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UP News: सहारनपुर में पशु प्रजनन को बढ़ाने के लिए मिशन-75 AI का शुभारंभ, इन चीजों का रखें ध्यान

Saharanpur News: सहारनपुर में कृत्रिम गर्भाधान का शुभारंभ किया गया है. मिशन 75 कार्यक्रम के अर्न्तगत जनपद में कुल कृत्र ...अधिक पढ़ें

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    रिपोर्ट – निखिल त्यागी
    सहारनपुर: दुग्ध उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि कर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार ने विभिन्न योजनाओं के साथ-साथ पशु विकास संबंधी कार्यक्रम चलाया है. दुग्ध उत्पादन कृषकों की आय बढ़ाने और नस्ल सुधार करने को पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान कराया जाएगा. पशु प्रजनन को बढ़ाने को मिशन 75 AI का शुभारंभ किया गया है. पशु प्रजनन नीति में 70% यानी 75 लाख योग्य पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान कराया जाएगा.

    मिशन 75 कार्यक्रम के अर्न्तगत जनपद में कुल कृत्रिम गर्भाधान लक्ष्य परम्परागत वीर्य स्ट्राज से 86080 पशु चिकित्सालय 21520, पशु सेवा केन्द्र 21520, पशुमित्र/प्रा०ए०आई०वर्कर 43040 है. जिसमें लक्ष्य का 15 प्रतिशत कृत्रिम गर्भाधान आच्छादन अनिवार्य रूप से वर्गीकृत सीमेन से किया जाना है. जो जनपद हेतु 12912 है. इसके अर्न्तगत धनराशि 50 रूपये प्रति कृत्रिम गर्भाधान एवं 100 रूपये दिए जाएंगे.

    पशुओं की नस्ल को सुधारा जाएगा
    पशु चिकित्सा अधिकारी राजीव सक्सेना ने जानकारी देते हुए बताया. मिशन – 75 AI के नाम से एक कार्यक्रम 15 नवंबर से लांच किया गया है. जिसके अंतर्गत प्रदेश में 75 लाख पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान करना है. हमें अपने प्रदेश के पशुपालकों को उनके पशुओं की नस्ल को उन्नत नस्ल में सुधार करते हुए दुग्ध उत्पादन बढ़ाना है. साथ ही पशु पालकों की आय को दोगुना करना है. इस कार्यक्रम को हमें 100 दिन के अंदर पूर्ण करना है. वहीं उन्होंने बताया कि कृत्रिम गर्भाधान के लिए किसी भी पशुपालक से कोई भी पैसा नहीं लिया जाएगा. वहीं उन्होंने कहा कि इससे जो दूध में मिलावटी चीजें सामने आती है. उस पर भी रोक लगेगी.

    इन बातों का रखें खास ध्यान
    पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान कराते समय पशुपालकों को बहुत ही सचेत रहना चाहिए. पशु की एक-दो दिन संतुलित देखभाल से गर्भाधान की सफलता सुनिश्चित हो जाती है. पशुओं में उच्च शुक्राणु क्षमता का सीमेन प्रयोग कराना चाहिए. पशु के हीट होने के 24 घंटा बाद सीमेन चढ़ाया जाना चाहिए. सीमेन चढ़ाने के दो से तीन घंटा तक पशु को बैठने नहीं देना चाहिए. इस दौरान उनके आहार को लेकर भी व्यापक सावधानी बरतना चाहिए.

    Tags: Saharanpur news, UP news

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