पूर्व बीजेपी विधायक शशि बाला पुंडीर ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से दिया इस्तीफा

शशि बाला पुंडीर 1991 से 1996 तक विधायक रह चुकी हैं, लेकिन कभी पार्टी छोड़ने की नहीं सोचा तक नहीं था. शशि बाला पुंडीर ने गुरूवार को अपने लेटरहेड पर प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय के नाम इस्तीफा लिखा है

News18 Uttar Pradesh
Updated: September 3, 2018, 7:13 AM IST
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सहारनपुर जिले से बीजेपी से पूर्व विधायक शशि बाला पुंडीर ने रविवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. एक ओर जहां बीजेपी हाईकमान 2019 लोकसभा चुनाव की तैयारी कर रही है और सूबे में 365 सीट जीतने का लक्ष्य निर्धारित किया है, ऐसे में पूर्व बीजेपी विधायक द्वारा पार्टी से इस्तीफा देना बीजेपी के लिए धक्का बताया जा रहा है.

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रिपोर्ट के मुताबिक देवबन्द से पूर्व बीजेपी विधायक रहीं शशि बाला पुंडीर ने इस्तीफे के बाद सूबे के सीएम योगी की मुखालफत में उतर आईं. उन्होंने कहा कि सीएम योगी की कार्यशैली और अधिकारियों की तानाशाही के चलते उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष को पार्टी से इस्तीफा सौंपा है. पूर्व बीजेपी विधायक के इस्तीफे से सहारनपुर की राजनीति हलचल मच गई है है.वहीं,पदाधिकारी और पार्टी कार्यकर्त्ता भी हैरान हैं.

शशिबाला ने प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडेय को लिखे इस्तीफे में लिखा है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अधिकारियों पर कोई कमांड नहीं है. मुख्यमंत्री को प्रशासनिक ज्ञान नहीं है, जिसके चलते अधिकारी उन्हें गुमराह करते आ रहे हैं. इतना ही नहीं, खुद उनके सचिवालय में उन्हें धोखा दिया जा रहा है.

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आपको बता दें कि शशि बाला पुंडीर की गिनती बीजेपी की कद्दावर नेताओ में गिनती होती है. पिछले कई दशक से वे बीजेपी कार्यकर्ता के रूप करती आ रही हैं. इतना ही नहीं, यूपी की 12वीं विधानसभा के लिए देवबंद सीट से चुनाव जीती थीं.

उल्लेखनीय है शशि बाला पुंडीर 1991 से 1996 तक विधायक रह चुकी हैं, लेकिन कभी पार्टी छोड़ने की नहीं सोचा तक नहीं था. शशि बाला पुंडीर ने गुरूवार को अपने लेटरहेड पर प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय के नाम इस्तीफा लिखा है.

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इस्तीफे में उन्होंने कहा कि उन्हें प्रदेश अध्यक्ष से कोई शिकायत नहीं है, लेकिन प्रदेश के मुख्यमंत्री  पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनसे प्रदेश की सरकार चल नहीं पा रही है. उन्होंने पत्र में लिखा है कि सूबे में  चारो और भ्रष्टाचार फैला हुआ है और सचिवालय में भी बगैर पैसा दिए जनता के काम नहीं हो रहे हैं.

(रिपोर्ट-देवेश त्यागी, सहारनपुर)

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