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सहारनपुर के ड्रैगन फ्रूट की दिल्ली, चंडीगढ़ में मची धूम, किसान को हो रहा अच्छा मुनाफा

ड्रैगन फ्रूट की खेती से किसान को हो रहा है अच्छा मुनाफा.

ड्रैगन फ्रूट की खेती से किसान को हो रहा है अच्छा मुनाफा.

सहारनपुर में किसानों ने सब्जी, फल के अलावा अब ड्रैगन फ्रूट जैसी विशेष खेती शुरू कर दी है. जनपद सहारनपुर के गांव कलालहटी ...अधिक पढ़ें

    निखिल त्यागी/सहारनपुर. पश्चिमी उत्तर प्रदेश देश में मुख्यतः गन्ना, धान, गेंहू व सरसो जैसी परंपरागत खेती के लिए जाना जाता है. फसल का उत्पादन क्षमता बढ़ाने व खेती में खाद- उर्वरको की बढ़ती कीमतों के कारण किसानों की आय में कमी आ रही है. जिसकी वजह से अब किसानों ने इन मुख्य फसलों के अलावा खेती मे कुछ नया करना शुरू कर दिया है. जनपद में किसानों ने सब्जी, फल के अलावा अब ड्रैगन फ्रूट जैसी विशेष खेती शुरू कर दी है. जनपद सहारनपुर के गांव कलालहटी के प्रगतिशील किसान चांदवीर ने कैक्टस प्रजाति के ड्रैगन फूट की खेती शुरू कर एक नई पहल की है. इस पोषक तत्वों से भरपूर ड्रेगन फूट की खेती से किसान चांदवीर को अच्छी आय मिली है.

    जनपद का किसान अब कृषि में हो रहे नए विविधीकरण की ओर तेजी से रुख कर रहा है. ब्लॉक गंगोह के गांव कलालहटी के निवासी किसान चांदवीर ने करीब 12 बीघा जमीन में ड्रैगन फूट की खेती शुरुआत की है. चांदवीर ने बताया कि उसने 8 फ़ीट के अंतराल पर सीमेंट के पिलर लगाये औऱ पिलर के चारों ओर ड्रैगन फ्रूट के चार पौधे लगा दिए. तीन वर्ष पहले इस विधि द्वारा करीब 6 बीघा जमीन में उन्होंने 1600 पौधे लगाए थे.

    ड्रैगन फ्रूट से होने वाली आमदनी
    किसान चांदवीर ने बताया कि ड्रैगन फ्रूट के एक पौधे से सात से आठ किलो फल प्राप्त होता है. उन्होंने बताया कि फिलहाल ड्रैगन फ्रूट का बाजार भाव 120 से 150 प्रति किलो चल रहा है. उन्हें ड्रैगन फ्रूट की खेती करने का आइडिया गुजरात में इसकी खेती देखकर आया. ड्रैगन फ्रूट की दिल्ली, चंडीगढ़ व देहरादून आदि बड़े शहरों में अच्छी मांग है.

    उद्यान विभाग से मिलता है अनुदान
    जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि जनपद का उद्यान विभाग ड्रैगन फूट की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित कर रहा है. ड्रैगन फ्रूट की खेती करने के लिए उद्यान विभाग द्वारा किसान को एकीकृत मिशन के तहत 30 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक का अनुदान दिया जाता है. इसके अलावा प्राथमिकता के आधार पर खेत मे इपि एरीगेशन सिस्टम स्थापित किया जाता है. उन्होंने बताया कि ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरु करने में लागत खर्च अधिक आता है. उद्यान अधिकारी ने बताया कि ड्रैगन फ्रूट की खेती से किसान को प्रति एकड़ तीन से चार लाख रुपये की आय हो सकती है. उन्होंने बताया कि यह पौधा जनपद की जलवायु के अनुकूल है.

    फल एंटी ऑक्सीडेंट का काम करता है
    उद्यान अधिकारी ने बताया कि महंगा फल होने के कारण इससे किसान की आय बढ़ती है. इस फल में आयरन, विटामिन सी प्रोटोन, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट ड्रैगन फ्रूट मे भरपूर मात्रा मे पाया जाता है.

    Tags: Saharanpur news, Uttar pradesh news

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