उत्पादों का हर साल निर्यात करते हैं. फिरोजाबाद की कांच इंडस्ट्री करीब दो लाख लोगों व कामगारों की आजीविका का मुख्य साधन है.

Tags: Firozabad News, Uttar pradesh news

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