Lockdown Effect: सहारनपुर की हवा हुई इतनी साफ कि 200 किमी दूर हिमालय आने लगा नजर
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Lockdown Effect: सहारनपुर की हवा हुई इतनी साफ कि 200 किमी दूर हिमालय आने लगा नजर
सहारनपुर से लगभग 200 किमी दूर स्थित हिमालय की पर्वत श्रृंखलाएं साफ दिख रही हैं.

लॉकडाउन (Lockdown) के कारण सहारनपुर (Saharanpur) में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 40 से भी नीचे पहुंच गया है. इसके कारण सहारनपुर से लगभग 200 किमी दूर स्थित हिमालय (Himalay) की पर्वत श्रृंखलाएं साफ दिख रही हैं.

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सहारनपुर. कोविड-19 (COVID-19) से निपटने के लिए देशभर में 3 मई तक लॉकडाउन (Lockdown) लागू है. इसके चलते पर्यावरण और नदियां बहुत तेजी से स्वच्छ हो रहे हैं. सहारनपुर (Saharanpur) में वायु प्रदूषण बताने वाला वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 40 से भी नीचे पहुंच गया है. हवा में प्रदूषण के तौर पर उड़ने वाले कण गायब हो चुके हैं. यही वजह है कि अब बर्फ से ढकी पहाड़ियां, पर्वत श्रृंखलाएं साफ दिखाई देने लगी हैं. सहारनपुर आयकर विभाग के अधिकारी अशोक पुष्कर, जो सहारनपुर के देहरादून रोड स्थित नंद वाटिका कॉलोनी में रहते हैं, ने अपनी छत से यह खूबसूरत फोटोग्राफ्स खींचे हैं. ये पहाड़ियां एयर डिस्टेंस के हिसाब से 200 से 225 किलोमीटर दूर बताई जा रही हैं.

कहीं ना कहीं यह लॉकडाउन का असर है
इन फोटोग्राफ्स की सत्यता जानने के लिए News18 के रिपोर्टर अशोक पुष्कर के घर पहुंचे. रिपोर्टर उनको लेकर उसी स्थान पर गए जहां से उन्होंने फोटोग्राफ खींचे थे. ‘हमने उनकी छत का वो स्थान देखा, जहां से उन्होंने फोटो खींची थी, तो वह वही स्थान था जहां से उन्होंने अपने मोबाइल से वे फोटो खींचे थे. फोटो के बीच में जैसे पानी का टैंक, मोबाइल टावर दिखाई दे रहा था. सभी कुछ हमने वहां पाया. अशोक का कहना था कि इतना साफ मौसम उन्होंने पहले कभी नहीं देखा, कहीं ना कहीं यह लॉकडाउन का असर है.’

साल में एक हफ्ते का हो जाना चाहिए लॉकडाउन
इसके बाद हम एक और व्यक्ति जिसने यह फोटोग्राफ अपने कैमरे से खींचा था उनके पास पहुंचे. उनका नाम है ज्ञानेंद्र बाजपेई. बाजपेई ने अपनी छत से फोटोग्राफ खींची थी और एक वीडियो बनाया था. उन्होंने बताया कि रविवार की शाम वह छत पर अपने बेटे के साथ आए तो उन्हें ये पहाड़ियां नजर आईं. तब फटाफट वह अपना कैमरा उठाकर लाए और उन्होंने यह अद्भुत तस्वीरें अपने कैमरे से खींची.



200 किलोमीटर दूर हैं पहाड़ियां
ज्ञानेंद्र बाजपेई का कहना है कि इस प्रकार का लॉकडाउन साल में एक हफ्ते का हो जाना चाहिए जिससे कि पर्यावरण को साफ-सुथरा रखने में मदद मिले. हमने उनकी छत पर जाकर उस स्थान की पुष्टि की, जहां से उन्होंने फोटोग्राफ खींची थी और उनके डीएसएलआर कैमरे में भी वे फोटोग्राफ देखें. सब सच पाया. आपको बता दें शाम की बारिश के बाद खुले मौसम में चमक रही गंगोत्री की खूबसूरत पहाड़ियों की श्रृंखला को कैमरे में कैद किया गया है. ये पहाड़ियां एयर डिस्टेंस के हिसाब से 200 से 225 किलोमीटर दूर बताई जा रही हैं.

सहारनपुर से हिमालय की चोटियां दिखना दुर्लभ घटना
सहारनपुर से इस प्रकार से हिमालय की चोटियां दिखना दुर्लभ घटना ही मानी जाती है. हमने भी काफी साल पहले ये श्रृंखलाएं नंगी आंखों से देखी हैं और ये अक्सर तभी दिखाई देती हैं जब शाम के समय तेज बारिश के बाद पहाड़ों पर और जिले में मौसम एकदम साफ हो जाए और सूरज की चमक काफी कम हो. तभी ये हिमालय की श्रृंखलाएं दिखाई देती हैं, लेकिन अब लॉकडाउन के चलते पॉलूशन घटकर बहुत कम हो गया है, जिस कारण से पहले भी कभी इतना बढ़िया पर्यावरण नहीं हुआ होगा.

मसूरी के टॉप से दिख रही है गंगोत्री और यमुनोत्री की पर्वत श्रृंखला
सहारनपुर का एयर इंडेक्स 40 के करीब है. यानी यह सामान्य से भी बेहतर स्तर है. शून्य से पचास तक सबसे बेहतरीन माना गया है. वाकई ये कमाल हुआ है ऐसा ही कहना है- पवन मिश्रा,  सहायक वैज्ञानिक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सहारनपुर का. ‘खूबसूरत चोटियां दिख रहीं हैं. नीचे शिवालिक का जंगल है. ऊंचाई से देखेंगे तो त्रिभुज बना है, तो टॉप वाला पहले दिखता है. उसके नीचे डिस्टर्बेंस रहेगा जो शिवालिक की पहाड़ी है, फिर वैली दिखेगी और फिर टॉप दिखेगा. तस्वीर में मसूरी के टॉप से गंगोत्री और यमुनोत्री की पर्वत श्रृंखला तस्वीर में दिख रही है. हम निश्चित तौर पर तो यह नहीं कह सकते कि यह पर्वत श्रृंखलाएं गंगोत्री की ही हैं, लेकिन लगता यही है कि है उसी के आसपास की पर्वत श्रृंखलाएं हैं क्योंकि इस मौसम में बर्फ से सिर्फ वही पर्वत श्रृंखलाएं ढकी रहती हैं.

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