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हड़बड़ी में निपटाया गया सहारा इंडिया का केस: आयकर निपटान आयोग

हड़बड़ी में निपटाया गया सहारा इंडिया का केस: आयकर निपटान आयोग

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

आयकर निपटान आयोग (आईटीएससी) ने स्वीकार किया है कि पिछले पांच साल में केवल सहारा इंडिया के मामले की इतनी जल्दी सुनवाई हुई है. आयोग ने ये भी कहा है कि सहारा इंडिया के केस में 90 दिनों का वक्त मिलने के बाद भी आयकर विभाग ने सही तरीके से छानबीन नहीं की.

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  • Pradesh18
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    आयकर निपटान आयोग (आईटीएससी) ने स्वीकार किया है कि पिछले पांच साल में केवल सहारा इंडिया के मामले की इतनी जल्दी सुनवाई हुई है. आयोग ने ये भी कहा है कि सहारा इंडिया के केस में 90 दिनों का वक्त मिलने के बाद भी आयकर विभाग ने सही तरीके से छानबीन नहीं की.

    अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की ओर से सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत पूछे गए सवाल के जवाब में माना है कि आयकर निपटान आयोग ने सहारा मामले की जांच में जल्दबाजी की है. आयोग ने केवलल तीन सुनवाई में ही सहारा डायरी केस में फैसला सुना दिया था.

    आईटीएससी ने 11 जनवरी को अपने जवाब में आयोग ने स्वीकार किया है कि सहारा इंडिया का केस पिछले पांच सालों में सबसे कम समय में निपटाए गए केसों में सबसे पहले नंबर पर है. इस फैसले के बाद ही सुप्रीम कोर्ट ने भी सहारा डायरी को सबूत मानने से मना कर दिया और जांच की मांग करने वाली जनहित याचिका ठुकरा दी.

    आयकर विभाग ने नवंबर 2014 में सहारा इंडिया के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान एक डायरी बरामद की थी, जिसमें कुछ नेताओं के नाम थे और उन्हें पैसे देने के बारे में लिखा हुआ था. आयोग ने इस डायरी को सबूत मानने से भी इनकार कर दिया है. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी इन्हें सबूत मानने से इनकार करते हुए जांच की मांग वाली पीआईएल याचिका खारिज कर दिया. हालांकि, अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कोर्ट को बताया कि आयोग के फैसले को चुनौती देना है या नहीं यह आयकर विभाग तय करेगा.

    Tags: Income tax

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