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सहारनपुर महापंचायत में शामिल हुए राकेश टिकैत, कहा- कृषि कानून वापसी होने तक घर वापसी नहीं

सहारनपुर महापंचायत में राकेश टिकैत मंच पर पहुंचे तो वहां मौजूद किसानों ने उनके समर्थन में नारे लगाए

सहारनपुर महापंचायत में राकेश टिकैत मंच पर पहुंचे तो वहां मौजूद किसानों ने उनके समर्थन में नारे लगाए

बीकेयू के प्रवक्ता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने सहारनपुर महापंचायत के मंच से कहा कि सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी देनी होगी. अगर यह कानून अभी नहीं बना तो कभी नहीं बनेगा और किसान को कम मूल्य पर फसल बेचनी होगी

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 28, 2021, 4:21 PM IST
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सहारनपुर. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसानों की महापंचायत (Kisan Mahapanchayat) जोर पकड़ने लगी है. कभी राजनीतिक पार्टियां तो कभी किसान संगठन पंचायत कर नए कृषि कानूनों (Farm Laws) को वापस करने पर जोर दे रहे हैं. संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर रविवार को सहारनपुर के लाखनोर में महापंचायत आयोजित की जा रही है. इसमें किसान नेता और भारती किसान यूनियन (BKU) के प्रवक्‍ता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) भी शामिल हुए. किसान महापंचायत के मंच पर किसानों ने राकेश टिकैत का अलग तरीके से स्वागत किया. महापंचायत के मंच पर हर हर महादेव और अल्लाह हू अकबर के भी नारे लगे.

टिकैत ने मंच से अपने संबोधन में कहा कि युवा कि‍सान आंदोलन की रीढ़ है. सरकार ने हमारे लि‍ए पहले तारबंदी की फि‍र कंटीले तार लगाए. हमने कहा, इसके ऊपर दो रजाई डालो. सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी देनी होगी. अगर यह कानून अभी नहीं बना तो कभी नहीं बनेगा और किसान को कम मूल्य पर फसल बेचनी होगी. उन्होंने कहा कि जब तक तीन कानून की वापसी नहीं तब तक घर वापसी नहीं होगी.

वहीं समाजवादी पार्टी के नगर विधायक संजय गर्ग भी किसान पंचायत में पहुंचे और उन्होंने भी किसानों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि जिस तरह ईस्ट इंडिया कंपनी ने यहां 300 साल राज किया है, उसी तरह मोदी सरकार उद्योगपतियों के हाथों में देश सौंप देना चाहते हैं. सरकार को नया कानून लंबित नहीं पूर्ण रूप से निरस्त (रद्द) कर देना चाहिए. नई कमेटी बनाकर किसान के सहयोग से नया कानून बनाया जाए.



बीकेयू के पदाधिकारियों ने प्रशासन से महापंचायत की अनुमति पहले ही ले ली थी. इसके मद्देनजर पुलिस और प्रशासन को सुरक्षा के संबंध में निर्देशित किया गया था. जिसके बाद पुलिस अधिकारियों ने मोर्चा संभालते हुए महापंचायत में पुलिसबल तैनात की है. साथ ही यहां पीएससी बल भी तैनात की गई है. इसके अलावा ड्रोन कैमरे से भी निगरानी रखी जा रही है.
बता दें कि कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों के किसान दिल्ली के बॉर्डर पर बीते 26 नवंबर से धरना दे रहे हैं. उनकी मांग है कि केंद्र सरकार तीन कृषि कानूनों को अविलंब रद्द करे. सरकार और चालीस किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच ग्यारह दौर की वार्ता अब तक हो चुकी है लेकिन समस्या का हल नहीं निकल सका है.
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